जय हो! (Jai Ho)

August 8, 2019 Chander Mohan 0

यह एक एतिहासिक क्षण है। एक प्रहार से इतिहास बदल दिया गया। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटा कर उसे एक सामान्य दिल्ली जैसा राज्य बना दिया गया है। अनुच्छेद धारा 370 पूरी तरह से अस्थाई थी। अम्बेदकर तो इसके बिलकुल खिलाफ थे पर शेख अब्दुल्ला के दबाव में जवाहर लाल नेहरू इसके लिए तैयार हो गए थे। वह भी चाहते थे कि समय के साथ यह प्रभावहीन हो जाए। समझा गया था कि इसके द्वारा कश्मीर का बाकी देश में भावनात्मक विलय हो जाएगा लेकिन हुआ इसका उलट। इस अनुच्छेद ने कश्मीर और बाकी देश के बीच अलंघ्य दीवार खड़ी कर जिसके भारी दुष्परिणाम निकले, देश के लिए भी और कश्मीर के लिए भी। कश्मीर की तरक्की रुक गई क्योंकि […]

रिश्तों की नींव हिल गई (Uncertainty in Indo-US Relations)

August 1, 2019 Chander Mohan 0

अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के अनिश्चित रिश्तों के बारे अपनी किताब में चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सलाहकार रहे ब्रूस रीडल लिखते हैं,  “इस क्षेत्र में अमेरिका अपने अधिकतर लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहा है। रुज़वैल्ट से लेकर ओबामा तक अधिकतर अमरीकी राष्ट्रपतियों ने पाया कि उपमहाद्वीप में आगे बढ़ना मुश्किल है… इतिहास साक्षी है कि अमेरिकी कदमों ने बुरी स्थिति को बदतर बना दिया था…।” अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने यह किताब पढ़ी होती या अपने सलाहकारों की राय मानी होती तो इमरान खान के साथ अपनी बैठक में कश्मीर में अपनी मध्यस्थता की अनावश्यक पेशकश न कर बैठते। इमरान खान के लिए तो छींका फूटने वाली बात हो गई लेकिन अपनी इस लापरवाही से ट्रम्प […]

कारगिल: बीस साल बाद (Kargil 29 Years Later)

July 25, 2019 Chander Mohan 0

विश्व का इतिहास विश्वासघात की घटनाओं से भरा पड़ा है। ईसा से 44 वर्ष पहले जूलियस सीज़र से दगा कर उसके अभिन्न मित्र बू्रटस ने दूसरे सैनिटरज़ के साथ मिल कर उसकी बेहरमी से हत्या कर दी थी। हिटलर ने भी कई वायदे किए और बाद में तोड़ डाले। हमारा अपना इतिहास भी ऐसी धोखे की घटनाओं से भरा हुआ है। पृथ्वीराज चौहान की मिसाल हमारे सामने है। मीर जाफर ने बंगाल की सेना से दगा कर अंग्रेजों के लिए दरवाज़ा खोल दिया और उन्होंने पौने दो साल हम पर राज किया। ऐसे विश्वासघात का अनुभव प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी 1999 में बुरी तरह से हुआ था जब वह फरवरी में बस पर सवार बैंड-बाजे के साथ पाकिस्तान […]

प्रतिभा-मुक्त पंजाब (Talent Flees Punjab)

July 18, 2019 Chander Mohan 0

आजकल कालेजों में एडमिशन का समय है पर पंजाब में हर प्रिंसीपल चाहे वह इंजीनियरिंग कालेज का हो या डिग्री कालेज का, का मुंह लटका हुआ है और चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नज़र आ रही हैं क्योंकि एडमिशन में भारी गिरावट है। भारी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल पूरा करने के बाद विदेश विशेष तौर पर कैनेडा, जा रहे हैं। हालत यह बन गई है कि विद्यार्थियों की कमी को पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग कालेज बीबीए, बी कॉम तथा बीसीए जैसे कोर्स शुरू कर रहे हैं। बहुत से कालेजों की हालत खस्ता हो रही है और कईयों को तो शायद बंद ही करना पड़े क्योंकि प्रवेश में आघात पहुंचाने वाली गिरावट है। वैसे तो देश भर से छात्र-छात्राएं […]

भाजपा और उसका विपक्ष (BJP and It’s Opposition)

July 11, 2019 Chander Mohan 0

कांग्रेस पार्टी का संकट गहरा होता जा रहा है। डूबते जहाज़ को छोड़ कर कप्तान एक तरफ बैठ गए हैं। एक महीने की जद्दोजहद के बाद भी अभी तक पार्टी की कार्यकारिणी यह फैसला नहीं कर सकी कि नया कप्तान कौन होगा? पर सब देख रहें हैं कि जहाज़ में लगातार पानी भर रहा है। नया अध्यक्ष वह कार्यकारिणी चुनेगी जिसके सदस्य खुद चुन कर नहीं आए और वह अपनी जगह पर केवल इसलिए है क्योंकि वह परिवार के वफादार हैं। कई तो पंचायत का चुनाव जीतने की भी हैसियत नहीं रखते। वह तो ऐसा अध्यक्ष चुन ही नहीं सकते जिसे गांधी परिवार पसंद न करता हो। राहुल गांधी अपने इस्तीफे पर अड़े हुए हैं इससे उनकी प्रतिष्ठा बढ़ी है […]

भारत-अमेरिका: झटके खाता रिश्ता (Indo-America:Uncertain Friends)

July 4, 2019 Chander Mohan 0

शेक्सपीयर ने एक जगह लिखा है कि “सच्चे प्रेम का रास्ता कभी भी समतल नहीं रहा।“ अगर आज भारत और अमेरिका के रिश्तों पर नज़र दौड़ाएं तो कहा जा सकता है कि इन रिश्तों का रास्ता भी सहज नहीं है। विशेष तौर पर जब से डॉनल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति बने हैं कहा ही नहीं जा सकता कि अगले क्षण क्या होने वाला है? उन पर तो यह मुहावरा बहुत जचता है कि पल में तोला पल में माशा! और यह केवल हमारे साथ ही नहीं हो रहा। कैनेडा, जापान, मैक्सिको, यूरेपियन यूनियन जैसे अमेरिका के मित्र सब ट्रम्प की सनक के शिकार हो चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति तो ईरान को नेस्तोनाबूत करने की धमकी दे चुके हैं लेकिन कुछ ही […]