क्या सुरंग के अंत में कोई रोशनी है? Is There Light At End of Tunnel?

September 10, 2020 Chander Mohan 0

चीन में उत्पन्न कोरोना वायरस से यहाँ भयावह स्थिति बन रही है। मरीज़ों का संख्या 45 लाख के नज़दीक पहुँच गई है। दैनिक मरीज़ों की संख्या 90000 के आसपास  है और शीघ्र हम लखपति बनने वाले हैं।दुनिया में हर तीसरा नया मरीज़ भारतीय है।  हम ब्राज़ील से आगे निकल चुकें हैं और अब केवल अमेरिका आगे रह गया है पर बड़ी जल्दी भारत महान उसे भी पछाड़ संक्रमण के शिखिर पर होगा। यह शिखिर क्या होगा और कब होगा कोई नही कह सकता। चाहे सरकार प्रतिवाद करती है पर नज़र आता है कि यहाँ कम्यूनिटी स्परैड है  अर्थात यह लोगों में फैल रहा है क्योंकि यह अब हर जगह से निकल रहा है। बचाव यह है कि शायद हमारी रोग […]

मास्को में 50 साल बाद (In Moscow after 50 years)

October 5, 2017 Chander Mohan 0

मैं पहली बार मई 1967 में मास्को गया था। मेरी उम्र तब 21 साल की थी। मैं नई दिल्ली में यूएनआई में ट्रेनिंग ले रहा था कि उस वक्त के जनरल मैनेजर और प्रतिष्ठित पत्रकार कुलदीप नैय्यर ने मुझे और प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए चैकोस्लोवाकिया की राजधानी प्राग भेजा था। पूर्वी जर्मनी (उस वक्त)तथा सोवियत यूनियन की यात्रा हमारे प्रशिक्षण का हिस्सा था। इसलिए इस जुलाई में जब वहां जाने का मौका मिला तो देखना चाहता था कि इन 50 वर्षों में क्या कुछ बदल गया? बहुत कुछ बदल गया। शीत युद्ध समाप्त हो गया, चैकोस्लोवाकिया के दो हिस्से हो चुके हैं और सोवियत यूनियन का पतन हो गया। 25 दिसम्बर, 1991 को वहां कम्युनिस्ट शासन समाप्त हो गया […]