अनाड़ी से खिलाड़ी : मनोहरलाल खट्टर (The Khattar Factor)

October 17, 2019 Chander Mohan 0

पांच साल पहले जब अनुभवहीन मनोहरलाल खट्टर को नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया तो सारा प्रदेश दंग रह गया। आम राय थी कि अनाड़ी के हाथ प्रदेश को संभाल दिया गया। खट्टर के बारे अधिक जानकारी भी नहीं थी इसके सिवाय कि वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहें हैं और कुछ महीने वह और एक और प्रचारक नरेन्द्र मोदी, पंचकूला में एक ही घर में रहे थे। उनकी प्रशासनिक अनुभवहीनता तथा राजनीतिक अनाड़ीपन की आशंका उस समय सही सिद्ध होती नज़र आई जब फरवरी, 2016 में प्रदेश को हिंसक जाट आंदोलन का सामना करना पड़ा। दस दिन प्रदेश में व्यापक स्तर पर आगजनी हुई। अराजक माहौल था। फिर रामपाल का मामला उठा और हरियाणा का प्रशासन […]

तल्ख थे, तल्ख रहेंगे (India-China, Tense Relationship)

October 10, 2019 Chander Mohan 0

अमेरिका के पूर्व विदेशमंत्री हैनरी किसिंजर ने चीन के नेतृत्व के बारे अपनी किताब  ‘ऑन चायना’ में लिखा था,  “वह सौदेबाजी या वार्ता को विशेष महत्व नहीं देते… वह नहीं समझते कि व्यक्तिगत संबंध का फैसलों पर विशेष असर पड़ता है चाहे वह व्यक्तिगत संबंधों के द्वारा अपने प्रयासों को बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।” अब जबकि चेन्नई के पास प्राचीन मंदिरों के शहर मामल्लापुरम में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा चीन के राष्ट्रपति जी जिनपिंग एक बार फिर मिल रहे हैं, आशा है कि हमारे प्रधानमंत्री किसिंजर की इस समझदार राय को याद रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी पहले शी जिनपिंग का अहमदाबाद में सागरमती के किनारे स्वागत कर चुके हैं। पिछले साल दोनों चीन के खूबसूरत शहर वुहान […]

बिल्लियों की लड़ाई में अंग्रेजी बंदर (The Monkey in Cats Fight)

October 3, 2019 Chander Mohan 0

किसी ने सही कहा है कि भारत में तूफान खड़ा करना बहुत आसान है। ऐसा ही ये हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा हिन्दी दिवस पर की गई टिप्पणी के बाद भी हुआ जब द्रमुक के नेता स्टालिन ने कह दिया कि इससे देश की एकता पर असर पड़ेगा। कुछ और भी राजनेता बोलने लगे कि अगर देश में हिन्दी  ‘थोपी गई’  तो देश बंट जाएगा। यह भूलते हुए कि वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चैटर्जी ने भविष्यवाणी की थी कि एक दिन हिन्दी देश की राष्ट्रभाषा होगी और उसकी सहायता से देश में एकता होगी, ममता बैनर्जी ने भी कह दिया कि हमें मातृभाषा भूलनी नहीं चाहिए। लेकिन अमित शाह ने इतना आपत्तिजनक कहा क्या कि यह […]

अबकी बार ट्रम्प से प्यार (Ab Ki baar Trump se Pyar)

September 26, 2019 Chander Mohan 0

यह मानना पड़ेगा कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों को साधने की कला में नरेन्द्र मोदी का कोई मुकाबला नहीं। जवाहर लाल नेहरू की अगवानी के लिए खुद राष्ट्रपति कैनेडी हवाई अडड्डे पर गए थे लेकिन रिश्ता आगे बढ़ नहीं सका क्योंकि तब तक नेहरू वृद्ध हो गए थे और युवा अमेरिकी राष्ट्रपति से संबंध कायम नहीं कर सके। सबसे कड़वे रिश्ते इंदिरा गांधी तथा अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के रहे हैं। बांग्लादेश के संकट के समय निक्सन ने हमारी बात सुनने से ही इंकार कर दिया था। जब दूसरे दिन मुलाकात का समय आया तो निक्सन ने इंदिरा गांधी को अपने दफ्तर के बाहर 45 मिनट इंतजार करवाया था। इंदिरा गांधी को भी आभास था कि वह एक प्राचीन सभ्यता की […]

इमरान खान की नपुंसक गर्जन (Imran Khan’s Impotent Rage)

September 19, 2019 Chander Mohan 0

कहते हैं  ‘इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया वरना हम भी आदमी थे काम के।’  जिस तरह इमरान खान आज-कल बड़बड़ा रहें उन्हें न केवल इश्क बल्कि राजनीति ने भी बिल्कुल निकम्मा कर दिया लगता है। इश्क में तो वह कप्तान रहें ही हैं! हाल ही के कुछ सप्ताहों में वह भारत के प्रधानमंत्री तथा भारत के नेतृत्व को  ‘कायर’ ,  ‘हिटलर’ ,  ‘नाजी’, ‘फासीवादी’,  ‘मुस्लिम विरोधी’ कई प्रकार की गालियां निकाल चुके हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजना भारत से मुसलमानों के  ‘नस्ली सफाए’ की है। यह उस देश का नेता कह रहा है जहां अल्पसंख्यक धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने खुद को  ‘कश्मीर का अम्बैसेडर’ घोषित कर दिया है। उन्हें यह भी […]

तेरे सामने आसमान और भी है (You Have More Skies To Conquer)

September 12, 2019 Chander Mohan 0

आजाद भारत के इतिहास में ऐसा रोमांचक क्षण पहले 16 दिसम्बर, 1971 को आया था जब ढाका में पाकिस्तान की सेना ने समर्पण कर दिया और इसके साथ ही बांग्लादेश का युद्ध समाप्त हो गया था। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रेडियो पर भाषण सुनने के लिए तब देश देर रात तक जागा था। अब यह दूसरा मौका था जब रोमांचित हुआ देश चंद्रयान-2 की पूर्ण सफलता की इंतजार में देर रात तक जागा हुआ था। 7 सितम्बर शनिवार की सुबह 1.50 मिनट पर चारों तरफ उत्साह था। विक्रम लैंडर ने चांद पर अपना उतार शुरू कर दिया था। बड़े स्क्रीन पर हरा बिन्दु निर्धारित लाल रेखा के साथ चल रहा था कि एक मिनट के बाद सब गड़बड़ हो गया। […]