पप्पू ‘पप्पू’ न रहा (Pappu No Longer Pappu)

November 23, 2017 Chander Mohan 0

चुनाव आयोग ने गुजरात में भाजपा के राहुल गांधी को मज़ाक में ‘पप्पू’ कहने वाले टीवी विज्ञापन को मंजूरी नहीं दी। यह चुनाव आयोग की सोच है पर मेरा मानना है कि ‘पप्पू’ शब्द के इस्तेमाल पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अफसोस है कि हमारी राजनीति हास्य रहित नीरस बनती जा रही है। एक टीवी चैनल ने श्याम रंगीला का कॉमिक एक्ट हटा दिया था क्योंकि उसमें नरेन्द्र मोदी तथा राहुल गांधी की नकल उतारी गई थी। चाहिए तो यह था कि यह दोनों उस लड़के को उसकी प्रतिभा के लिए शाबाशी देते पर उलटा हो गया। गांधी जी को किसी ने उनका चित्र बना कर दिखाया तो हंसने लगे कि “मुझे नहीं मालूम था कि मैं इतना बदसूरत […]

मिस्टर बच्चन का वैराग्य (Mr Bachchans Renunciation)

November 16, 2017 Chander Mohan 0

कोई भी कलाकार नहीं है। न केवल शाहरुख खान या आमीर खान, बल्कि अमिताभ बच्चन तो दिलीप कुमार और राजेश खन्ना आदि को भी लोकप्रियता में पीछे छोड़ गए हैं। बड़ा कारण है कि उनमें अभिव्यक्ति का वह जादू है जो बहुत कम लोगों के पास है। सरस्वती का पूरा आशीर्वाद है। याद आता है मार्च 2016 में ईडन गार्डन में विश्वकप भारत-पाक टी-20 मैच जब अपनी बेजोड़ आवाज़ में उन्होंने राष्ट्रीयगान गाकर सारे देश को रोमांचित कर दिया था। गांधी परिवार के साथ रिश्ता टूटने पर उनका कहना था ”हमारा मुकाबला कहां है, वह राजा है हम रंक हैं।“ कौन उस व्यक्ति को च्रंकज् मानेगा जो पिछले 50 वर्षों से हम सब को अपनी अदाकारी तथा अपनी आवाज से […]

नेहरू और पटेल (Nehru and Patel)

November 9, 2017 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शिकायत है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम को इतिहास से मिटाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री की शिकायत गलत नहीं। जवाहरलाल नेहरू के बाद शास्त्री जी का कार्यकाल अल्पावधि रहा और शासन की बागडोर दशकों नेहरू-गांधी परिवार के हाथ रही इस कारण जिनके भी नेहरू के साथ मतभेद थे उन्होंने उनकी सम्मानीय जगह नहीं दी गई। पटेल, सुभाष बोस, सी. राजगोपालाचारी, अम्बेदकर, अबुल कलाम आजाद सबकी उपेक्षा सत्तारुढ़ ‘डायनेस्टी’ द्वारा की गई। इसका इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है कि जिस महान देशभक्त तथा प्रशासक ने 500 से अधिक रियासतों को इकट्ठा कर भारत संघ में विलय करवाया, पटेल, उन्हें भारत रत्न देर से 1991 में दिया गया। तब तक जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा […]

पंजाब में धर्म संकट (The Dilemma in Punjab)

November 2, 2017 Chander Mohan 0

गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की करारी हार से आए भूचाल के झटके अभी भी महसूस किए जा रहें हैं। भाजपा का प्रादेशिक नेतृत्व इस हार के लिए कांग्रेस तथा अकाली दल को जिम्मेवार ठहरा रहा है। कांग्रेस पर सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का आरोप लगाना तो सामान्य है पर हैरानी है कि भाजपा नेता गठबंधन साथी अकाली दल की च्बदनामीज् को भी इस जबरदस्त हार के लिए जिम्मेवार ठहरा रहें हैं। लेकिन यह आधी कहानी है। असली बात तो यह है कि यहां भाजपा को उसके केन्द्रीय नेतृत्व ने अकालियों के हवाले लावारिस छोड़ दिया। एक प्रकार से आऊटसोर्स कर दिया। भाजपा की अपनी हस्ती ही नहीं रही। परिणाम हुआ कि जब अकाली नेतृत्व की बदनामी के कारण गठबंधन […]

जिस देश में गंगा बहती है (Where Ganga Flows)

October 26, 2017 Chander Mohan 0

‘भात’, ‘भात’ कराहती हुई झारखंड के कारीमारी गांव की ग्यारह वर्ष की बच्ची संतोषी ने भूख से तड़प-तड़प कर जान दे दी। कारण यह बताया जाता है कि परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से राशन मिलना बंद हो गया था क्योंकि उनका राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं था। अब विलाप करती उसकी मां कोयली देवी का कहना है कि काश उसके पास भात होता तो उसकी बच्ची बच सकती थी। कितना अनर्थ है कि आज के भारत में अभी भी लोग भूख से मर रहे हैं और उनकी भूख को आधार से लिंक किया जा रहा है। हमने खाक सुपरपावर बनना है अगर हम अपने लोगों का पेट भी नहीं भर सकते? और झारखंड तो वह प्रदेश […]

दिवाली पर बम और पटाखे (Bombs and Crackers of Diwali)

October 19, 2017 Chander Mohan 0

भारतीय जनता पार्टी के लिए दिवाली की शुरूआत अच्छी नहीं रही। जिस गुरदासपुर से 2014 में भाजपा के विनोद खन्ना 1.36 हजार से विजयी रहे थे वहां इस बार पार्टी दो लाख से हार गई। यह हार किसी बम गिरने से कम नहीं। भाजपा की पराजय के कई कारण हैं। उनके उम्मीदवार की छवि संदिग्ध है। पूर्व अकाली मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप का मामला दर्ज होने से अकाली दल उस क्षेत्र में बहुत बदनाम है। पंजाब भाजपा के पास न कोई नेता हैं और न ही किसी को उभरने ही दिया गया। दिल्ली का रवैया उपेक्षापूर्ण रहा है और पार्टी को अकालियों के पास गिरवी रख दिया गया। लेकिन असली कारण और है। लोग विशेष तौर पर कारोबारी, […]