panchsheel ka sheel bhang

July 9, 2014 Chander Mohan 0

पंचशील का शीलभंग बीजिंग में पंचशील की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित शिखर सम्मेलन में जहां चीन तथा म्यांमार के राष्ट्रपति ने हिस्सा लिया वहां भारत ने अपने उपराष्ट्रपति को भेजा। भारत के राष्ट्रपति की अनुपस्थिति अपनी कहानी खुद कहती है कि भारत को भरोसा नहीं कि चीन पंचशील के मूल सिद्धांतों का पालन करेगा। 1962 से लेकर आज तक चीन पंचशील का शील भंग ही करता आ रहा है। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी चीनी मेज़बानों को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शांति तथा सह अस्तित्व दोनों देशों के संबंधों के खिलने के लिए बहुत जरूरी है। भारत ने यह भी कहा कि हम यह अपेक्षा करते हैं कि सभी लंबित मामले तेज़ी से हल किए जाएंगे। […]

पहला टकराव

July 8, 2014 Chander Mohan 0

पहला टकराव बजट अधिवेशन शुरू हो गया है। एनडीए तथा कांग्रेस पार्टी के बीच विपक्ष के नेता को लेकर टकराव की पहली तैयारी भी शुरू हो गई है। चुनाव के बाद से ही कांग्रेस इस पद को पाने का दावा कर रही है। समस्या यह है कि इस लोकसभा में कांग्रेस पार्टी की संख्या बहुत कम और उसकी हैसियत एक प्रादेशिक पार्टी के बराबर है। पिछले तीन दशकों में सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच इतना भारी अंतर कभी नहीं हुआ। इसके बावजूद कांग्रेस दावा जता रही है और भाजपा इसे मानने को तैयार नहीं। कांग्रेस का दावा है कि विपक्ष के नेता की देश को जरूरत है पर भाजपा का तर्क है कि विपक्ष का नेता वह ही बन सकता […]

हनीमून पांच साल कैसे चले?

July 2, 2014 Chander Mohan 0

हनीमून पांच साल कैसे चले? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिकायत है कि दूसरी सरकारों को 100 दिन हनीमून पीरियड मिला था उन्हें तो 100 घंटे भी नहीं मिला और विवाद शुरू हो गए। प्रधानमंत्री शायद रेलवे के किराए तथा भाड़े में वृद्धि या हिन्दी को ‘थोपने’ के कथित प्रयास को लेकर उठे विवादों की तरफ इशारा कर रहे थे। इसके अतिरिक्त पूर्व थलसेनाध्यक्ष वी के सिंह द्वारा आने वाले थलसेनाध्यक्ष लै. जनरल दलबीर सिंह सुहाग पर ट्विटर में टिप्पणी, राज्यमंत्री निहालचंद मेघवाल पर बलात्कार का आरोप तथा स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता के बारे विवाद को लेकर निश्चित तौर पर कुछ बहस हुई है। जिस तरह रेल यात्रा तथा भाड़ा अचानक बढ़ा दिया गया उससे सबको झटका लगा है। चीनी […]

जिंदगी और मौत के बीच

June 25, 2014 Chander Mohan 0

जिन्दगी और मौत के बीच इराक के हालात भयावह ही नहीं खूनी बनते जा रहे हैं। मध्य पूर्व का नक्शा ही बदल जाएगा। दो हिस्से हो जाएंगे सुन्नी और शिया, जो आपस में भिड़ते रहेंगे। 2003 में सद्दाम हुसैन को हटा कर अमेरिका ने जबरदस्ती जो समाधान थोपा था, वह उधड़ रहा है। इराक में चल रहे टकराव का दुनिया पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। इस्लामिक स्टेट आफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के लड़ाकू क्रूर तथा खूंखार हैं। वह केन्द्रीय तथा उत्तर पश्चिमी इराक पर कब्ज़ा कर चुके हैं तिकरित तथा मोसुल शहर उनके आगे गिर चुके हैं। यह क्षेत्र क्योंकि प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र है इसलिए इस टकराव का असर दुनिया भर की आर्थिकता पर पड़ेगा। हमारा अपना 10 […]

पहला झटका

June 22, 2014 Chander Mohan 1

पहला झटका यह तो सब जानते हैं कि देश की आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं है। चुनाव जीतने के लिए पिछली सरकार ने कई लोकलुभावनी योजनाएं शुरू की जिन पर लाखों करोड़ों रुपया खर्च किया गया पर साधन इकट्ठे करने की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। विकास की दर कम होने से भी समस्या आ गई है। इस स्थिति से निबटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ‘कड़वे कदम’ उठाने की चेतावनी दे दी थी फिर भी जिस तरह रेल किराया 14.2 प्रतिशत तथा भाड़ा 6.5 प्रतिशत बढ़ाया गया है उसके लिए देश बिल्कुल तैयार नहीं था। और यह भारी वृद्घि भी रेल बजट पेश करने से एक महीने पहले की गई। यह उचित नहीं हैं। भाजपा खुद पिछली […]

इस देश को कड़वी डोज़ की बहुत जरूरत है, प्रधानमंत्रीजी

June 18, 2014 Chander Mohan 0

इस देश को कड़वी डोज़ की बहुत जरूरत है, प्रधानमंत्रीजी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि अर्थ व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कड़े फैसले लेने पड़ेंगे। व्यापक देश हित में यह अनुशासन जरूरी है। यह अच्छी बात है। अगर इरादा नेक हो तथा लोगों को बात समझाई जाए तो लोग पूर्ण सहयोग देते हैं। पिछली सरकार तो मारी ही इसलिए गई क्योंकि लोगों के साथ संवाद नहीं था। अब यह बदलेगा लेकिन मैं अपने प्रधानमंत्री से कहना चाहूंगा कि हमें अनुशासन केवल आर्थिक क्षेत्र में ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में चाहिए। भारत की जनता को अनुशासन की डोज़ की बहुत जरूरत है। दुनिया में सबसे अनुशासनहीन लोग हम हैं। हम तो सिनेमा का टिकट खरीदने के लिए […]