संभल कर

September 21, 2013 Chander Mohan 0

संभल कर यह समाचार बहुत चिंताजनक है कि सेना ने पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह के समय एक विशेष खुफिया युनिट के गलत इस्तेमाल की सीबीआई द्वारा जांच की सिफारिश की है। मार्च में रक्षामंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी गई थी जिसमें जनरल वी के सिंह के समय टैक्निकल सुपोर्ट डिवीजन (टीएसडी) के गलत इस्तेमाल के बारे जानकारी दी गई थी। अब सरकार का कहना है कि क्योंकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है इसलिए इस पर कार्रवाई पूरी जांच के बाद होगी। अभी तक इस मामले में जो जानकारी बाहर आई है वह है, 1. टीएसडी अपने यंत्रों का दुरुपयोग करते हुए राजनीतिक नेतृत्व, जिसमें रक्षामंत्री तथा जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री

बदलने की इंतज़ार में फिज़ा

September 17, 2013 Chander Mohan 6

बदलने की इंतज़ार में फिज़ा     प्रकाश झा की फिल्म ‘सत्याग्रह’ के अन्तिम क्षणों में हताश, परेशान, निराश द्वारका आनंद (अमिताभ बच्चन) सवाल करते हैं अपने से, बाकी पात्रों से और हम सबसे, ‘यह कैसा देश बना लिया है हमने?’  यही सवाल आज सारा देश अपने से कर रहा लगता है। क्या यही भारत हमें चाहिये जहां भ्रष्टाचार तथा अनैतिकता एक व्यवसाय बन रहा है? जहां लोग महंगाई और कुव्यवस्था में पिस रहे हैं जबकि शासक वर्ग मौज मस्ती कर रहा है? हमारे ऊपर ‘रूल्स’ की किताब फैंकी जा रही है अपने हित के लिये कानून बदले जा रहे हैं। लोग सवाल पूछते हैं लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं। यदा कदा प्रधानमंत्री बाहर निकलते हैं और जवाब देते हैं कि […]

खाक हो जाएंगे हम उनको खबर होने तक

September 10, 2013 Chander Mohan 4

खाक हो जाएंगे हम उनको खबर होने तक मैं अर्थशास्त्री नहीं हूं। बीए में साधारण इकनामिक्स किया था। वह भी लगभग 40 वर्ष पहले। इसलिए देश के आगे जो गंभीर आर्थिक संकट है इसका कोई समाधान मेरे पास नहीं हैं। मैं नहीं बता सकता कि रूपया कैसे मजबूत हो, घाटा कैसे कम हो या आर्थिक दर में फिर से गति कैसे आए? लेकिन मैं स्पष्ट हूं कि यह मेरा काम भी नहीं है। आंकड़ों के खेल से मुझे कुछ लेना-देना नहीं। मैं भारत का नागरिक हूं। ईमानदारी से टैक्स देता हूं। चुनाव में वोट डालता हूं। कानून में मेरा विश्वास है। अर्थात्  मैं अपने संवैधानिक दायित्व के प्रति गंभीर हूं। इसलिए मैं समझता हूं कि मेरा अधिकार बनता है कि […]

यह कैसा ‘भगवान’ है?

September 3, 2013 Chander Mohan 5

यह कैसा ‘भगवान’ है? आसाराम बापू को 16 साल की लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में मुश्किल से गिरफ्तार किया गया। एक कांग्रेसी विधायक के अनुसार संतों के मामले में अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। लेकिन क्या यह संत है? जो 16 साल की लड़की की आस्था तथा विश्वास से इस तरह धोखा करता है, वह संत रह गया? ऐसे लोग जो लोगों की भावना का शोषण करते हैं के खिलाफ तो और भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने भी फिर कहा है कि बलात्कार समाज के खिलाफ अपराध है। अफसोस है कि महापुरुषों, ऋषियों, संतों, गुरुओं के इस देश में इन नकली संतों, बाबाओं और बापुओं की बाढ़ सी आ गई लगती है। लोग भोले हैं। […]

मनमोहन II और बादल II

August 27, 2013 Chander Mohan 1

मनमोहन II और बादल II पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार अक्सर हर मामले पर अपनी मुसीबत के लिए केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार को कोसती रहती है पर देखा जाए तो दोनों सरकारों के कामकाज में काफी समानता है। डा. मनमोहन सिंह की पहली सरकार ने अच्छा काम किया था। देश की विकास की दर तेज हुई और हमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत इज्जत मिली। देश में आशा का माहौल था जिस कारण 2009 में लोगों ने यूपीए को दोबारा सत्ता में आने का मौका दिया। इसका बड़ा श्रेय खुद मनमोहन सिंह को जाता है क्योंकि मिडल क्लास तब उनकी दीवानी थी। लेकिन दूसरी बार यूपीए सरकार का प्रदर्शन शोचनीय रहा और सरकार भ्रष्टाचार, घपलों और गिर रही आर्थिक […]

टोपी में क्या रखा है?

August 20, 2013 Chander Mohan 4

टोपी में क्या रखा है? शेक्सपीयर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है पर अगर वे आज के भारत को देखते तो जरूर पूछते है कि टोपी में क्या रखा है? मामला अभिनेता रजा मुराद की टिप्पणी से भड़क गया जब ईद के मौके पर भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिन्होंने मुस्लिम टोपी पहनी हुई थी की मौजूदगी में रजा मुराद ने नसीहत दे डाली कि शिवराज सिंह चौहान टोपी डालते हैं और दूसरे मुख्यमंत्रियों को इनसे सीख लेनी चाहिए। रजा मुराद का यह भी कहना था कि अगर टॉप पर रहना है तो टोपी पहननी पड़ेगी। ‘जो लोग खुद को प्रधानमंत्री पद का दावेदार समझते हैं उन्हें शिवराज से सीख