साहिलों में उठता तूफां (AAP: Rising Storm)

May 11, 2017 Chander Mohan 0

पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के आरोपों से आप लड़खड़ा गई है। चारों तरफ अफरातफरी का माहौल है। कपिल मिश्रा का आरोप है कि उनके सामने सत्येन्द्र जैन ने केजरीवाल को 2 करोड़ रुपए दिए थे। मुख्यमंत्री के एक रिश्तेदार के लिए 50 करोड़ रुपए का सौदा किया गया था। लेकिन उल्लेखनीय है कि कपिल मिश्रा ने अपने आरोपों का कोई सबूत अभी तक सार्वजनिक नहीं किया। मिश्रा का यह भी आरोप है कि पंजाब चुनाव में शराब, पैसे तथा लड़कियों का इस्तेमाल किया गया लेकिन यहां भी कोई सबूत नहीं दिया गया। लेकिन यह परिपाटी तो खुद केजरीवाल ने कायम की थी। वह भी बिना सबूत के आरोप लगाने में माहिर हैं। ‘मैंने सुना है’, ‘मुझे बताया गया’, ‘पीएमओ से […]

शिकारी खुद शिकार हो गया! (The Hunter is Hunted)

September 6, 2016 Chander Mohan 0

आप से दुत्कारे नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना आवाज-ए-पंजाब मोर्चा बना लिया है। इस मोर्चे में शामिल वह चार लोग हैं जिनकी बादल विरोधी छवि है। अभी तक कोई स्पष्टता नहीं कि पार्टी की विचारधारा क्या होगी, कौन इसके सदस्य होंगे? इतने कम समय में संगठन कैसे खड़ा होगा? 117 सीटों पर उम्मीदवार कहां से आएंगे? साधन कहां हैं? आदत के अनुसार सिद्धू दम्पति मामले को लटकाए रखे हुए है। घोषणा किश्तों में की जाती है पर ऐसी सिद्धू दम्पति की राजनीति है। वह सब कुछ रहस्यमय रखना पसंद करते हैं। अभी तो इनका भविष्य अनिश्चित नजर आता है। एक समय मनप्रीत बादल की भी बड़ी अच्छी छवि थी। जब उन्होंने अकाली दल छोड़ा तो समझा गया कि पंजाब की […]

इफतार की सियासत (Politics of Iftar)

July 5, 2016 Chander Mohan 0

रमज़ान के दौरान इफतार जो भाईचारा बढ़ाने तथा अपने से कमज़ोर लोगों के साथ मेलजोल का मौका है, को हमारे लाजवाब नेताओं ने राजनीति का इवेंट बना दिया है। विशेष तौर पर दिल्ली में इफतार पार्टी का आयोजन एक बड़ी सैक्युलर कवायद बन गई है। किसने पार्टी दी है, कौन-कौन इसमें हाजिर हुआ, कौन नहीं आया, बड़ा राजनीतिक बयान भी बन गया। कांग्रेस पार्टी इफतार का आयोजन करती रही। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इफतार पार्टी देते रहे जबकि परम्परा के अनुसार तो इफतार पर ‘पार्टी’ बनती ही नहीं। रोज़ा तोड़ने के बाद खजूर तथा सेवेइयां के सेवन की जगह इन बड़ी पार्टियों में कबाब, मुगलई खाना तथा गोश्त पलाव खाने का मौका बन गया। ऐसी कथित इफतार पार्टियों से आम […]

pugdi apanee sumbaliyega, yeh dilli he

June 16, 2015 Chander Mohan 0

पगड़ी अपनी संभालिएगा, यह दिल्ली है दिल्ली बेवफा है, बेपरवाह है, बेरहम है, यह सब जानते हैं। सदियों से इसका यह इतिहास रहा है। नए लोग आते हैं, नए प्रसंग उठते हैं, नई साजिशें रची जाती हैं पर दिल्ली का स्वभाव नहीं बदलता। जो खुद को शक्तिशाली समझते हैं उन्हें भी आइना दिखा दिया जाता है। अरविंद केजरीवाल का हश्र देखिए। किस तरह सबको धमकाते रहे। सोचा था मैं दिल्ली का मालिक हूं कुछ भी कर सकता हूं कोई मुझे चुनौती नहीं दे सकता पर अब मालूम पड़ गया कि वह अपनी मर्जी का एक अफसर भी नहीं लगा सकते। अधिकार ही नहीं है। अब कभी राष्ट्रपति भवन गुहार लगाने पहुंचते हैं तो कभी गृहमंत्रालय। जब पहले जीतेन्द्र तोमर पर […]