इंडिया इज़ बैक !

December 2, 2014 Chander Mohan 0

इंडिया इज़ बैक! इतिहासकार रामचंद्र गुहा को नरेन्द्र मोदी में जवाहरलाल नेहरू की झलक नज़र आती है। वह लिखते हैं, ‘‘वह नेहरू जैकेट पहनते हैं, अपने कार्यालय में नेहरू की तस्वीर लगाते हैं और विदेश नीति पर नेहरू की तरह ही प्रत्यक्ष नियंत्रण रखते हैं।’’ यह तीनों बातें सही हैं। जवाहरलाल नेहरू की ही तरह नरेन्द्र मोदी अपने विदेश मंत्री भी हैं। लेकिन मोदी नेहरू नहीं हैं। नेहरू सिद्धांतों से जुड़े थे, मोदी व्यवहारिक हैं। मोदी नेहरू हो ही नहीं सकते क्योंकि दोनों की परिस्थिति भी अलग है। जवाहरलाल नेहरू के समय दुनिया दो हिस्सों में बंटी हुई थी इसलिए इस पचड़े में पडऩे की जगह नेहरू ने गुटनिरपेक्षता को अपना सिद्धांत बना लिया था। 1962 में चीन के आक्रमण […]

देश का सबसे लाभदायक व्यवसाय

November 25, 2014 Chander Mohan 0

देश का सबसे लाभदायक व्यवसाय नहीं, यह राजनीति नहीं है। पहले राजनीति जरूर देश का सबसे लाभदायक व्यवसाय माना जाता था लेकिन अब गॉडमैन-व्यवसाय उससे भी आगे निकल गया है। एक बार आप गॉडमैन बन गए तो आप कानून के दायरे से बाहर हो जाते हैं। कोई जवाबदेही नहीं रहती। कितने एकड़ का आश्रम है, कितनी लाखों रुपए की दैनिक आय है, कितनी दर्जनों लग्जरी कारें हैं, कितना आलीशान बंगला है, सब कानून के दायरे से बाहर हैं। आयकर विभाग भी नहीं पहुंचता। रामपाल की तो अपनी आर्मी भी थी। आम आदमी की भटकन का यह लोग खूब इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि इस देश में नादानों और बेवकूफों की कमी नहीं है इसलिए इनकी मान्यता लाखों में फैल जाती है। […]

अगर नेहरू न होते

November 19, 2014 Chander Mohan 0

अगर नेहरू न होते? हम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती मना कर हटे हैं पर अफसोस है कि जैसा अकसर इस देश में होता है, मामला विवादों में फंस गया है। कांग्रेस पार्टी दो दिन का जो आयोजन कर रही है उसमें कुछ नेताओं को बुलाया गया है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निमंत्रण नहीं दिया गया। ऐसा कर कांग्रेस का नेतृत्व (सोनिया परिवार) अनावश्यक चिड़चिड़ापन तथा अहंकार प्रकट कर रहा है। जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे केवल कांग्रेस पार्टी के नहीं इसी तरह नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं केवल भाजपा के नहीं। कांग्रेस पार्टी तुच्छ राजनीति कर रही है। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू तथा सरदार वल्लभ भाई पटेल वह तीन नेता थे जिन्होंने मिल कर आजादी […]

‘परमात्मा’ बीमार हैं !

November 17, 2014 Chander Mohan 0

‘परमात्मा’ बीमार हैं! ‘परमात्मा’ बीमार हैं इसलिए पंजाब तथा हरियाणा हाईकोर्ट के सामने पेश नहीं हो सकते। मेरा अभिप्राय हिसार के नजदीक सतलोक आश्रम के संत रामपाल से है जिन्हें 17 तारीख को अदालत की अवमानना के मामले में अदालत के सामने पेश होना था पर उन्होंने मैडिकल सर्टिफिकेट भेज दिया कि वह ‘बीमार’ हैं। अदालत की अवमानना के मामले में उनके गैर जमानती वारंट निकाले गए थे पर संत रामपाल जिन्हें उनके भक्त ‘परमात्मा’ कहते हैं हाजिर नहीं हो रहे। अब उनके डाक्टरों का कहना है कि उन्हें तीन दिन के आराम की और जरूरत है। उल्लेखनीय है कि संत रामपाल 2006 में हुई हत्या के एक मामले में आरोपी हैं। जो रुख संत रामपाल तथा उनके अनुयायियों ने […]

मंत्री-मंडल विस्तार से सन्देश

November 11, 2014 Chander Mohan 0

मंत्रिमंडल विस्तार से संदेश मैं कभी मनोहर पर्रिकर को नहीं मिला। देखा भी नहीं। लेकिन उनके बारे जो पढ़ा और जो सुना उससे बहुत प्रसन्न हूं कि उनके जैसे व्यक्ति को देश का रक्षा मंत्री बनाया गया है। क्या आप सोच सकते हैं कि आजकल के वाईआईपी युग में एक मुख्यमंत्री अपनी कार चला कर बाजार जाएं, गाड़ी पार्क करने की जगह खुद ढूंढें और अपना काम कर वापिस लौट आएं? या कोई मुख्यमंत्री खुद सामान उठाए हुए हवाई अड्डे में लाईन में खड़ा हो? सबके साथ सुरक्षा जांच करवाएं और बाकी यात्रियों के साथ बस में हवाई अड्डे की बिलडिंग से हवाई जहाज तक चुपचाप खड़े हो कर जाएं? जिस देश में मायावती ने हवाई जहाज तक अपनी कार […]

पंजाब में भी मरहम की जरूरत है

November 6, 2014 Chander Mohan 0

पंजाब में भी मरहम की जरूरत है केन्द्रीय सरकार ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में हुए दंगों के पीडि़तों को पांच-पांच लाख रुपए देने की घोषणा की है। चाहे कोई पक्का आंकड़ा नहीं है पर अनुमान है कि इन दंगों में 3225 सिख बेरहमी के साथ मारे गए थे। दो हजार से अधिक तो दिल्ली में ही मारे गए थे। कइयों को उनके परिजनों के सामने गले में टायर डाल कर जला दिया गया था। किसी तरफ से कोई मदद नहीं आई। हिंसा सरकारी व्यवस्था द्वारा करवाई गई। जिन्होंने करवाई वह बच गए क्योंकि व्यवस्था ने उन्हें सजा दिलवाने की ईमानदारी से कोशिश नहीं की। सरकार की घोषणा से दंगा पीडि़तों के जख्मों पर कुछ मरहम लगेगी। […]