2024: रेस शुरू हो रही है, 2024: The Race Begins

August 17, 2023 Chander Mohan 0

जैसी सम्भावना थी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव गिर गया। विपक्ष का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बुलाना चाहते थे और मणिपुर के बारे विचार रखने के लिए मजबूर करना  चाहते थे। इनका यह सीमित लक्ष्य तो पूरा हो गया पर लोकसभा में लम्बी और कई बार उबाऊ बहस सुनने के बाद कह सकता हूँ कि दोनों विपक्ष और सत्तापक्ष ने ही देश के साथ न्याय नहीं किया। बहस के बाद यह अहसास है कि जैसे हम ख़ाली हाथ रह गए, कुछ भी प्राप्त नहीं किया।  राहुल गांधी ने उस समय भाषण दिया जब भारत जोड़ों यात्रा के कारण और जिस तरह हड़बड़ी में उनकी सदस्यता छीन ली गई थी और यहाँ तक […]

क्या कश्मीर में ‘कश्मीरियत’ बहाल होगी ?

August 10, 2023 Chander Mohan 0

पिछले लेख में मैंने अमरनाथ यात्रा का ज़िक्र किया था। अब तक लगभग 4 लाख यात्री दर्शन कर चुकें हैं। हर साल यात्रा का सफल आयोजन देश का संकल्प भी व्यक्त करता है। इस बार भी चप्पे चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात थे। यात्रा के कारण यातायात में भारी रूकावट भी आती है। श्रीनगर से पहलगाम के रास्ते में हमें एक घंटा अधिक लग गया क्योंकि जब यात्रा का क़ाफ़िला गुजर रहा होता है तो दूसरी तरफ़ से ट्रैफ़िक रोक दिया जाता है। यह रास्ता भी पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग के क्षेत्रों से गुजरता है जो आतंकवाद के लिए कुख्यात हैं इसलिए अत्यंत सावधानी बरती जाती है। पुलवामा विशेष तौर पर सुर्ख़ियों में रहा क्योंकि वहाँ फ़रवरी 2019 में हमारे […]

कश्मीर, एक बार फिर , Kashmir, Once Again

August 3, 2023 Chander Mohan 0

कश्मीर मैं पहली बार तब गया था जब बक्शी गुलाम मुहम्मद वहाँ ‘प्रधानमंत्री’ थे। शायद 1954-55 की बात है। बक्शी गुलाम मुहम्मद जो शेख़ अब्दुल्ला के उपप्रधानमन्त्री थे ने सदर-ए-रियासत डा. कर्ण सिंह की मदद से  शेख़ साहिब का तख्ता पलट दिया था और  उनकी जगह ले ली थी। शेख़ अब्दुल्ला 11 साल घर में नज़रबंद रहें क्योंकि वह कश्मीर की आज़ादी के सपने देखने लग पड़े थे। मैं दूसरी बार कालेज के दिनों में गया था  और श्रीनगर में फ़िल्म आरज़ू (राजेंद्र कुमार, साधना, फ़िरोज़ खान) की शूटिंग देखी थी। फिर 1978 में परिवार और दोस्तों के साथ श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम की यात्रा की थी। पहलगाम में हम  लिद्दर नदी के किनारे टैंट में रहे थे। उसके बाद […]

मणिपुर की चीत्कार: क्या कोई सुन रहा है? The Pain Of Manipur: Is Anyone Listening?

July 27, 2023 Chander Mohan 0

इस देश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार होते रहते हैं। यह केवल एक प्रदेश या एक क्षेत्र तक सीमित भी नहीं हैं पर  मणिपुर में दो महिलाओं के साथ जो हुआ वह तो पाशविकता और क्रूरता की हर हद  पार कर गया हैं। हम चरित्रहीनता के  सभी रिकॉर्ड पार कर गए हैं। 16 दिसम्बर 2012 का निर्भया कांड याद आता है अंतर यह है कि 4 मई को मणिपुर में जो घटा वह सारे देश ने देख लिया, और सारी दुनिया ने देख लिया। दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सरेआम घुमाया गया।  फिर एक के साथ खुलेआम गैंगरेप किया गया। एक पीड़िता ने बताया है कि पुलिस भीड़ के साथ थी और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। एक […]

क्या कोई सबक़ सीखा जाएगा?, Floods: Will We Ever Learn A Lesson

July 20, 2023 Chander Mohan 0

हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़ किसी आफ़त से कम नहीं है। जून 2013 में ऐसी ही आफ़त केदारनाथ में आई थी। सितंबर 2014 में कश्मीर में। बेहिसाब बारिश जो सामान्य से 12 गुना बताई जाती है से हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही हुई है। बरसात का स्वरूप भी बदल रहा है। पहले लम्बी बरसात चलती थी अब एकाध दिन में ही कसर निकल जाती है। हिमाचल  के जलप्रलय में हमने इमारतों को ताश के पत्तों की तरह बहते देखा है। असंख्य पुल टूट गए हैं। बताया  जाता है कि हिमाचल में मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के टकराने से ऐसी बारिश हुई, जैसे केदारनाथ में हुआ था। कारण कुछ भी हो बहुत बड़ी त्रासदी हम देख कर हटें हैं। लगभग तीन […]

खालिस्तानी और चार ‘गोरे’ देश, Khalistan and Four ‘White’ Nations

July 13, 2023 Chander Mohan 0

अमेरिका,कैनेडा, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया में क्या समान है ? एक वह सब ईसाई बहुसंख्यक देश हैं। अमेरिका का राष्ट्रपति बाइबल पर हाथ रख कर शपथ लेता है तो इंग्लैंड के किंग चार्लस का राज्याभिषेक वैस्टमिनस्टर एब्बे के रॉयल चर्च में हुआ था। चारों देशों में अंग्रेज़ी बोली जाती है। चारों देश गोरों के अधीन है। बराक ओबामा या ऋषि सुनक जैसे अपवाद हैं। चारों ही देश ब्रिटिश उपनिवेशवाद से जुड़े  है। चारों ही देशों में कथित खालिस्तानी आन्दोलन चल रहा है जो अब हिंसक होने लगा है। और चारों ही सरकारें इसके प्रति वह उदारता दिखा रही है जो समझ से बाहर है। क्या यह पुरानी औपनिवेशिक गोरी मानसिकता है कि इन ‘काले’ लोगों को नियंत्रण में रखने के लिए […]