जहां गुडिय़ा भंग की जाती है (Where Gudiya is Violated)

August 24, 2017 Chander Mohan 0

उसकी अपनी उम्र गुडिय़ा से खेलने की है पर 10 वर्ष की आयु में वह मां बन चुकी है। उसे मालूम नहीं कि उसने बच्ची को जन्म दिया है। पिता ने उसे बताया कि पेट में पत्थरी थी इसलिए आप्रेशन किया गया। क्योंकि उसका नाजुक शरीर प्रसव पीड़ा सह नहीं सकता था इसलिए प्रीमैच्योर डिलिवरी करवाई गई। क्या घोर अनर्थ है! नवजात का बाप उसकी मां का मामा है जो उस बच्ची से लगातार बलात्कार करता रहा। अच्छी खबर केवल यह है कि नवजात को गोद लेने के लिए बहुत से लोग आगे आ रहे हैं लेकिन यह कैसा समाज है जहां मामा ने 10 वर्ष की भानजी को ही गर्भवती बना दिया? कैसे-कैसे राक्षस यहां मौजूद हैं? अभी तो […]

कैसे बनेगा ‘न्यू इंडिया’? (Is ‘New India’ Possible?)

August 17, 2017 Chander Mohan 0

यह लेख मैं 15 अगस्त को लिख रहा हूं। प्रधानमंत्री मोदी लाल किले से अपना चौथा भाषण दे हटें हैं। प्रधानमंत्री का भाषण अच्छा था लेकिन पिछले भाषणों जैसा प्रभावशाली नहीं था। इस देश को संभालने तथा वायदे पूरे करने का बोझ किसी को भी थका सकता है। उन्होंने 2022 तक ‘न्यू इंडिया’ लाने की बात कही। क्या यह संभव हो सकेगा? यह स्वतंत्रता दिवस है भी ऐतिहासिक क्योंकि हम अपनी आजादी के सात दशक पूरे कर गए हैं। इसी आजादी के बारे राम प्रसाद बिस्मिल जिन्हें दिसम्बर 1927 में फांसी दी गई थी, ने लिखा था, कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे, जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा! अब 70 वर्ष से अपनी जमीन […]

क्या बहिष्कार होना चाहिए? (Should We Boycott?)

August 10, 2017 Chander Mohan 0

चीन की धौंस जारी है। उन्होंने समझा नहीं था कि भारत डोकलाम में इस तरह अड़ जाएगा। चीन की आर्थिक तथा सैनिक क्षमता बहुत बढ़ चुकी है। विशेष तौर पर उनके राष्ट्रपति शी जिनपिंग समझते हैं कि वह दिन लद गए जब चीन को दूसरों की संवेदना की चिंता करनी चाहिए उलटा शी समझते हैं कि दूसरों को चीनी साम्राज्य के उत्थान के मुताबिक अपने को ढालना चाहिए। इस बीच भारत ने चुनौती दे दी है जो वह पचा नहीं पा रहे इसलिए रोजाना उनका मीडिया या अधिकारी हमें धमकियां दे रहे हैं। अभी तक उनके सरकारी अखबार ग्लोबल टाईम्स में 20 लेख भारत को 1962 का सबक सिखाने से संबंधित प्रकाशित हो चुके हैं। मोदी सरकार के लिए विदेश […]

आया कुमार, गया कुमार (Aya Kumar Gaya Kumar)

August 3, 2017 Chander Mohan 0

हमारे राजनेता कितने अवसरवादी हैं और उनकी अंतरात्मा कितनी लचीली है इसका एक बार फिर प्रमाण उन नीतीश कुमार ने दे दिया जिन्हें कभी कुछ लोग 2019 में नरेंद्र मोदी का विकल्प समझते थे। लेकिन इस मौसम के मुर्गे ने दीवार पर लिखा अच्छी तरह से पढ़ लिया कि विपक्ष के कथित महागठबंधन का कोई भविष्य नहीं और उन्हीं नरेंद्र मोदी तथा उसी भाजपा के सामने समर्पण कर दिया जिन्हें कभी वह गालियां दिया करते थे यहां तक कि अपने घर बुला कर भाजपा के नेताओं का भोज रद्द कर दिया क्योंकि इसमें तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले थे। आज उसी भाजपा के समर्थन से वह बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं जिस पर कहा […]

लोकतन्त्र का जश्न (Celebration of Democracy)

July 27, 2017 Chander Mohan 0

कानपुर के परौख गांव के कच्चे घर में कभी रहने वाले रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति बन गए हैं और 340 कमरे वाले राष्ट्रपति भवन की शोभा बढ़ाएंगे। उनका राष्ट्रपति बनना हमारे लोकतंत्र का जश्न है कि जिस व्यक्ति ने बचपन गुरबत में गुजारा वह देश के पहले नागरिक बन गए हैं। उन्होंने बताया भी है कि बारिश के समय उनकी फूस की छत से पानी टपकता था। उन्होंने भावुक होकर सवाल भी किया है कि आज भी कितने रामनाथ कोविंद बारिश में भीग रहें होंगे? पर उनका राष्ट्रपति बनना ही ऐसे लोगों के सामने आशा की किरण तथा एक बढ़िया मिसाल होगी कि अगर आप चरित्रवान हैं, प्रतिभावन हैं और समर्पित हैं तो आप कहीं भी पहुंच सकते […]

तेरी बरबादियों के मशवरे है आसमानों में (Gathering Clouds)

July 20, 2017 Chander Mohan 0

महबूबा मुफ्ती के बाद ममता बैनर्जी ने भी केन्द्र को चीन के हमारे मामले में दखल के प्रति आगाह किया है। महबूबा ने तो कश्मीर में अशांति के लिए चीन को सीधा जिम्मेवार ठहराया है। अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले ने एक बार फिर स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। यह नहीं कि पहले हमले नहीं हुए थे। 2000 में पहलगाम में 30 यात्री मारे गए लेकिन इस बार की घटना अधिक गंभीर है क्योंकि पहले ही हालात नाजुक हैं। जम्मू-कश्मीर के आईजीपी मुन्नीर खान ने सेना, सीआरपीएफ तथा सरकार को चेतावनी दी थी कि ‘‘आतंकी गुट द्वारा सनसनीखेज हमले की संभावना को रद्द नहीं किया जा सकता।’’ इस सूचना के बाद यह हमला कैसे हो गया? सारा […]