हम हिन्दोस्तानी (Hum Hindustani)

January 25, 2016 Chander Mohan 0

गणतंत्र दिवस वह मौका है जब हम अपने अतीत, वर्तमान तथा भविष्य की तरफ नज़र दौड़ाएं। आत्ममंथन करें कि क्या हमें जहां पहुंचना था वहां हम पहुंच सके हैं? अगर नहीं तो कहां कमी रह गई, क्या कुछ करना बाकी है? आजादी से पहले राम प्रसाद बिसमिल जो बाद में शहीद कर दिए गए थे, ने लिखा था, कभी वो दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे जब अपनी ही जमीं होगी और अपना ही आसमां होगा अब हमें आजाद हुए साढ़े 68 साल हो गए हैं। यह वक्त काफी होता है यह जायज़ा लेने के लिए कि क्या हम सही रास्ते पर हैं क्योंकि बिसमिल ने यह भी लिखा था, उरूज़ कामयाबी पर कभी हिन्दोस्तां होगा! क्या हम उस […]

आमिर खान और अदनान सामी (Aamir Khan and Adnan Sami)

January 19, 2016 Chander Mohan 0

भाजपा के कुछ नेताओं ने आमिर खान का असहिष्णुता वाला बयान आलोचना के लिए फिर बस्ते से निकाल लिया है जिसमें आमिर खान ने कहा था कि देश के अंदर हालात को देख कर उनकी पत्नी इतनी घबरा गई कि उसने यह सवाल किया कि क्या देश छोडऩे का समय आ गया है? आमिर खान के बयान में उल्लेखनीय है कि उसने अपनी पत्नी, जो हिन्दू है, के कंधों से बंदूक चला दी थी। अगर दम होता तो कहता कि मैं यह कह रहा हूं, पर नहीं ‘मैं’ तो स्तब्ध रह गया कि पत्नी ने इतनी बड़ी बात कह दी। उस वक्त खुद को असहिष्णुता के प्रति असहिष्णु बताना फैशन था। फिल्म उद्योग में सबसे पहले शाहरूख खान ने यह […]

पंजाब में ‘खतरनाक खेल’ (Dangerous Game In Punjab)

January 12, 2016 Chander Mohan 0

पिछले साल 27 जुलाई को दीनानगर के पुलिस थाने पर हमला और अब 2 जनवरी को पठानकोट के एयरबेस पर हमला यह बताता है कि पाकिस्तान के जेहादियों का फोकस कश्मीर से हट कर पंजाब की तरफ हो रहा है। ‘रा’ के पूर्व प्रमुख एएस दुल्लत का मानना है कि पंजाब में कुछ खतरनाक खेल चल रहा है जिसकी तह तक जाना जरूरी है। रक्षा विशेषज्ञ सुशांत सरीन का भी कहना है कि आतंकवाद के जरिए पंजाब में दोबारा मिलिटैंसी को भड़काने की कोशिश हो रही है। पंजाब की पाकिस्तान के साथ लम्बी 460 किलोमीटर सीमा है जहां कई जगह हैं जहां से अभी भी घुसपैठ हो सकती है। पर दुर्भाग्यवश हम अभी भी इस स्थिति से निपटने के लिए […]

जफ्फी नंबर दो (Hug Number Two)

January 5, 2016 Chander Mohan 0

भारत के प्रधानमंत्रियों के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की जफ्फी खतरनाक साबित हो रही है। 25 दिसम्बर को लाहौर में दोनों प्रधानमंत्रियों नरेन्द्र मोदी तथा नवाज शरीफ ने जफ्फी डाली और एक सप्ताह के बाद पठानकोट के वायुसेना अड्डे पर फिदायीन हमला कर पाकिस्तान की आतंकी व्यवस्था ने इसका जवाब दे दिया। हमारे बहादुर जवानों ने शहीदी दी लेकिन बचाव यह हुआ है कि वह किसी सम्पत्ति तक नहीं पहुंच सके। अगर वह किसी विमान या हैलीकाप्टर को तबाह करने में सफल हो जाते तो स्थिति गंभीर हो जाती। इसी तरह जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 19 फरवरी 1999 को बस में लाहौर जाकर नवाज शरीफ को जफ्फी डाली थी तो कारगिल हो गया। इन 17 सालों […]

साल जो हमें विभाजित छोड़ गया (The Year That Left Us Divided)

December 29, 2015 Chander Mohan 0

 गतिरोध से ग्रस्त संसद इसका प्रतीक बन गई है। आपसी द्वेष और कड़वाहट संसद की कार्रवाई का अब हिस्सा बन गई है। 24 वर्ष से ब्रिटिश सांसद चले आ रहे मेघनाथ देसाई ने लिखा है कि उन्होंने वहां एक बार भी किसी सांसद को चीखते चिल्लाते नहीं देखा। न वह अपनी जगह छोड़ते हैं। पूरी मर्यादा रखी जाती है पर यहां तो सोनिया गांधी भी वैल में पहुंच चुकीं हैं। वरिष्ठ नेता नारेबाजी करते हैं। राजनेताओं के बीच आपसी शिष्टाचार ही खत्म हो गया लगता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा देश के प्रधानमंत्री को ‘मनोरोगी’ कहना तो पतन की पराकाष्ठा है। बदतमीजी है। संसद का इस तरह अप्रासंगिक हो जाना हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है। […]

प्रदूषित दिल्ली : अब तो नखरे छोड़ो (Pradooshit Dilli : Ab to Nukhre Choro)

December 23, 2015 Chander Mohan 0

दिल्ली में प्रदूषण की मात्रा के हर सभ्य मापदंड से ऊपर निकल जाने के बाद तथा बड़ी अदालत द्वारा शहर को ‘गैस चैम्बर’ कहे जाने के बाद कुछ हरकत नज़र आ रही है। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली में एक-एक दिन छोड़ कर सम-विषम के नम्बर के वाहन चलाए जाएंगे तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में नए डीजल वाहन की रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। पर अपनी आरामपरस्त जिन्दगी के आदी दिल्ली वाले प्रदूषण से बचने के लिए अपने लाइफ स्टाइल में कोई भी कुर्बानी देने को तैयार नहीं। चारों तरफ विरोध हो रहा है। केजरीवाल सरकार के कदम को ‘तुगलकी फरमान’ कहा जा रहा है। लेखक चेतन भगत […]