मई के वो चार दिन, Those Four Days In May 2025

May 14, 2026 Chander Mohan 0

22 अप्रैल, 2025. कश्मीर में पहलगाम के नज़दीक पर्यटन स्थल बैसरन में तीन सशस्त्र आतंकवादियों ने वहाँ लोगों का धर्म पूछा और अत्यन्त क्रूरता से 26 लोगों की हत्या कर दी। हमारी ज़मीन पर पहले भी हमले हुए है पर ऐसा जघन्य हमला पहले नहीं हुआ जब परिवार के सामने हिन्दू मर्दों को अलग कर गोली मार दी गई।सारा देश तड़प उठा। तब ही स्पष्ट हो गया था कि इसका बदला लिया जाएगा। 7 मई 2025 की सुबह 1.05 बजे भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी कैम्पों पर हमला कर 22 अप्रैल का बदला लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जिसे इतिहास में ‘आपरेशन सिंदूर’ के नाम से जाना जाएगा। नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। कुछ ही घंटों के […]

क्या हम विपक्ष मुक्त भारत की तरफ़ चल रहें हैं? Are We Heading To Opposition-Mukt India ?

May 7, 2026 Chander Mohan 0

पाँच विधानसभा के चुनाव बतातें हैं कि भाजपा न केवल 2024 के आम चुनाव में मिले झटके से उभर चुकी है बल्कि अब वह देश के पूर्व में सबसे ताकतवर राजनीतिक शक्ति है। पहले ही वह उड़ीसा, बिहार और असम में सत्तारूढ़ है अब बंगाल का महत्वपूर्ण क़िला भी उन्होंने फ़तह कर लिया है। कुछ साल पहले तक यह नामुमकिन समझा जाता था। अपनी चुनावी मशीनरी और योजना से वह जिसे बंगाल में ‘पौरिबरतन’ कहतें हैं,करने में सफल रहें हैं। नेतृत्व ने ज़मीनी स्तर तक अपना नेटवर्क तैयार किया और यह प्रभाव ख़त्म करने में सफल रहे कि वह बाहरी है और बंगला संस्कृति को ख़त्म कर देंगें। जिन्हें बंगाली भद्रलोक कहा जाता है और जो कभी ज्योति बसु के […]

बदलती ग्लोबल गेम और भारत, India And The Changing Global Game

April 30, 2026 Chander Mohan 0

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता अभी तक बेनतीजा है। इसका एक और प्रभाव भी है जिससे दुनिया चकित हैं और भारत नाखुश है, यह पाकिस्तान को मिली भूमिका है। पाकिस्तान के नेता विशेष तौर पर फ़ील्ड मार्शल असीम मुनीर बहुत सक्रिय हैं और दोनो अमेरिका और ईरान के बीच पुल का काम कर रहें हैं। डानल्ड ट्रम्प तो मुनीर को ‘माई फ़ेवरिट फ़ील्ड मार्शल’ कह चुकें हैं’। मुनीर एकमात्र सैनिक अधिकारी हैं जिसे व्हाइट हाउस में लंच के लिए आमंत्रित किया गया है। पर ईरान का नेतृत्व भी पाकिस्तान के कूटनीतिक प्रयास के बारे कृतज्ञता प्रकट कर चुका है। ईरानियन रैवलयूशनरी गार्ड के साथ मुनीर के घनिष्ठ सम्बंध है। पाक सेना के प्रमुख का महत्व बहुत बढ़ […]

परिसीमन में उलझा महिला आरक्षण, Women’s Reservation Stuck In Delimitation Quagmire

April 23, 2026 Chander Mohan 0

महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 54 वोट की कमी से लोकसभा में गिर गया। जब से मोदी सरकार क़ायम हुई है यह दूसरी बड़ी हार है। पहली हार तब हुई जब कृषि सम्बंधित तीन क़ानून निरस्त करने पड़े थे।  दोनों बहुत अलग विषय है पर एक समानता है। दोनों के लिए आम सहमति पैदा करने का प्रयास नहीं किया गया। विपक्ष के साथ बैठ कर मामला तय किया जाना चाहिए था। दक्षिण के प्रदेश लोकसभा चुनाव क्षेत्रों के परिसीमन के प्रयास से बेचैन है। उनकी आपत्तियों का निपटारा होना चाहिए था। उनकी आपत्ति महिला आरक्षण को लेकर नहीं है। कृषि सम्बंधित क़ानून पर तो फिर भी मतभेद थे, पर महिला आरक्षण को लेकर तो सभी दलों में आम सहमति […]

क्या अमेरिका की ताक़त उतार पर है? America’s Power Waning?

April 16, 2026 Chander Mohan 0

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे की वार्ता बेनतीजा रही। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि यह युद्ध ख़त्म होना चाहिए नहीं तो बहुत तबाही होगी। करोड़ों लोगों का रोज़गार और वैश्विक अर्थव्यवस्था का भविष्य इस क्षेत्र में शान्ति पर निर्भर है। हार्मुज जलमार्ग, परमाणु कार्यक्रम, लेबनान आदि मसलों को लेकर मतभेद ख़त्म नहीं हुए। ईरान के फ़्रीज़ की हुई अरबों डालर की जायदाद को खोलने की ईरान की माँग भी है। वह चाहतें हैं कि उन पर लगे प्रतिबंध वापिस लिए जाएँ। वार्ता क्यों असफल रही वह लेख का विषय नहीं है। यह वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान ने अमेरिका को शीशा दिखा दिया। जिस देश की सभ्यता को रातोंरात नष्ट करने की अमेरिका के […]

एक बेमतलब,बेमक़सद युद्ध में विराम, Cease Fire In Aimless Pointless War

April 9, 2026 Chander Mohan 0

ईरान युद्ध में दो सप्ताह का विराम हो गया है। हमले रूक रहें हैं और होर्मुज का जलमार्ग खुल जाएगा। यह शुभ समाचार है। मार्च के पहले सप्ताह में मैंने इस युद्ध को ‘बेमतलब, बेमक़सद’ कहा था। बात वही है। इतनी तबाही से मिला क्या? ट्रम्प ने ‘रिजीम चेंज’ और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रद्द करने का लक्ष्य बताया था। 40 दिन की बमबारी के बाद वहाँ वही शासन है और ईरान का एनरिच्ड यूरेनियम उन्हीं के पास है। अब फोक्स हार्मुज पर है। युद्ध से पहले यह जलमार्ग खुला था। इस युद्ध ने इसका नियंत्रण ईरान को दे दिया। ईरान के पास वह हथियार आगया जो परमाणु अस्त्रों से भी अधिक घातक है। जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ फरीद ज़कारिया […]