मर्यादा में रहना चाहिए (Please stay in Maryada)

December 14, 2017 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री निराश कर रहें हैं। गुजरात के चुनाव अभियान में वह शुरू तो विकास से हुए थे पर रास्ते में कहीं भटक गए और अब विपक्ष पर पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश का आरोप लगा रहें हैं। निश्चित तौर पर मणिशंकर अय्यर ने नरेन्द्र मोदी के बारे जो कहा वह नीच था। ऐसा आभास मिलता है कि अमित शाह से भी  अधिक मणिशंकर अय्यर कांग्रेस मुक्त भारत चाहते हैं लेकिन उस मामले को इतना उछाल देना कि मणिशंकर अय्यर के घर किसी डिनर जहां पाकिस्तान के पूर्व विदेशमंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी मौजूद थे, को गुजरात चुनाव में भाजपा के खिलाफ साजिश से जोडऩा तो अतिशयोक्ति की भी हद है। चुनाव गुजरात का है पर बात पाकिस्तान की हो रही है। […]

निराले देश में बेतुकी बहस (Irrelevant Discussion in Wonderful Country)

December 7, 2017 Chander Mohan 0

अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था कि  ‘यह अद्भूत निराला देश है। आप यहां एक पत्थर को भी तिलक लगा कर उसे पूज सकते हैं।‘ यह हमारी ताकत है। यहां एक निर्धारित धार्मिक व्यवहार नहीं है हमारा धर्म यह आजादी देता है। पर सार्वजनिक क्षेत्र से धर्म को अलग रखा गया है। सरकारी कामकाज और चुनावों में धर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। लेकिन ऐसा ही आजकल हो रहा है। मामला गुजरात के चुनाव से संबंधित है और मुद्दा राहुल गांधी का धर्म है। जबसे सोमनाथ मंदिर में किसी ने राहुल गांधी का नाम गैर-हिन्दुओं के लिए रखे गए एंट्री रजिस्टर में दर्ज करवा दिया तब से उनके धर्म तथा आस्था को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। […]

इन हवाओं को रोकिए (Stop this poisonous air)

November 30, 2017 Chander Mohan 0

जैसे आशंका थी फिल्म पद्मावती से उत्पन्न विवाद ने पहली बलि ले ली। जयपुर के नज़दीक नाहरगढ़ किले के बाहर लटका हुआ शव मिला है जिसके पास एक पत्थर पर लिखा हुआ था कि  “हम सिर्फ पुतले ही नहीं लटकाते।“ जहां इतनी उकसाहट हो वहां कुछ भी हो सकता है। जो मामला संजय लीला भंसाली तथा दीपिका पादुकोण का गला काटने या नाक काटने से शुरू हुआ था वह नियंत्रण से बाहर हो रहा है। इधर-उधर गला-हाथ काटने की आम धमकियां दी जा रही हैं। राबड़ी देवी ने तो यहां तक कह दिया कि बिहार में लोग प्रधानमंत्री मोदी के हाथ काटने के लिए तैयार बैठे हैं। उनकी यह प्रतिक्रिया बिहार भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय के इस कथन का जवाब […]

पप्पू ‘पप्पू’ न रहा (Pappu No Longer Pappu)

November 23, 2017 Chander Mohan 0

चुनाव आयोग ने गुजरात में भाजपा के राहुल गांधी को मज़ाक में ‘पप्पू’ कहने वाले टीवी विज्ञापन को मंजूरी नहीं दी। यह चुनाव आयोग की सोच है पर मेरा मानना है कि ‘पप्पू’ शब्द के इस्तेमाल पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अफसोस है कि हमारी राजनीति हास्य रहित नीरस बनती जा रही है। एक टीवी चैनल ने श्याम रंगीला का कॉमिक एक्ट हटा दिया था क्योंकि उसमें नरेन्द्र मोदी तथा राहुल गांधी की नकल उतारी गई थी। चाहिए तो यह था कि यह दोनों उस लड़के को उसकी प्रतिभा के लिए शाबाशी देते पर उलटा हो गया। गांधी जी को किसी ने उनका चित्र बना कर दिखाया तो हंसने लगे कि “मुझे नहीं मालूम था कि मैं इतना बदसूरत […]

मिस्टर बच्चन का वैराग्य (Mr Bachchans Renunciation)

November 16, 2017 Chander Mohan 0

कोई भी कलाकार नहीं है। न केवल शाहरुख खान या आमीर खान, बल्कि अमिताभ बच्चन तो दिलीप कुमार और राजेश खन्ना आदि को भी लोकप्रियता में पीछे छोड़ गए हैं। बड़ा कारण है कि उनमें अभिव्यक्ति का वह जादू है जो बहुत कम लोगों के पास है। सरस्वती का पूरा आशीर्वाद है। याद आता है मार्च 2016 में ईडन गार्डन में विश्वकप भारत-पाक टी-20 मैच जब अपनी बेजोड़ आवाज़ में उन्होंने राष्ट्रीयगान गाकर सारे देश को रोमांचित कर दिया था। गांधी परिवार के साथ रिश्ता टूटने पर उनका कहना था ”हमारा मुकाबला कहां है, वह राजा है हम रंक हैं।“ कौन उस व्यक्ति को च्रंकज् मानेगा जो पिछले 50 वर्षों से हम सब को अपनी अदाकारी तथा अपनी आवाज से […]

नेहरू और पटेल (Nehru and Patel)

November 9, 2017 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शिकायत है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम को इतिहास से मिटाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री की शिकायत गलत नहीं। जवाहरलाल नेहरू के बाद शास्त्री जी का कार्यकाल अल्पावधि रहा और शासन की बागडोर दशकों नेहरू-गांधी परिवार के हाथ रही इस कारण जिनके भी नेहरू के साथ मतभेद थे उन्होंने उनकी सम्मानीय जगह नहीं दी गई। पटेल, सुभाष बोस, सी. राजगोपालाचारी, अम्बेदकर, अबुल कलाम आजाद सबकी उपेक्षा सत्तारुढ़ ‘डायनेस्टी’ द्वारा की गई। इसका इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है कि जिस महान देशभक्त तथा प्रशासक ने 500 से अधिक रियासतों को इकट्ठा कर भारत संघ में विलय करवाया, पटेल, उन्हें भारत रत्न देर से 1991 में दिया गया। तब तक जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा […]