Khattar ki missal -by chander mohan

February 14, 2015 Chander Mohan 1

खट्टर की मिसाल हरियाणा के नए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बहुत स्वस्थ मिसाल कायम कर रहे हैं। उन्होंने अपने लिए हवाई जहाज खरीदने से इन्कार कर दिया है जिस पर 45 करोड़ रुपए खर्च होने थे। उड़ान पर भी प्रति घंटा लाखों रुपए खर्च होते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री ट्रेन, और जहां जरूरत हो, बस से भी सफर करेंगे ताकि उनकी यात्रा पर खर्चा कम किया जा सके। चंडीगढ़-दिल्ली के बीच वह अकसर शताब्दी एक्सप्रैस से सफर करते हैं। उन्होंने वीआईपी सुरक्षा पर लगे 730 पुलिस जवानों को भी हटा दिया है इनमें 130 उनकी अपनी सुरक्षा पर तैनात थे। हरियाणा पर 82,000 करोड़ रुपए का कर्जा है जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री फिजूलखर्ची कम कर रहे हैं और दूसरों को […]

jo bigad bigad kar sanvar gaye -by Chander Mohan

February 10, 2015 Chander Mohan 2

जो बिगड़ बिगड़ कर संवर गए जो संवर संवर कर बिगड़ गए उन्हें देखना ही फिज़ूल है तुझे देखना है तो देख उन्हें जो बिगड़ बिगड़ कर संवर गए -जोश मलसयानी दिल्ली के चुनाव से एक दिन पहले दिल्ली की रईस आबादी ग्रेटर कैलाश से एक परिचित का फोन आया कि उनकी सोसायटी जो सदा भाजपा के पक्ष में रही है इस बार एकमत आप के लिए वोट करने जा रही है। तब ही समझ आ गया था कि भाजपा को भारी धक्का लगने वाला है। अगर ग्रेटर कैलाश में समर्थक बिदक गए तो रह क्या गया? टीवी चैनलों पर विशेषज्ञ बताते रहे कि यह वर्गीय लड़ाई है। कमजोर वर्ग ‘आप’ के साथ है और मिडल क्लास तथा उच्च वर्ग […]

Jammu Kashmir Mein Savdhan -by Chander Mohan

February 7, 2015 Chander Mohan 0

जम्मू कश्मीर में सावधान दिल्ली के चुनाव के जो भी परिणाम आते हैं भाजपा के नेताओं के लिए यह किसी वेक अप कॉल से कम नहीं हैं। ऐसा आभास मिलता है कि जनता के साथ कहीं रिश्ता टूटा है, डिसकनैक्ट हैं। एक बड़ा कारण है कि जो वायदे किए गए वह इतनी जल्दी पूरे नहीं हो सकते इसलिए लोग अधीर हो गए हैं। इसीलिए आज सावधान कर रहा हूं कि जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन बनाते समय अगर सिद्धांतों की कुर्बानी की गई तो यह भी बाकी देश में महंगी साबित होगी। भाजपा की समस्या है कि वहां उसके पास बहुमत नहीं है वह सबसे बड़ी पार्टी भी नहीं। उसे केवल जम्मू क्षेत्र से ही समर्थन मिला है। […]

Bharat-America, aur bemangi nasihat -by Chander Mohan

February 3, 2015 Chander Mohan 0

भारत-अमेरिका, और बेमांगी नसीहत दो नेताओं के बीच ‘कैमिस्ट्री’ अर्थात् घनिष्ठ रिश्ता कितना महत्व रखता है? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि इसका बहुत महत्व है। भारत तथा अमेरिका के नेताओं के बीच गर्मजोशी पहले भी कई बार नज़र आई थी। नेहरू-कैनेडी, जिम्मी कार्टर-मोरारजी देसाई, बिल क्लिंटन-अटल बिहारी वाजपेयी, जार्ज बुश-मनमोहन सिंह, बराक ओबामा-मनमोहन सिंह के बीच भी अच्छे रिश्ते रहे थे पर अमेरिकी नेताओं की समस्या है कि हमारी तरह सोचने में अधिक समय बर्बाद नहीं करते। फटाफट नतीजे चाहते हैं इसीलिए अधीर बराक ओबामा तथा सुस्त तथा भटके हुए मनमोहन सिंह के बीच दोस्ती अधिक गहरी नहीं हो सकी। पर देशों के रिश्ते केवल व्यक्तिगत ‘कैमिस्ट्री’ पर ही आधारित नहीं होते। भारत और अमेरिका का राष्ट्रीय हित […]

jayanti ki bagawat -by Chander Mohan

January 31, 2015 Chander Mohan 0

जयंती की बगावत कांग्रेस पार्टी से पूर्व मंत्री जयंती नटराजन का इस्तीफा सामान्य ‘जहाज डूब रहा और चूहे छलांग लगा रहे हैं’ वाली ही घटना नहीं है। जीके वासन, कृष्णा तीर्थ तथा जयंती नटराजन (तीनों पूर्व मंत्री) की बगावत यह सही प्रभाव दे रही है कि कांग्रेस पार्टी का जबरदस्त पतन चल रहा है पर जयंती का इस्तीफा इससे भी गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। क्या जब वह पर्यावरण मंत्री थीं तब एक संविधानोत्तर ताकत उनके निर्णय को प्रभावित कर रही थी? क्या राहुल गांधी उसी तरह सरकारी निर्णयों को प्रभावित कर रहे थे जिस तरह कभी संजय गांधी करते रहे? इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू भी अपनी किताब ‘द एक्सीडैंटल प्राइम मिनिस्टर’ […]

kanya ka daan band hona chahiye -By Chander Mohan

January 27, 2015 Chander Mohan 1

कन्या का ‘दान’ बंद होना चाहिए हरियाणा जहां 1000 लड़कों की तुलना में 871 लड़कियां ही हैं और जहां मेनका गांधी के अनुसार 70 गांवों में एक भी लड़की नहीं है, की धरती से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम शुरू कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को इस बड़ी सामाजिक त्रासदी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया है जहां मां की कोख में ही बच्ची की हत्या कर दी जाती है। कई माताएं मजबूर की जाती हैं पर यह भी असुखद हकीकत है कि कई इस पाप के लिए खुद तैयार हो जाती हैं। यहां लालची डाक्टरों की कमी नहीं जो पैसे के कारण कुछ भी कर सकते हैं पर असली बात तो समाज की मानसिकता बदलने की है। सरकारी […]