उत्तर प्रदेश का विभाजन होना चाहिए, UP Needs To Be Divided

June 17, 2021 Chander Mohan 0

कांग्रेस के जितिन प्रसाद जो राहुल गांधी के मित्रों में भी गिने जातें हैं, भाजपा में शामिल हो गए हैं। राहुल गांधी के लिए यह  व्यक्तिगत आघात है कि वह अपने मित्रों को भी सम्भाल नहीं सके। ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले पार्टी छोड़ चुकें हैं और सचिन पायलेट और मिलिंद देवड़ा बेचैन हैं। पार्टी को कमजोर करने में पार्टी के कथित हाईकमान ने भी कसर नही छोड़ी। आख़िर दो साल से पार्टी अध्यक्ष का चुनावलटक रहा है। राहुल गांधी अध्यक्ष के सभी अधिकार सम्भाले हुए हैं पर ज़िम्मेवारी उनकी नही है। वह सही मुद्दे उठातें है पर ट्विटर के बल पर राजनीति नही हो सकती। यहां तो ममता बैनर्जी स्टाईल स्ट्रीट-पॉलिटिक्स सफल रहता है। लेकिन भाजपा को भी जितिन प्रसाद को […]

विनाश काले विपरीत बुद्धि Madness in Bengal

December 17, 2020 Chander Mohan 0

यूनानी नाटककार युरीपाइडिस जो ट्रैजिडी लिखते थे ने लिखा है, ‘जिन्हें देवता नष्ट करना चाहें उन्हें वह पहले पागल बना देते हैं’। अपनी देसी भाषा में हम इसे ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ भी कह सकतें हैं। जिस तरह उनके पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के क़ाफ़िले पर हमला किया गया,उसे करवाने वालों की मति भ्रष्ट होने के सिवाय और क्या कहा जाएगा? पत्थरों और ईंटों से उनके क़ाफ़िले पर हमला किया गया और पुलिस मूक दर्शक बनी रही। मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी की प्रतिक्रिया कि यह सब नौटंकी है, बताती है कि राजनीतिक हिंसा को वह कितना हल्का लेती हैं। यह बहुत कड़वा और दुर्भाग्य पूर्ण सत्य है कि राजनीतिक हिंसा बंगाल की राजनीति का हिस्सा […]

सबसे बदतमीज़ चुनाव (Most Abusive Election)

May 22, 2019 Chander Mohan 0

आज चुनाव परिणाम आ जाएंगे। जैसी चुनौतियां देश के आगे हैं हमें मज़बूत सरकार चाहिए। अर्थ व्यवस्था की हालत बहुत अ‘छी नहीं है मंदी के संकेत हैं। निर्यात गिर रहें हैं। अमेरिका तथा चीन के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो चुकी है। अमेरिका तथा ईरान के बीच जो तनातनी है वह भी खतरनाक दिशा ले सकती है। खाड़ी क्षेत्र में लाखों भारतीय रहते हैं जो अरबों डॉलर देश को भेजते हैं। ऐसी नाजुक स्थिति में दिल्ली में कोई घपला सरकार घातक सिद्ध हो सकती है। पर यह अलग बात है। इस वक्त तो हम अपने इतिहास के सबसे बुरे चुनाव से गुज़र कर हटें हैं। यह एक बदतमीज़ और बेसुरा चुनाव था जहां सब नेता अपनी-अपनी मर्यादा की लक्ष्मण रेखा […]