मास्को में 50 साल बाद (In Moscow after 50 years)

October 5, 2017 Chander Mohan 0

मैं पहली बार मई 1967 में मास्को गया था। मेरी उम्र तब 21 साल की थी। मैं नई दिल्ली में यूएनआई में ट्रेनिंग ले रहा था कि उस वक्त के जनरल मैनेजर और प्रतिष्ठित पत्रकार कुलदीप नैय्यर ने मुझे और प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए चैकोस्लोवाकिया की राजधानी प्राग भेजा था। पूर्वी जर्मनी (उस वक्त)तथा सोवियत यूनियन की यात्रा हमारे प्रशिक्षण का हिस्सा था। इसलिए इस जुलाई में जब वहां जाने का मौका मिला तो देखना चाहता था कि इन 50 वर्षों में क्या कुछ बदल गया? बहुत कुछ बदल गया। शीत युद्ध समाप्त हो गया, चैकोस्लोवाकिया के दो हिस्से हो चुके हैं और सोवियत यूनियन का पतन हो गया। 25 दिसम्बर, 1991 को वहां कम्युनिस्ट शासन समाप्त हो गया […]

रोहिंग्या मुसलमान हमारी जिम्मेवारी नहीं (Rohingya Muslims Not Our Responsibility)

September 28, 2017 Chander Mohan 0

म्यांमार से भाग कर भारत में बसने का प्रयास कर रहे रोहिंग्या मुसलमानों के बारे भारत सरकार ने जो नीति अपनाई है वह देश हित में है और उससे असहमत नहीं हुआ जा सकता। सरकार का स्पष्ट कहना है कि यह शरणार्थी नहीं, अवैध प्रवासी हैं। हमें पहले अपने नागरिकों के बारे सोचना है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह शपथ पत्र भी दिया है कि देश के अंदर 40,000 रोहिंग्या मुसलमान देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। सरकार के इस स्पष्ट स्टैंड पर कई लैफ्ट-लिबरल उबल रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार का नज़रिया ‘नसली’ है। सरकार के इस तर्क को भी रद्द किया जा रहा है कि वह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। वकील प्रशांत […]

यहां तो बहुत कुछ गलत है (Many Things Are Wrong Here)

September 21, 2017 Chander Mohan 0

गुडग़ांव के रयान इंटरनैशनल स्कूल के 7 वर्ष के बच्चे प्रद्युम्न की स्कूल में चाकू से हत्या का मामला हरियाणा सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया है। वैसे भी जाट आंदोलन तथा राम रहीम के मामले में अक्षम ढंग से निबटने के बाद हरियाणा सरकार तथा पुलिस की विश्वसनीयता निम्नतम स्तर पर है लेकिन यह असली मसला नहीं है। असली मामला तो यह है कि हमारा समाज इतना विकृत क्यों हो गया है कि छोटे-छोटे बच्चे भी स्कूल में सुरक्षित नहीं हैं? बच्चे की हत्या के अगले ही दिन दिल्ली के एक और स्कूल में पांच वर्ष की बच्ची के साथ बलात्कार हो गया। सारा देश स्तब्ध है। लोग अपने बच्चे स्कूल भेजने से घबराते हैं। कई छोटे बच्चे टॉयलेट […]

चीन और न्यू इंडिया (China and New India)

September 14, 2017 Chander Mohan 0

धीरे-धीरे आगे बढ़ने के बारे घबराने की जरूरत नहीं। घबराहट एक जगह स्थिर खड़े रहने के बारे होनी चाहिए। – चीनी मुहावरा डोकलाम पर विवाद फिलहाल शांत हो गया है। दोनों भारत तथा चीन की सेनाएं पुरानी जगह पर पहुंंच चुकी हैं। चीन ने सडक़ बनाने का प्रयास छोड़ दिया। चीन का कहना था कि अगर कोई विवाद है तो भूटान के साथ है पर आखिर उन्हें मामला भारत के साथ निबटाना पड़ा। टाईम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार खुद चीनी अधिकारियों ने वहां स्थित भारतीय राजदूत विजय गोखले से सम्पर्क स्थापित किया था। गोखले उस वक्त हांगकांग में थे। उनसे निवेदन किया गया कि वह तत्काल बीजिंग आ जाएं। उनके सुबह 2 बजे वापिस पहुंचने के बाद बातचीत […]

वायुमंडल में आगे विक्षोभ है (Turbulence Ahead)

September 7, 2017 Chander Mohan 0

निर्मला सीतारमण देश की नई रक्षामंत्री बन गई हैं। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर ऐसा कदम उठाया है जिससे देश चकित रह गया है पर यह वह निर्णय है जिसका देश में भारी स्वागत किया गया है। इंदिरा गांधी रक्षामंत्री तब बनी थी जब वह प्रधानमंत्री थी। इस प्रकार निर्मला सीतारमण पहली महिला रक्षामंत्री कही जा सकती है। उनकी प्रतिभा, उनकी मेहनत, ईमानदारी तथा विवेक की कदर की गई है। उनके साथ पीयूष गोयल तथा धमेंन्द्र प्रधान जैसों का कद बढ़ा कर प्रधानमंत्री ने भाजपा की नई पीढ़ी को जिम्मेवारी सौंपनी शुरू कर दी है जिस तरह पहले अटल-आडवाणी, वैंकेया नायडू, सुषमा स्वराज, अरुण जेतली जैसे लोगों को आगे लाए थे। सहयोगी पार्टियों की परवाह नहीं की गई। पर पिछले […]

राजधर्म या बाबाधर्म? (RajDharma or BabaDharma)

August 31, 2017 Chander Mohan 0

“जो राजा न्याय नही देता, अन्याय देख कर चुप रहता है, राजधर्म नहीं निभाता, दंडे की नीति नहीं बनाता, वह राजा शीघ्र अपने राज्य को पतन की ओर ले जाने वाला होता है।” ईसा पूर्व तीसरी सदी में चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री चाणक्य द्वारा दी गई यह चेतावनी आज भी प्रासंगिक है। जिस तरह गुरमीत राम रहीम के मामलों को लेकर हरियाणा की सरकार अपना दायित्व निभाने से भाग उठी उससे सारे उत्तर भारत में अफरातफरी फैल गई। ट्रेनें रद्द, स्कूल-कालेज बंद, इंटरनैट ठप्प और आखिर में 38 लोग मारे गए। सिर्फ इसलिए कि खट्टर सरकार ने राजधर्म निभाने से इंकार कर दिया था। दुनिया में कहीं भी ऐसी मिसाल नहीं मिलेगी जहां एक बलात्कारी के कारण सेना को बुलाना […]