• Author with Sh. Atal Bihari Vajpayee

इतिहास दोहराया जा रहा है

July 4, 2013 0

इतिहास दोहराया जा रहा है स्वर्ण मंदिर परिसर में बनाया गया ‘यादगार शहीदां’ गुरूद्वारा जरनैल सिंह भिंडरावाला को समर्पित है। इसका निर्माण कार्य भिंडरावाला की दमदमी टकसाल को देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल तथा शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख अवतार सिंह मक्कड़ ने वायदा किया था कि यह केवल ब्लूस्टार आप्रेशन में मारे गए बेकसूर लोगों की यादगार होगी। उस वक्त भी सवाल उठा था कि ब्लूस्टार के 29 वर्ष के बाद ऐसी किसी यादगार की जरूरत क्यों है? बादल साहिब ने तब विधानसभा में वायदा किया था कि यह एक धार्मिक स्मारक होगा जो किसी व्यक्ति विशेष को समर्पित नहीं होगा। अवतार सिंह मक्कड़ और श्री अकालतख्त के जत्थेदार साहिब ने भी यही बात दोहराई […]

क्या कंजक-पूजन भी बंद होगा यहां?

July 4, 2013 0

क्या कंजक-पूजन भी बंद होगा यहां? 16 दिसम्बर को दिल्ली में दामिनी के साथ गैंगरेप की घटना के बाद एक बार फिर राजधानी में एक बच्ची के साथ पड़ोसी द्वारा बलात्कार तथा उसे दो दिन बंधक बनाए रखने की घटना ने लोगों को आक्रोश से भर दिया है। राजनीतिक दल भी इन प्रदर्शनों में कूद पड़े हैं पर यह राजनीतिक मामला नहीं है। यह गंभीर सामाजिक समस्या है। ऐसी दरिंदगी बताती है कि समाज में बहुत गला सड़ा है, और यह बढ़ रहा है। 2001 से लेकर 2011 तक बच्चों से बलात्कार के मामलों में 300 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। जो मामले बताए नहीं गए उनकी संख्या बहुत बड़ी है। यह घटना उन दिनों की है जब […]

पूंछ बता रही है कि घोड़ा किधर चले!

July 4, 2013 0

पूंछ बता रही है कि घोड़ा किधर चले! नीतीश कुमार का धारावाहिक क्रन्दन जारी है। अब उन्होंने भाजपा को वर्षांत तक का समय दिया है कि वे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला करें। यह सलाह नहीं है, चेतावनी है। उनकी शर्त है कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार वह हो जो मौका आने पर तिलक भी लगाए और टोपी डालने को भी तैयार हो। बस, सैक्युलर अर्थात्ï धर्मनिरपेक्ष बनने के लिए इतना ही चाहिए? जो टोपी डालने को तैयार है वह सैक्यूलर हो गया? कबीर कह गए हैं कि कपड़ा रंगने से कोई जोगी नहीं बनता! फिर क्रास और कड़ा क्यों नहीं डालना चाहिए? क्या धर्मनिरपेक्षता की सारी कवायद तमाशों पर आधारित है? मिसाल के तौर पर जो नेता इफ्तार […]

ऐसे लोग अभी भी हैं?

July 4, 2013 0

ऐसे लोग अभी भी हैं? वाम मोर्चा पांचवी बार त्रिपुरा में चुनाव जीत गया है। जहां पश्चिम बंगाल में तीन दशकों की सत्ता के बाद लोगों ने उन्हें रद्द कर दिया, त्रिपुरा में मोर्चे को 60 में से 50 सीटें मिली है। इस भारी जीत के पीछे एक असाधारण राजनेता हैं। मेरा अभिप्राय वहां के मुख्यमंत्री माणिक सरकार से है जो सातवां चुनाव जीत गए हैं और चौथी बार मुख्यमंत्री बने हैं। माणिक सरकार के बारे इतना ही बताना काफी है कि वह देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री हैं। पिछले चुनाव में शपथपत्र में उन्होंने जयदाद में ‘शून्य’ भरा था। इस चुनाव में शपथपत्र के अनुसार उनके पास 10,800 रुपए हैं। उनके पास न अपना घर है, न जमीन है, […]

कुछ न समझें खुदा करे कोई!

July 4, 2013 0

कुछ न समझें खुदा करे कोई! मुलायम सिंह यादव की राजनीति क्या है, सारा देश समझने की असफल कोशिश कर रहा है। हाल ही के दिनों में उन्होंने यूपीए तथा कांग्रेस पर बहुत पुष्पवर्षा की है। कांग्रेस धोखेबाज है, धमकीबाज है, घोटालाबाज है। कहा कि कांग्रेस डरा कर समर्थन हासिल करती है फिर धोखा देती है, सीबीआई को पीछे डाल देती है। लेकिन नहीं, अभी नेताजी समर्थन वापिस नहीं लेंगे क्योंकि इनका फायदा ‘सांप्रदायिक ताकतों’ को होगा। यह अलग बात है कि पिछले कुछ दिनों में जिन्हें वे ‘सांप्रदायिक ताकतें’ कहते हैं, उनकी वे खूब तारीफ भी कर चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज सब की मुलायम सिंह यादव या उनकी पार्टी के लोग किसी न […]

इकबाल खत्म हो रहा है

July 4, 2013 0

इकबाल खत्म हो रहा है श्रीलंका में मानवाधिकारों के उल्लंघन तथा तमिलों पर हुए अत्याचार को लेकर द्रमुक ने केन्द्रीय सरकार से समर्थन वापिस ले लिया है। इधर उधर से समर्थन इकट्ठा कर सरकार तो चला ली जाएगी लेकिन इस सरकार का इकबाल तो खत्म हो गया है। ठीक है इस वक्त कोई भी चुनाव नहीं चाहता। द्रमुक ने भी कहा है कि वे सरकार गिराना नहीं चाहते। भाजपा का कहना है कि वे अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएंगे। लेकिन सरकार तो अस्थिर हो गई। बजट पारित करवा लिया जाएगा पर बाकी योजनाएं, प्रस्ताव या कानून पारित करवाना मुश्किल होगा। सरकार बिल्कुल सपा तथा बसपा पर निर्भर हो गई है। ये दोनों पार्टियां अपनी-अपनी कीमत वसूल करेंगी। मुलायम सिंह यादव जैसे […]

1 57 58 59 60 61 68