हम हिन्दोस्तानी (Hum Hindustani)
गणतंत्र दिवस वह मौका है जब हम अपने अतीत, वर्तमान तथा भविष्य की तरफ नज़र दौड़ाएं। आत्ममंथन करें कि क्या हमें जहां पहुंचना था वहां हम पहुंच सके हैं? अगर नहीं तो कहां कमी रह गई, क्या कुछ करना बाकी है? आजादी से पहले राम प्रसाद बिसमिल जो बाद में शहीद कर दिए गए थे, ने लिखा था, कभी वो दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे जब अपनी ही जमीं होगी और अपना ही आसमां होगा अब हमें आजाद हुए साढ़े 68 साल हो गए हैं। यह वक्त काफी होता है यह जायज़ा लेने के लिए कि क्या हम सही रास्ते पर हैं क्योंकि बिसमिल ने यह भी लिखा था, उरूज़ कामयाबी पर कभी हिन्दोस्तां होगा! क्या हम उस […]