कांग्रेस का बहादुर शाह जफर (The Bahudur Shah Zafar of Congress)

May 24, 2016 Chander Mohan 0

पांच विधानसभा चुनावों के परिणाम बता गए हैं कि भाजपा के अच्छे दिन फिर आ रहे हैं और कांग्रेस का दु:स्वप्न जारी है। असम और केरल कांग्रेस के हाथ से निकल गए हैं। पार्टी में बेचैनी बढ़ रही है। ममता बैनर्जी की धमाकेदार जीत हुई है और जयललिता एमजीआर के बाद पहली मुख्यमंत्री बनी हैं जिन्हें दोबारा सत्ता मिली है। त्रिपुरा तक सीमित वाम को केरल से राहत मिलेगी पर पश्चिम बंगाल में मिली कुचलने वाली पराजय से पता चलता है कि देश कांग्रेस मुक्त ही नहीं कामरेड मुक्त होने की दिशा में भी चल रहा है। असम में भाजपा की सरकार उत्तर पूर्व की पहली भाजपा सरकार होगी। इससे भाजपा को दिल्ली तथा बिहार की पराजय से उभरने का […]

अराजकता को आरक्षण मत दो (Do Not Give Reservation to Chaos)

May 17, 2016 Chander Mohan 0

अंग्रेजों ने जब इंडियन सिविल सर्विस (आईसीएस) का गठन किया था तो इसे ‘स्टील फ्रेम’ अर्थात् फौलादी ढांचा कहा गया था जो हर हालत में, हर परिस्थिति में इस देश को संभालेगा पर धीरे-धीरे राजनीतिक दखल के कारण यह स्टील फ्रेम भी ‘प्लास्टिक फ्रेम’ बनता जा रहा है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान देखने को मिला जब तीन चार दिन देश के अति प्रगतिशील प्रांत को जलने दिया गया। जिनका काम इस आग को बुझाना था वह दर्जनों की संख्या में अपनी जिम्मेवारी छोड़ कर भाग उठे। उस वक्त भी इसकी शिकायत उठी थी जिसकी पुष्टि अब पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की रिपोर्ट ने कर दी है कि 90 अफसर अपने अपने स्थान से […]

शेरनीजी, महात्मा मनमोहन और सेंट एंटनी (Sherniji, Mahatma Manmohan and Saint Antony)

May 10, 2016 Chander Mohan 0

कांग्रेस के कथित ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस कथन कि ‘कांग्रेस गंगा के समान है’, पर रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर ने लोकसभा में अपने जवाब में कहा कि ‘हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह गंगा जाती कहां है?’ मनोहर पार्रिकर का भाषण तर्क से भरा हुआ बढ़िया भाषण था पर मुझे उन्हें कहना है कि केवल यह ही नहीं देखना कि बहती गंगा गई किधर, उन्हें यह भी ढूंढना है कि गंगोत्री कौन है? रिश्वत जरूर उन्हें दी गई होगी जो निर्णय को प्रभावित कर सकते थे। उन्होंने अपने भाषण में बताया कि किस तरह जब अगस्ता को हेलीकाप्टर नहीं मिल रहा था तो सौदे की शर्तें व धाराएं बदली […]

द इटैलियन कनैक्शन (The Italian Connection)

May 3, 2016 Chander Mohan 0

इटली की मिलान अदालत द्वारा भारत के साथ 3700 करोड़ रुपए के अगस्ता वैस्टलैंड हैलिकाप्टर के सौदे में ‘करप्शन’ की पुष्टि तथा दोषियों को सजा के बाद अब इसका विस्फोट भारत में हो रहा है। अदालत का निष्कर्ष है कि 385 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई। सोनिया गांधी ने सवाल किया कि अगर कुछ गलत हुआ है तो सरकार दो सालों में इसका पता क्यों नहीं लगा सकी? बिल्कुल जायज़ सवाल है। कांग्रेस के नेतृत्व को जनता की अदालत के कटघरे में लटकता छोडऩे में सरकार की अधिक दिलचस्पी लगती है। राबर्ट वाड्रा के मामले में भी कहा गया कि हम कुछ ही महीने में ‘‘दामादश्री’’ के घोटाले की पोल खोल देंगे। अभी तक कुछ नहीं हुआ। लेकिन क्योंकि […]

दिल्ली अभी दूर है (Dilli Abhi Door He)

April 26, 2016 Chander Mohan 0

‘संघ मुक्त भारत’ का आह्वान देकर नीतीश कुमार ने अभी से 2019 के लिए अपनी महत्वकांक्षा की ऊंची घोषणा कर दी है। वह चाहते हैं कि संघ, अभिप्राय नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा से है, को हराने के लिए एक महागठबंधन बनाया जाए जिसका नेतृत्व (और कौन?) वह खुद करें। ‘संघ मुक्त भारत’ कैसा होगा? यह कोई राजनीतिक दल नहीं। और जिस संघ की देश भर में 57,000 शाखाएं हैं उससे मुक्ति नीतीशजी को कैसे मिलेगी? 1967 में राम मनोहर लोहिया ने कांग्रेस के खिलाफ ऐसा महागठबंधन बनाने का प्रयास किया था। लोहिया का कांग्रेस विरोधी गठबंधन स्थायी नहीं रहा था। मोरारजी देसाई, वीपी सिंह, चन्द्रशेखर, देवेगौड़ा और इन्द्र कुमार गुजराल की सरकारें लड़खड़ातीं और अंतरविरोध से भरी हुई थीं इसलिए […]

राज करेगा केजरीवाल? (Raj Karega Kejriwal?)

April 19, 2016 Chander Mohan 0

सुखबीर सिंह बादल बठिंडा में अकाली कार्यकर्ताओं को बैसाखी के दिन तलवंडी साबो में अकाली सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे पर जो उन्होंने वहां कहा वह अजीब था। सुखबीर का कहना था, ‘पिंडा विच बस्सां भेज दित्तियां जाण गियां पर वर्कर तो सौंह पाके लैके आणा।’ अर्थात् अकाली दल के प्रधान कह रहे थे कि आपको सम्मेलन तक मुफ्त पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम कर दिया जाएगा पर लोगों को शपथ दिलवा कर लाएं कि वह और कहीं नहीं जाएंगे। इसमें अकाली दल के सर्वेसर्वा की घबराहट छिपी थी कि माघी वाला इतिहास न दोहराया जाए जब लोग अकाली दल द्वारा भेजी बसों में सम्मेलन स्थल तक तो पहुंच गए थे पर बसों से […]