क्या पाकिस्तान बंदा बनेगा?

January 17, 2019 Chander Mohan 0

पाकिस्तान के अंदर से आजकल भारत के प्रति कुछ सकारात्मक आवाज़ें निकल रही हैं। वज़ीर-ए-आज़म इमरान खान ने भी कहा है कि मुंबई पर 26/11/2008 के हमले के मामले से निपटना पाकिस्तान के हित में है। उनका कहना था कि  “हम भी चाहते हैं कि मुंबई पर बमबारी करने वालों के बारे कुछ किया जाए।“  इमरान खान साहिब यह “कुछ” कर सकेंगे या नहीं यह तो समय ही बताएगा, पर यह पहली बार है कि पाकिस्तान के शिखर पर किसी ने मुंबई के हमले में संलिप्तता स्वीकार की है और उसे आतंकी घटना बताया है। पाकिस्तान के पत्रकार हमीद मीर को आशा है कि नए साल में आतंक का अंत होगा और “दिल्ली से पेशावर, पेशावर से काबुल और काबुल […]

अबकी बार किस की सरकार? (Whose Government This Time?)

January 10, 2019 Chander Mohan 0

‘चोर’ – ‘चोर’ ,  ‘झूठा’ – ‘झूठा’ ,  ‘इस्तीफा दो’ – ‘इस्तीफा दो ‘। हम भारत के लोकतंत्र का जलूस निकलता देख रहें हैं। संसद में कागज़ के विमान चल चुके हैं गनीमत है कि अभी तक मामला धक्का-मुक्की या मार-पिटाई तक नहीं पहुंचा। पहले लोकसभा अध्यक्षों की ही तरह वर्तमान अध्यक्षा भी अराजक तत्वों के सामने बेबस नज़र आतीं हैं। बहुत पहले गद्दर पार्टी के नायक लाला हरदयाल ने ठीक ही कहा था कि  ‘पगड़ी अपनी संभालिएगा मीर, और बस्ती नहीं यह दिल्ली है!’   दिल्ली किसी की सगी नहीं। लेकिन दिल्ली में क्या होता है इसकी कहानी 555 किलोमीटर दूर लखनऊ में भी लिखी जा रही है जहां बुआ-भतीजे का गठबंधन हो रहा है। उत्तर प्रदेश देश को 80 […]

आकस्मिक और लाचार प्रधानमंत्री (Accidental and Ineffective PM)

January 3, 2019 Chander Mohan 0

वैसे तो देश में कई  ‘एक्सिडैंटल’  अर्थात आकस्मिक प्रधानमंत्री रहें हैं। सबसे प्रमुख नाम इंदिरा गांधी का है। अगर शास्त्रीजी का ताशकंद में देहांत न होता तो देश का राजनीतिक इतिहास ही कुछ और होता। न तब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनती और न ही दशकों एक परिवार का शासन रहता। सोनिया गांधी खुद प्रधानमंत्री क्यों नहीं बनी यह भी रहस्य की बात है क्योंकि वह पहले 1999 में प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षा प्रदर्शित कर चुकी थीं पर मुलायम सिंह यादव ने अडिंग़ा दे दिया। शायद इसी अनुभव को याद रखते हुए उन्होंने महत्वकांक्षाविहीन डॉ. मनमोहन सिंह को 2004 में प्रधानमंत्री घोषित कर दिया था। तब सोनिया गांधी की ‘कुर्बानी’ का बहुत प्रचार किया गया लेकिन बाद में स्पष्ट हो गया […]

हमें कैसा भारत चाहिए? (What kind of India do we want?)

December 27, 2018 Chander Mohan 0

पुरानी बात है। वरिष्ठ पत्रकार सैयद नकवी एक बार पाकिस्तान गए थे। जब वह स्वदेश लौटे तो उनसे पूछा गया कि आपको पाकिस्तान कैसा लगा? उनका जवाब था,  “बिलकुल अच्छा नहीं लगा। वहां तो मुसलमान ही मुसलमान भरे हुए हैं। मुझे तो ब्राह्मण भी चाहिए, सिख भी चाहिए, इसाई भी चाहिए, दक्षिण भारतीय भी चाहिए।“ वास्तव में यही अनेकता हमारी ताकत है। सारे भारत को एक ही विचारधारा में बांधने का प्रयास कभी सफल नहीं होगा क्योंकि सदियों से भारत अनेक और बहुरूप रहा है। पारसी और यहूदियों से लेकर तिब्बतियों तक को भारत माता ने अपनी गोदी में जगह दी है आप चाहे कितनी भी तकलीफ में हो। इसका सबसे बड़ा कारण है कि बहुमत का हिन्दू धर्म उदार […]

पिक्चर अभी बाकी है दोस्त! (The Picture is Not Finished Yet)

December 20, 2018 Chander Mohan 0

पिछले  कुछ दिन कांग्रेस के लिए अच्छे रहे। मध्यप्रदेश, राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ में उसकी सरकारें स्थापित हो गई हैं। पहले ही दिन मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दो लाख रुपए तक का किसान कर्जा माफ करने की घोषणा कर एक चुनावी वादा आंशिक पूरा कर दिया। यह रकम 30-35 हजार करोड़ रुपए बनती है जबकि प्रदेश का वार्षिक बजट 18000 करोड़ रुपए है। कमलनाथ जी कौन सी जादूगरी दिखाएंगे यह देखना होगा? जिस दिन नए मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलवाई गई उसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट का निर्णय आ गया और 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित मामले में कांग्रेस के बड़े नेता सज्जन कुमार को ताउम्र जेल की सजा दी गई। यह दंगे सदैव देश के माथे पर कलंक […]

भारत, न ‘कांग्रेस मुक्त’ न ‘भाजपा मुक्त’ (India Neither Congress Mukt nor BJP Mukt)

December 12, 2018 Chander Mohan 0

लोगों ने संतुलन कायम कर दिया। इन पांच राज्यों के परिणाम का अगर कोई संदेश है तो यह कि भारत की जनता को अपना विपक्ष चाहिए। वह एक पार्टी के भरोसे नहीं रहना चाहती क्योंकि बहुत संभावना है कि तब तानाशाही रवैया हावी हो जाता है जो हमने नोटबंदी के समय देखा भी जब लोगों की तकलीफों की चिंता किए बिना और बिना बहुत तैयारी किए कठोर आर्थिक कदम लोगों के गले उतारने की कोशिश की गई। सोचा नहीं कि इसका आम आदमी की जिंदगी पर कितना भयावह असर हो सकता है। 2014 में भाजपा के पास केवल 4 प्रदेश थे इन चुनावों से पहले 20 थे। 2014 के बाद हुए प्रादेशिक चुनावों में कांग्रेस केवल पंजाब और पुड्डेचेरी ही […]