बदलाव आएगा कैसे?

July 4, 2013 Chander Mohan 0

बदलाव आएगा कैसे? जयपुर में राहुल गांधी के भावुक भाषण को सुन कर दिसंबर 1985 में मुंबई में राजीव गांधी के कांग्रेस शताब्दी पर दिए गए भाषण की याद ताजा हो गई जब राजीव ने कहा था कि “हम (कांग्रेसजन) सार्वजनिक नैतिकता के किसी नियम का पालन नहीं करते, कोई अनुशासन नहीं है, सामाजिक जागरूकता की कोई भावना प्रकट नहीं करते, सार्वजनिक हित के लिए कोई चिंता नहीं। भ्रष्टाचार न केवल बर्दाश्त ही नहीं किया जाता उसे नेतृत्व का मापदंड भी समझा जाता है।” उस भाषण को 27 वर्ष हो गए। इस बीच अटल बिहारी वाजपेयी के शासन को छोड़ कर अधिकतर कांग्रेस या कांग्रेस समर्थक सरकारें ही रही हैं। पिछले नौ साल से तो सरकार की कमान सीधी कांग्रेस […]

इस नीति की कोई बुनियाद नहीं है!

July 4, 2013 Chander Mohan 0

इस नीति की कोई बुनियाद नहीं है! थलसेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा एक भारतीय जवान का सर काटने की घटना का भारत बदला लेगा, कब और कहां यह हम तय करेंगे। जनरल साहिब की यह घोषणा उस घटना के एक सप्ताह के बाद आई जिसने सारे देश को तड़पा कर रख दिया है। उनका यह भी कहना था कि इस घटना को पाकिस्तान की सेना के स्पैशल सर्विस ग्रुप के कमांडो ने अंजाम दिया है और ऐसे आप्रेशन के लिए कम से कम 15 दिन की तैयारी चाहिए। लेकिन जनरल साहिब ने एक और बात भी कहीं जो चौंकाने वाली है। उनका कहना था कि ऐसी घटना पहले भी एक बार हो चुकी है। […]

ओनली मोदी!

July 4, 2013 Chander Mohan 0

ओनली मोदी! चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी जब दिल्ली भाजपा कार्यालय आए तो वहां ‘पीएम’ ‘पीएम’ के नारे लगे। शपथ ग्रहण करने के तत्काल बाद अहमदाबाद में उनकी रैली में भी यही नारे लगे थे। दिल्ली में मोदी ने भी कार्यकर्ताओं को कह दिया कि  उन्हें जो जिम्मेवारी दी जाएगी उसे पूरी शिद्दत से निभाने का प्रयास करेंगे। अर्थात् वे तैयार हैं। पर क्या देश तैयार है? नरेंद्र मोदी का प्रभाव उस वक्त बढ़ रहा है जब देश वर्तमान नेतृत्व से बेहद निराश है। केंद्र में नेतृत्व का शून्य नजर आता है। न प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, न सोनिया गांधी और न ही राहुल गांधी का जनता के साथ संवाद है जो दिल्ली के गैंग रेप वाले मामले […]

इंडियन ऑफ द इयर!

July 4, 2013 Chander Mohan 0

इंडियन ऑफ द इयर! 2012 जाते-जाते गहरा जख्म दे गया और हम सोचने पर मजबूर हैं कि हम कैसा देश और कैसा समाज बन रहे हैं? कदम-कदम पर जो समझौते किए गए वे अब काटने को दौड़ रहे हैं। उस लडक़ी का असली नाम क्या है बताया नहीं गया पर उसके साथ जो हादसा हुआ वह देश को इस तरह जगा गया जैसे पहले एमरजैंसी के समय हुआ था। अंतर केवल यह है कि इस जनसैलाब का कोई चेहरा नहीं। कोई नेता नहीं। आप किसी नेता को पकड़ कर जेल में नहीं डाल सकते इसलिए सरकार भी कांपने लगी थी। अब सब बदलने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार सख्त कानून बनाने जा रही है। जनप्रतिनिधि भी अब दबाव डाल […]

लचर व्यवस्था के खिलाफ अविश्वास

July 4, 2013 Chander Mohan 0

लचर व्यवस्था के खिलाफ अविश्वास यह अभूतपूर्व है। दिल्ली में पहले ऐसा नजारा कभी नहीं देखा गया। इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक का सारा क्षेत्र युद्ध क्षेत्र बना हुआ है। निहत्थे महिलाओं और युवाओं पर बर्बर लाठीचार्ज हुआ, घोर सर्दियों में पानी की बौछार हुई; लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन नहीं रुक रहे। बाबा रामदेव तथा अन्ना हजारे के आंदोलनों के समय नेतृत्व देने वाले थे। जो आज दिल्ली में हो रहा है वह विशुद्ध जनांदोलन है कोई नेता नहीं। चलती बस में एक लडक़ी से सामूहिक बलात्कार के दर्दनाक मामले से सारे देश में आक्रोश की लहर फैल गई है। लेकिन सबसे खराब हालत दिल्ली की है जो देश की बलात्कार राजधानी बनती जा रही है, जो बात मुख्यमंत्री […]

फांसी से लटकते सवाल

July 4, 2013 Chander Mohan 0

फांसी से लटकते सवाल अजमल कसाब को लगी फांसी के साथ ही कुछ लोग यह मांग करने लगे हैं कि देश के कानून से मौत की सजा हटा दी जानी चाहिए क्योंकि यह बर्बर है, असभ्य है और अधिकतर देशों से हट चुकी है। संयुक्त राष्ट्र महासभा भी बार-बार यह प्रस्ताव पारित कर चुकी है कि मौत की सजा पर रोक लगा दी जानी चाहिए। जिन देशों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट नहीं दिया उनमें भारत शामिल है। भारत का पक्ष है कि वह इस सजा को बहुत कम इस्तेमाल करेगा। यह बहस और भी तीखी हो गई है क्योंकि यहां अफजल गुरू, बलवंत सिंह राजोआना, राजीव गांधी के हत्यारे जैसे मामले लंबित हैं और हो सकता है […]