क्योंकि मोदी ज़रूरी है (Why Modi is Imperative)

May 17, 2018 Chander Mohan 0

कर्नाटक में भाजपा की जीत ने एक बार फिर बता दिया कि पार्टी के लिए नरेन्द्र मोदी कितने ज़रूरी हैं। अप्रैल के आखिरी सप्ताह तथा मई के शुरू में लग रहा था कि भाजपा तथा कांग्रेस के बीच बराबर की दौड़ है और संतुलन देवेगौडा की जेडीएस के पास रहेगा पर जिस दिन से नरेन्द्र मोदी ने खुद को इस चुनाव अभियान में झोंका है उस दिन से पलड़ा भाजपा की तरफ झुकने लगा। अब तो अंग्रेजी के मीडिया वाले जो मोदी के कट्टर आलोचक हैं दबी जुबान में उनके ‘आकर्षण’ तथा ‘मैजिक’ की बात कह रहें हैं। सुर बिलकुल बदल गया है। कांग्रेस तथा जेडीएस के साथ आने से स्थिति नहीं बदलेगी कि जनादेश कांग्रेस के खिलाफ और भाजपा […]

दो कोरिया के बाद भारत-पाक? (After Koreas Indo-Pak ?)

May 10, 2018 Chander Mohan 0

कई लोग भावुक हो रहें हैं। जब से उत्तर तथा दक्षिण कोरिया के बीच संबंध बेहतर हुए हैं हमारे यहां तथा पाकिस्तान में भी, कई लोग उत्साह से भारत तथा पाकिस्तान के नजदीक आने के सपने देख रहें हैं। कहा जा रहा है कि भारत 70 वर्षों में विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थ व्यवस्था बन सकता है तो अगर भारत तथा पाकिस्तान इकट्ठे होते तो हम दूसरी या तीसरी बड़ी अर्थ व्यवस्था होते। पाकिस्तान में ऐसी आवाजें बहुत उठ रही हैं। अपनी आंतरिक समस्याओं तथा बेचैन माहौल के कारण वहां नैराश्य का वातावरण है। द डॉन अखबार के प्रमुख स्तम्भकार सायरल एलमीडिया ने लिखा है  “आखिर में हमें वह आग ही भस्म करती है जो हमने खुद जलाई हो।“ जुबेदा […]

मुलाकात हुई क्या बात हुई (The Wuhan Meeting)

May 3, 2018 Chander Mohan 0

डोकलाम में भारत-चीन के बीच 72 दिन के टकराव के खत्म होने के ठीक आठ महीने के बाद भारत और चीन के नेता चीन के चित्रमय खूबसूरत शहर वुहान के बागों में सैर कर रहे थे और झील में किश्ती पर बैठ कर चाय पर चर्चा हो रही थी। डोकलाम टकराव के दौरान चीन के सरकारी मीडिया ने तो युद्ध की धमकी तक दे दी थी और उनकी सेना के प्रवक्ता ने भारत को चेतावनी दी थी कि वह ”1962 के युद्ध का सबक भूल गया है” लेकिन अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी से “रिश्तों में नए अध्याय” शुरू करने की बात कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जून में फिर चीन जा रहे […]

हे राम! (He Ram)

April 26, 2018 Chander Mohan 0

इंदौर में एक आठ महीने की बच्ची के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी जिन्होंने बढ़ते रेप को ‘नैशनल  एमरजैंसी’ कहा है, के अनुसार पिछले तीन साल में बच्चों के खिलाफ अपराध में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 96 प्रतिशत मामलों में अपराधी वह शख्स था जिसे परिवार और बच्चा जानते हैं जिस कारण कई मामले छिपे भी रहते हैं। किसी समाज की नीचता का इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है कि यहां बच्चियां सुरक्षित नहीं? हमारी तो इंसानियत मर गई लगती है। एक दिन नहीं जाता जब कहीं न कहीं से ऐसा बुरा समाचार नहीं मिलता। आभास मिलता है कि यहां दरिंदे भरे हुए हैं। कठुआ और उन्नाव के […]

संजय कुमार जातव की बारात (Dalit Angst)

April 19, 2018 Chander Mohan 0

बिना उत्तेजना दिए, बिना किसी को गाली दिए, बिना कहीं आग लगाए यह दलित नौजवान पूर्वाग्रहों से लडऩे की देश के आगे बढ़िया मिसाल कायम कर गया है। संजय कुमार जातव की शादी इस महीने के अंत में है। वह जिस रास्ते से अपनी बारात ले जाना चाहता था उस रास्ते में ठाकुरों के घर पड़ते थे जो शताब्दियों पुराने पूर्वाग्रह में इस बारात के प्रवेश का विरोध कर रहे थे। संजय कुमार हाईकोर्ट तक भी गया कि यह उसके ‘सम्मान’ का मामला है पर दुर्भाग्यवश वहां से भी मदद नहीं मिली। उसने यह वायदा भी किया था कि उसकी बारात पूरी गरिमायुक्त होगी, कोई शराब नहीं पीएगा, कोई हथियार नहीं रखेगा और कुछ आपत्तिजनक नहीं कहा जाएगा। जिला प्रशासन […]

डॉलर के जाल में फंसे कबूतर (False Dollar Dreams)

April 12, 2018 Chander Mohan 0

पंजाब ग़मगीन है। जब से इराक में मारे गए 39 भारतीयों, जिनमें 27 पंजाबी हैं, के अंग-भंग शव लाए गए हैं तब से हर घर में इसकी चर्चा है क्योंकि यह त्रासदी सब को छूती है। जिसे पंजाब में ‘कबूतरबाजी’ अर्थात इंसानी तस्करी या गैर कानूनी ढंग से बाहर भेजना कहा जाता है, यह धंधा हजारों पंजाबी घरों को छूता है। बेरोजगारी, ड्रग्स तथा भ्रष्टाचार ने कभी देश के 1 नंबर रहे प्रांत का हुलिया बिगाड़ दिया है। खेती लाभकारी नहीं रही। सरकारी नौकरियां सीमित हैं तथा आरक्षण ने उन्हें और सीमित कर दिया जिस कारण जो बाहर निकल सकता है वह सही या गलत कोशिश कर रहा है। कई कामयाब हो भी जाते हैं पर कई इराक में मारे […]