जी 20: हमारी कूटनीति का जश्न, G20: Triumph Of Our Diplomacy

September 14, 2023 Chander Mohan 0

नई दिल्ली में जी-20 सम्मेलन सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया। इस ग्रुप के देशों के पास दुनिया की 85 प्रतिशत जीडीपी  और दो तिहाई जनसंख्या है। बाली में सम्पन्न पिछले सम्मेलन में युक्रेन को लेकर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। इस बार कूटनीतिक दक्षता दिखाते हुए हम युक्रेन को लेकर पश्चिम और रूस-चीन के बीच, विकास को लेकर उत्तर और दक्षिण के देशों के बीच, मौसम को लेकर सबमे मतभेदों के बावजूद  सबको एक साथ लाने में सफल रहे है। अंतराष्ट्रीय राजनीति के बेहद चुनौतीपूर्ण समय में सर्वसम्मति बनाना हमारी कूटनीति का करिश्मा ही कहा जाएगा। कूटनीति का हमारा सदियों का इतिहास रहा है और हम पश्चिम और पूर्व के बीच सेतु रहें है। जब से पुतिन की मूर्खता से रूस […]

क्या संदेश? कौन संदेशवाहक? ,What Message? Who Messenger ?

September 7, 2023 Chander Mohan 0

  भारतीय जनता पार्टी और एनडीए दोनों इस मामले में स्पष्ट हैं कि उनका संदेश भी नरेन्द्र मोदी हैं और उनके संदेशवाहक भी नरेन्द्र मोदी ही हैं। किसी क़िस्म का कोई कंफ्यूजन नही है। सब कुछ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व के इर्द-गिर्द ही है। और कोई नहीं। भाजपा की सारी उर्जा, कारगुज़ारी, नीति सबका नाम भी नरेन्द्र मोदी हैं। लगभग दो अवधि पूरी करने के नज़दीक नरेन्द्र मोदी की स्थिति बाक़ी वैश्विक नेताओं से अलग है। शासन विरोधी भावना जिसका सामना दूसरों को करना पड़ता है उनकी लोकप्रियता को कोई क्षति नहीं पहुँचा रही। हाल ही में इंडिया टुडे-सीवोटर ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वेक्षण के अनुसार 52 प्रतिशत लोग महसूस करते हैं कि वह प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे […]

पहाड़ अब और बोझ नहीं उठा सकते, Hills Can’t Hold The Burden

August 31, 2023 Chander Mohan 0

शिमला में अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट जिसका काम शहर का योजनाबद्ध विकास करना है, की अपनी बहुमंज़िला इमारत को ख़ाली करवा लिया गया है क्योंकि इमारत असुरक्षित है। यह इमारत एक नाले के उपर बनाई गई है और जंगल के बीच है। अर्थात् जिनका काम शहर का सही विकास करवाना है खुद ही नियमों का उल्लंघन कर रहें हैं। शिमला की जो तबाही हुई है उसमें बड़ा हाथ विभिन्न सरकारों का है। मॉल रोड के ठीक बीच सीमेंट की भारी भरकम इमारत  इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी नाले पर  बनाई गई है। इसी तरह हाईकोर्ट, सचिवालय और इंदिरा गांधी मैडिकल कालेज और अस्पताल की ऊँची इमारतें हैं जो किसी बड़े धक्के के समय ताश के घर की तरह ढह जाएँगी। दूसरी […]

कांग्रेस का बेवजह एतराज़, Congress Complains Unnecessarily

August 24, 2023 Chander Mohan 0

जवाहर लाल नेहरू देश के महानतम प्रधानमंत्री थे। यह बात पहले भी मैं कई बार लिख चुका हूँ आज फिर दोहरा रहा हूँ कि अगर नेहरू विभाजन से त्रस्त लडखडाते लगभग कंगाल भारत को न सम्भालते तो शायद हमारा हश्र पाकिस्तान जैसा होता। गांधीजी की हत्या 30 जनवरी 1948 को हो गई और सरदार पटेल का देहांत 15 दिसम्बर 1950 को हो गया। अर्थात् जिस त्रिमूर्ति ने हमारी आज़ादी की लडांई का नेतृत्व किया उसमें से 1951 में केवल नेहरू बचे थे। योजना आयोग से लेकर भाखड़ा डैम, आईआईटी, आईआईएम, एम्स, भाभा परमाणु संस्थान, इसरो बहुत कुछ की नींव  नेहरू के समय  डाली गई।  यह सब उस वकत हुआ जब हम बहुत पिछड़े हुए थे। संसदीय लोकतंत्र की स्वस्थ परम्परा […]

2024: रेस शुरू हो रही है, 2024: The Race Begins

August 17, 2023 Chander Mohan 0

जैसी सम्भावना थी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव गिर गया। विपक्ष का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बुलाना चाहते थे और मणिपुर के बारे विचार रखने के लिए मजबूर करना  चाहते थे। इनका यह सीमित लक्ष्य तो पूरा हो गया पर लोकसभा में लम्बी और कई बार उबाऊ बहस सुनने के बाद कह सकता हूँ कि दोनों विपक्ष और सत्तापक्ष ने ही देश के साथ न्याय नहीं किया। बहस के बाद यह अहसास है कि जैसे हम ख़ाली हाथ रह गए, कुछ भी प्राप्त नहीं किया।  राहुल गांधी ने उस समय भाषण दिया जब भारत जोड़ों यात्रा के कारण और जिस तरह हड़बड़ी में उनकी सदस्यता छीन ली गई थी और यहाँ तक […]

क्या कश्मीर में ‘कश्मीरियत’ बहाल होगी ?

August 10, 2023 Chander Mohan 0

पिछले लेख में मैंने अमरनाथ यात्रा का ज़िक्र किया था। अब तक लगभग 4 लाख यात्री दर्शन कर चुकें हैं। हर साल यात्रा का सफल आयोजन देश का संकल्प भी व्यक्त करता है। इस बार भी चप्पे चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात थे। यात्रा के कारण यातायात में भारी रूकावट भी आती है। श्रीनगर से पहलगाम के रास्ते में हमें एक घंटा अधिक लग गया क्योंकि जब यात्रा का क़ाफ़िला गुजर रहा होता है तो दूसरी तरफ़ से ट्रैफ़िक रोक दिया जाता है। यह रास्ता भी पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग के क्षेत्रों से गुजरता है जो आतंकवाद के लिए कुख्यात हैं इसलिए अत्यंत सावधानी बरती जाती है। पुलवामा विशेष तौर पर सुर्ख़ियों में रहा क्योंकि वहाँ फ़रवरी 2019 में हमारे […]