हैरान हूं कि दुनिया क्या से क्या हो गई? (Surprised at what has become of our world)

December 28, 2017 Chander Mohan 0

तोते ने हमें उल्लू बना दिया! मेरा अभिप्राय सीबीआई से है जिसे कभी सुप्रीम कोर्ट ने ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहा था। आरुषि हत्याकांड, 2जी, अब आदर्श सोसाईटी मामले में सीबीआई की असफलता देश को अवाक छोड़ गई है। सीबीआई अदालत के विशेष न्यायमूर्ति सैनी का कहना था कि “मैं 7 साल से हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बैठता रहा कि कभी कोई सबूत सामने आएगा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गवाही देने कोई नहीं आया।“ इसका अर्थ क्या है? देश का सबसे कुख्यात मुकद्दमा इस तरह कैसे ढह गया? इसका अर्थ है कि जिस 2जी मामले ने मनमोहन सिंह सरकार की नींव हिला दी उसके बारे हमारी कथित  ‘प्रीमियर’ जांच एजेंसी बिल्कुल उदासीन निकली। […]

क्योंकि मोदी जरूरी हैं (Why Modi is Necessary)

December 21, 2017 Chander Mohan 0

थी खबर गर्म कि गालिब के उड़ेंगे पुर्जे देखने हम भी गए थे पै तमाशा न हुआ! भारी चुनावी तनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी गुजरात का अपना किला बचाने में और कांग्रेस से हिमाचल प्रदेश छीनने में सफल रही। जो मीडिया वाले गुजरात में कांग्रेस की लहर और नरेन्द्र मोदी का पतन देख रहे थे वह निराश होंगे। कोई तमाशा नहीं हुआ। उलटा देखा जाए तो भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव से अपना वोट प्रतिशत बढ़ाया है और वह गुजरात में अभी भी कांग्रेस से 8 प्रतिशत वोट आगे है। हां, पार्टी 16 सीटें हार गई है। दो दशक में पहली बार इतनी कम सीटें मिली हैं। इसी से कांग्रेस बम-बम है, पर जैसे स्मृति ईरानी हमें बताना नहीं […]

मर्यादा में रहना चाहिए (Please stay in Maryada)

December 14, 2017 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री निराश कर रहें हैं। गुजरात के चुनाव अभियान में वह शुरू तो विकास से हुए थे पर रास्ते में कहीं भटक गए और अब विपक्ष पर पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश का आरोप लगा रहें हैं। निश्चित तौर पर मणिशंकर अय्यर ने नरेन्द्र मोदी के बारे जो कहा वह नीच था। ऐसा आभास मिलता है कि अमित शाह से भी  अधिक मणिशंकर अय्यर कांग्रेस मुक्त भारत चाहते हैं लेकिन उस मामले को इतना उछाल देना कि मणिशंकर अय्यर के घर किसी डिनर जहां पाकिस्तान के पूर्व विदेशमंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी मौजूद थे, को गुजरात चुनाव में भाजपा के खिलाफ साजिश से जोडऩा तो अतिशयोक्ति की भी हद है। चुनाव गुजरात का है पर बात पाकिस्तान की हो रही है। […]

निराले देश में बेतुकी बहस (Irrelevant Discussion in Wonderful Country)

December 7, 2017 Chander Mohan 0

अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था कि  ‘यह अद्भूत निराला देश है। आप यहां एक पत्थर को भी तिलक लगा कर उसे पूज सकते हैं।‘ यह हमारी ताकत है। यहां एक निर्धारित धार्मिक व्यवहार नहीं है हमारा धर्म यह आजादी देता है। पर सार्वजनिक क्षेत्र से धर्म को अलग रखा गया है। सरकारी कामकाज और चुनावों में धर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। लेकिन ऐसा ही आजकल हो रहा है। मामला गुजरात के चुनाव से संबंधित है और मुद्दा राहुल गांधी का धर्म है। जबसे सोमनाथ मंदिर में किसी ने राहुल गांधी का नाम गैर-हिन्दुओं के लिए रखे गए एंट्री रजिस्टर में दर्ज करवा दिया तब से उनके धर्म तथा आस्था को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। […]

इन हवाओं को रोकिए (Stop this poisonous air)

November 30, 2017 Chander Mohan 0

जैसे आशंका थी फिल्म पद्मावती से उत्पन्न विवाद ने पहली बलि ले ली। जयपुर के नज़दीक नाहरगढ़ किले के बाहर लटका हुआ शव मिला है जिसके पास एक पत्थर पर लिखा हुआ था कि  “हम सिर्फ पुतले ही नहीं लटकाते।“ जहां इतनी उकसाहट हो वहां कुछ भी हो सकता है। जो मामला संजय लीला भंसाली तथा दीपिका पादुकोण का गला काटने या नाक काटने से शुरू हुआ था वह नियंत्रण से बाहर हो रहा है। इधर-उधर गला-हाथ काटने की आम धमकियां दी जा रही हैं। राबड़ी देवी ने तो यहां तक कह दिया कि बिहार में लोग प्रधानमंत्री मोदी के हाथ काटने के लिए तैयार बैठे हैं। उनकी यह प्रतिक्रिया बिहार भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय के इस कथन का जवाब […]

पप्पू ‘पप्पू’ न रहा (Pappu No Longer Pappu)

November 23, 2017 Chander Mohan 0

चुनाव आयोग ने गुजरात में भाजपा के राहुल गांधी को मज़ाक में ‘पप्पू’ कहने वाले टीवी विज्ञापन को मंजूरी नहीं दी। यह चुनाव आयोग की सोच है पर मेरा मानना है कि ‘पप्पू’ शब्द के इस्तेमाल पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अफसोस है कि हमारी राजनीति हास्य रहित नीरस बनती जा रही है। एक टीवी चैनल ने श्याम रंगीला का कॉमिक एक्ट हटा दिया था क्योंकि उसमें नरेन्द्र मोदी तथा राहुल गांधी की नकल उतारी गई थी। चाहिए तो यह था कि यह दोनों उस लड़के को उसकी प्रतिभा के लिए शाबाशी देते पर उलटा हो गया। गांधी जी को किसी ने उनका चित्र बना कर दिखाया तो हंसने लगे कि “मुझे नहीं मालूम था कि मैं इतना बदसूरत […]