यह कैसा पाकिस्तान है ?

December 23, 2014 Chander Mohan 0

यह कैसा पाकिस्तान है? पेशावर में तालिबान के हमले में मारे गए बेटे के बाप ने विलाप करते हुए सवाल किया है, ‘इतने छोटे बच्चों को कौन मारता है? खुदा के वास्ते यार! कोई सुनने वाला भी है पाकिस्तान में?’ यही आवाजें सारे पाकिस्तान से गूंज रही हैं कि यह कैसा इस्लाम है? क्या इसलिए पाकिस्तान बनाया गया था? लंदन के ‘इकॉनोमिस्ट’ अखबार ने सेना के एक अधिकारी को कहते बताया है कि ‘मुझे मालूम नहीं कि पाकिस्तान मजहब के नाम पर बनाया गया था या नहीं, पर निश्चित तौर पर यह मजहब के नाम पर तबाह किया जा रहा है।’ वरिष्ठ पत्रकार महर तरार लिखती हैं, ‘मेरा मुलक दर्द से चीख रहा है।’ इससे पहले 2004 में रूस के […]

खेलों में सही बदलाव

December 20, 2014 Chander Mohan 0

खेलों में सही बदलाव हमारी खेलों में बदलाव शुरू हो रहा है। क्रिकेट जिसने दशकों से बाकी खेलों को दबाए रखा, धीरे-धीरे अपनी लोकप्रियता खो रहा है। लोगों की दिलचस्पी धीरे-धीरे पर निश्चित तौर पर दूसरे खेलों, हाकी, टेनिस, बैडमिंटन, फुटबाल और कबड्डी में हो रही है। हैरानी है कि कबड्डी जिसे कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया और गांववालों का खेल समझा गया, को अब फिल्म स्टार एंडोर्स कर रहे हैं। उसके मैच भी उसी तरह दिलचस्प हैं जैसे क्रिकेट के टी-20 मैच हैं। फुटबाल के विश्व कप को लाखों लोगों ने अपने टीवी पर देखा। पहली बार बड़ी कम्पनियां क्रिकेट के अतिरिक्त दूसरे खेलों पर पैसे लगाने के लिए तैयार हैं क्योंकि फुटबाल, हाकी, कबड्डी तथा बैडमिंटन […]

धर्मांतरण और घर वापिसी

December 16, 2014 Chander Mohan 2

धर्मांतरण और घर वापिसी आगरा में 57 बंगाली मुस्लिम परिवारों की हिन्दू धर्म में वापिसी को लेकर बवाल रुक नहीं रहा। विपक्ष उत्तेजित है कि ‘हिन्दू एजेंडा’ थोपा जा रहा है तो दूसरी तरफ संघ परिवार से सम्बन्धित संगठन ‘घर वापिसी’ के इस अभियान को जोर शोर से जारी रखने की बात कह रहे हैं। कईयों की सैक्युलर आत्मा तड़प रही है इसमें अंग्रेजी के न्यूज़ चैनल भी शामिल हैं। यह लोग खुद को यहां अंग्रेजी सभ्यता के रक्षक समझते हैं इसीलिए यह स्वीकार नहीं कर रहे कि सदियों से इस देश में धर्मांतरण होता रहा है लेकिन क्योंकि यह हिन्दू धर्म से बाहर वन-वे-स्ट्रीट थी इसलिए किसी को गंभीर आपत्ति नहीं हुई। जब तक हिन्दू धर्म से लोग निकलते […]

यह गंभीर सामाजिक समस्या है

December 13, 2014 Chander Mohan 0

यह गंभीर सामाजिक समस्या है दिल्ली में उबर टैक्सी में सफर कर रही एक महिला का टैक्सी ड्राइवर द्वारा रेप की घटना से एक बार फिर देश में हो रहे बलात्कार सुर्खियों में हैं। दिल्ली में हुए इस बलात्कार को लेकर नेशनल न्यूज चैनल बहुत उत्तेजित हैं लेकिन लुधियाना का मामला तो और भी अधिक गंभीर है। दिल्ली में आधी रात को एक लड़की मल्टीनेशनल कम्पनी उबर की टैक्सी में घर जा रही थी। रास्ते में उसकी आंख लग गई और टैक्सी चालक गाड़ी को एक विरान जगह ले गया और उस लड़की से बलात्कार किया। लड़की को अपनी असावधानी की भारी कीमत चुकानी पड़ी लेकिन उसकी असावधानी बलात्कार का कारण नहीं बननी चाहिए। हमें तो ऐसा माहौल चाहिए कि […]

वह बेबस नहीं आप बेबस न हों

December 10, 2014 Chander Mohan 0

वह बेबस नहीं, आप बेबस न हों कश्मीर में चार जगह आतंकी हमलों, जिनमें सेना के एक कैम्प पर फिदायीन हमला भी था, के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जो बयान दिया है वह समझ नहीं आया। उनका जरूर कहना था कि हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा पर साथ में यह भी कहा है कि ‘अगर पाकिस्तान आतंकियों को रोकने में बेबस है तो हमें बताए, हम उनकी मदद करेंगे।’ पाकिस्तान ‘बेबस’ है? क्या गृहमंत्री वास्तव में समझते हैं कि भारत पर पाकिस्तान की जमीन से जितने भी हमले हुए हैं उनके बारे पाकिस्तान बेबस है, वह उन्हें रोकना चाहता था लेकिन रोक नहीं सका? हैरानी है कि भोले बादशाह भारत के गृहमंत्री एक प्रकार से पाकिस्तान को दोषमुक्त […]

कार्य संस्कृति कैसे बेहतर हो ?

December 5, 2014 Chander Mohan 0

कार्य संस्कृति कैसे बेहतर हो? चंडीगढ़ के पुलिस मुख्यालय पर छापे के दौरान उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने पाया कि तीन दर्जन अफसर वहां गैर मौजूद थे जिनमें 14 वरिष्ठ अधिकारी हैं। उपमुख्यमंत्री ने गैर हाजिर रहे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जरूर दिए लेकिन इस आदेश का बनेगा कुछ नहीं क्योंकि अतीत में भी ऐसे छापे मारे गए लेकिन गैर हाजिर अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। समय पर कार्यालय आना अनुशासन का पहला पाठ है। अगर इसके बारे ही लापरवाही की जाए तो पता चलता है कि हमारे सरकारी कार्यालयों का क्या हाल है? और यह केवल पंजाब में ही नहीं है। सारे देश में यह स्थिति है यहां तक कि केन्द्रीय सरकार में भी […]