पंजाब कांग्रेस की ‘डैत्थ विश’, Congress’s Death Wish In Punjab

July 22, 2021 Chander Mohan 0

पंजाब कांग्रेस की गुत्थी सुलझ गई या और उलझ गई ? यह लाख टके का सवाल है। पिछले कुछ समय से पंजाब कांग्रेस में पंजाबी भाषा में, ‘डांगो डांगी’ चल रही है। हाईकमान शायद चुनाव में  ‘फ्रैश’ चेहरा उतारना चाहता है पर इस समय तो नवजोत सिंह  सिद्धू के माध्यम से उन्होने पार्टी का कबाड़ा कर लिया है। ज़बरदस्तकोल्ड वॉर शुरू हो गई है। कोई छ: महीने पहले तक यह लगता था कि  प्रभावी विकल्प न होने के कारण अगले चुनाव में कांग्रेस वापिसी करेगी। पर तब नवजोत सिंह सिद्धू बेलगाम हो गए और उन्होंने अपनी ही सरकार की कमज़ोरियों को हवा देना शुरू कर दिया। हर सरकार में कमज़ोरियाँ होती हैं पर अगर अपने ही इन्हें उजागर करने लग […]

नकारात्मक को दिल्ली ने नकार दिया (Dilli Negates The Negative)

February 13, 2020 Chander Mohan 0

दिल्ली के इतिहास का सबसे भद्दा चुनाव खत्म हुआ। अरविंद केजरीवाल तथा उनकी आप को प्रचंड बहुमत मिल गया है। दिल्ली वालों ने ‘गोली मारो’ राजनीति को वोट की गोली मार दी। नफरत की राजनीति को रद्द कर दिया। भाजपा का प्रदर्शन फीका रहा जबकि कांग्रेस यह प्रभाव दे रही है कि वह जिंदा रहने को तैयार नहीं। दिल्ली के ठीक बीच स्थित गार्गी कालेज में छात्राओं के साथ कुछ गुंडों ने जो अभ्रद व्यवहार किया है उसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। ऐसी-ऐसी हरकतें की गई कि लिखा भी नहीं जा सकता और जैसा हर बार हो रहा है, पुलिस यहां भी तमाशबीन खड़ी रही। जब नेता राजनीति पर जरूरत से अधिक केन्द्रित हो जाएं तो प्रशासन […]

शेर जो निकला चूहा (The Lion Who Turned A Mouse)

March 29, 2018 Chander Mohan 0

सबको बुलंदियों का सलीका नहीं शमीम वह सर पर चढ़ रहे थे कि दिल से उतर गए अरविंद केजरीवाल। कितनी जल्दी पतन हुआ और कैसा पतन हुआ! उनके धारावाहिक माफीनामे से नेता और आम आदमी पार्टी की विश्वसनीयता चूर-चूर हो चुकी है। अब यह कटी पतंग बन चुकी है। पाठक साक्षी है कि मैं अरविंद केजरीवाल का कभी भी प्रशंसक नहीं रहा मुझे सब कुछ फ्रेब, झूठ और दिखावा नजर आता था। वह पहले अन्ना हजारे के चेले बने और मंच पर हाथ जोड़ कर शिष्य की तरह बैठे रहते थे। कहा, हम देश बचाने आए हैं। यहां तक कह दिया कि मैं राजनीति में कभी नहीं जाऊंगा और बाहर रह कर देश बदलूंगा। फिर गुरु हजारे को दगा देकर […]

और पंजाब बच गया! ( And Punjab Was Saved! )

March 22, 2017 Chander Mohan 0

पंजाब के चुनाव परिणाम के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े एक व्हट्सअप चैट पर मनोज सिंह का यह संदेश था, ‘‘जिन्हें लोग ‘भक्त’ कहते हैं उन्होंने एक बार फिर प्रमाणित किया कि वह सिर्फ देशभक्त हैं! और वह देश के लिए कुछ भी कर सकते हैं। वोटिंग के समय विचारधारा को छोड़ सकते हैं, पार्टी को छोड़ सकते हैं।’’ इसका अर्थ क्या है? साधारण भाषा में इसका अर्थ यह है कि पंजाब में संघ ने डूबती और अप्रासंगिक भाजपा को अपने हाल पर छोड़ कर प्रदेश को आप के अराजक शासन से बचाने के लिए कांग्रेस को वोट दिलवा दिए। पंजाब में कांग्रेस की जीत जहां अमरेन्द्र सिंह के अनुभवी नेतृत्व पर मोहर थी वहीं यह शहरी वोटर, […]

पंजाब : कम बुराई कौन सी है? (Punjab: Which is the Lesser Evil?)

February 1, 2017 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री मोदी की प्रकाश सिंह बादल की तारीफ के बावजूद पंजाब में जो हवा चल रही है वह बादल परिवार और हुकूमत को उड़ा ले जाएगी। वोटर इस बात को लेकर बिलकुल साफ नजर आता है कि उसे क्या नहीं चाहिए। वह पांच साल और बादल सरकार और बादल परिवार नहीं चाहता। इसका असर भाजपा पर होगा जिसका अस्तित्व ही अकाली दल पर निर्भर करता है। भाजपा के हाईकमान ने पार्टी को अकालियों को आउटसोर्स कर दिया। पंजाब में भाजपा ने तो सुसाइड कर लिया लगता है और उनके बारे कहा जा सकता है कि कुछ लोग अपनी हिम्मत से तूफां की जद से बच निकले कुछ लोग मगर मल्लाओं की हिम्मत के भरोसे डूब गए! कई मामलों में बादल […]

शिकारी खुद शिकार हो गया! (The Hunter is Hunted)

September 6, 2016 Chander Mohan 0

आप से दुत्कारे नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना आवाज-ए-पंजाब मोर्चा बना लिया है। इस मोर्चे में शामिल वह चार लोग हैं जिनकी बादल विरोधी छवि है। अभी तक कोई स्पष्टता नहीं कि पार्टी की विचारधारा क्या होगी, कौन इसके सदस्य होंगे? इतने कम समय में संगठन कैसे खड़ा होगा? 117 सीटों पर उम्मीदवार कहां से आएंगे? साधन कहां हैं? आदत के अनुसार सिद्धू दम्पति मामले को लटकाए रखे हुए है। घोषणा किश्तों में की जाती है पर ऐसी सिद्धू दम्पति की राजनीति है। वह सब कुछ रहस्यमय रखना पसंद करते हैं। अभी तो इनका भविष्य अनिश्चित नजर आता है। एक समय मनप्रीत बादल की भी बड़ी अच्छी छवि थी। जब उन्होंने अकाली दल छोड़ा तो समझा गया कि पंजाब की […]