एक ही सिक्के के दो पहलू?

July 4, 2013 Chander Mohan 0

एक ही सिक्के के दो पहलू? यह वह देश है जहां कभी एक रेल दुर्घटना के बाद रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने इस्तीफा दिया था पर आज दबंग सब कहते हैं, ‘मैं क्यों इस्तीफा दूं?’ ऐसे -ऐसे घोटाले हुए हैं कि सर चकरा जाता है पर किसी की अंतरात्मा नहीं जागती कि वे भी नैतिक जिम्मेवारी लेकर इस्तीफा दे दें। उलटा केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का कहना है कि एक केंद्रीय मंत्री के लिए 71 लाख रुपए तो मामूली रकम है, 71 करोड़ रुपए होते तो गंभीर मसला होता। इससे उत्तर प्रदेश के मंत्री शिवपाल सिंह यादव का कथन याद आ गया कि सरकारी कर्मचारी अगर छोटा पैसा हजम करते हैं तो कोई बात नहीं, उन्हें मोटी रकम […]

जो बेरोजगारी बढ़ाए वह ‘रिफॉर्म’ कैसा?

July 4, 2013 Chander Mohan 0

जो बेरोजगारी बढ़ाए वह ‘रिफॉर्म’ कैसा? मैं अर्थ शास्त्री नहीं हूं। विशेषज्ञ भी नहीं हूं। अर्थ व्यवस्था को किस तरह सही करना है और विकास की दर कैसे बढ़ानी है इसका कोई कारगर सुझाव मेरे पास नहीं है। लेकिन हां, भाषा का कुछ ज्ञान है इसलिए जिस लापरवाही से हमारे देश में ‘रिफॉर्म’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है उसे देख कर हैरानी होती है। ‘रिफॉर्म’ का हिन्दी अनुवाद ‘सुधार’ है। ‘इकनौमिक रिफॉर्म’ का अर्थ आर्थिक सुधार। पर यहां पश्चिम से जो भी आए उसे ‘रिफॉर्म’ कहा जाता है, चाहे इससे लोगों की हालत सुधरने की जगह कितनी ही और बिगड़ जाए। नवीनतम मिसाल एफडीआई को लेकर है। खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बहुत बड़ा ‘आर्थिक सुधार’ […]

पंजाब के लिए ‘वेक अप कॉल’

July 4, 2013 Chander Mohan 0

पंजाब के लिए ‘वेक अप कॉल’ यह राहत की बात है कि लै. जनरल (सेवानिवृत्त) कुलदीप सिंह बराड़ लंदन में हुए कातिलाना हमले में बच गए हैं। विदेशमंत्री एस.एम. कृष्णा का कहना है कि जनरल बराड़ ने भारतीय हाईकमिशन को सूचित नहीं किया था और किसी को मालूम नहीं था कि वे लंदन में हैं। यह बात सही नहीं कि ‘किसी को मालूम नहीं था’, क्योंकि खालिस्तानियों को तो मालूम था, और वह जनरल साहिब की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। अब अवश्य समाचार है कि लंदन पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आशा है कि वह इस साजिश की गहराई तक जाएंगे क्योंकि हमारी शिकायत है कि कई देश ऐसे लोगों के प्रति उदार रहते […]

पैर के नीचे बटेर!

July 4, 2013 Chander Mohan 0

पैर के नीचे बटेर! संविधान में संशोधन कर नितिन गडकरी को दूसरी बार भाजपा का अध्यक्ष बनाने का रास्ता साफ कर दिया गया है। जहां इसका मतलब है कि चुनाव के समय वे ही भाजपा के अध्यक्ष होंगे वहां इसका यह भी मतलब है कि उन्हें वह सम्मान दिया गया जो अटल बिहारी वाजपेयी तथा लाल कृष्ण आडवाणी जैसे बड़े नेताओं को भी नहीं दिया गया था। लेकिन अभी तक गडकरी अपनी पार्टी को भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार या चुस्त दुरुस्त नहीं कर सके। अर्थात् उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाने का औचित्य क्या है, यह अभी तक समझ नहीं आया। उनका राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जरूर कहना था कि ‘सत्ता हाथ में आने वाली है,’ पर अगर ऐसी […]

विश्वास भी पेड़ों पर नहीं लगता

July 4, 2013 Chander Mohan 0

विश्वास भी पेड़ों पर नहीं लगता अभी तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यह प्रभाव देते रहे कि देश में कुछ भी हो जाए, उन्हें किसी को स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है। वास्तव में कांग्रेस की त्रिमूर्ति (सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राहुल गांधी) यह प्रभाव देती रही कि उन्हें किसी को कोई जवाब देने की जरूरत नहीं। लेकिन ममता बैनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का यूपीए से प्रस्थान, सफल भारत बंद तथा डीज़ल की कीमतों में भारी वृद्धि और रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर देश में जो भूचाल आया उसने सरकार को इस तरह हिला कर रख दिया कि प्रधानमंत्री को भी अपनी बात कहने के लिए जनता के सम्मुख आना पड़ा। पर अफसोस यह है कि उन्होंने जो […]

तनाव में युवा

July 4, 2013 Chander Mohan 0

तनाव में युवा जालन्धर के शिवाली आत्महत्या मामले में इंसाफ कर दिया गया है। पंजाब सरकार के आदेश पर मुख्य आरोपी पुलिस इंस्पैक्टर बलविंद्र कौर तथा दो मीडिया कर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर  लिया गया है। आईजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सब बराबर जिम्मेवार हैं। संतोष है कि आखिर न्याय हो गया क्योंकि बहुत जरूरी है कि पुलिस और मीडिया दोनों को अपनी अपनी लक्ष्मण रेखा समझ आ जाए। शिवाली का कसूर केवल यह था कि वह अपने दोस्त के साथ कार में जा रही थी। उस कार की किसी और कार के साथ टक्कर हो गई पर मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस इंस्पैक्टर बलविन्द्र कौर ने उसे जलील करना शुरू […]