भारत, न ‘कांग्रेस मुक्त’ न ‘भाजपा मुक्त’ (India Neither Congress Mukt nor BJP Mukt)

December 12, 2018 Chander Mohan 0

लोगों ने संतुलन कायम कर दिया। इन पांच राज्यों के परिणाम का अगर कोई संदेश है तो यह कि भारत की जनता को अपना विपक्ष चाहिए। वह एक पार्टी के भरोसे नहीं रहना चाहती क्योंकि बहुत संभावना है कि तब तानाशाही रवैया हावी हो जाता है जो हमने नोटबंदी के समय देखा भी जब लोगों की तकलीफों की चिंता किए बिना और बिना बहुत तैयारी किए कठोर आर्थिक कदम लोगों के गले उतारने की कोशिश की गई। सोचा नहीं कि इसका आम आदमी की जिंदगी पर कितना भयावह असर हो सकता है। 2014 में भाजपा के पास केवल 4 प्रदेश थे इन चुनावों से पहले 20 थे। 2014 के बाद हुए प्रादेशिक चुनावों में कांग्रेस केवल पंजाब और पुड्डेचेरी ही […]

अब लड़ाई सीधी : मोदी बनाम राहुल? (The Big Fight: Modi Vs. Rahul)

July 26, 2018 Chander Mohan 0

पहले विश्वासमत पर बहस के दौरान और फिर कार्यकारिणी की बैठक के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि वह चुनावी लड़ाई नरेन्द्र मोदी बनाम राहुल गांधी बनाना चाहते हैं। वर्तमान तथा भावी साथियों सब को संदेश दिया गया कि जहां पार्टी प्रादेशिक स्तर पर गठबंधनों के लिए तैयार है वहां सरकार बनाने की स्थिति में केवल राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। अर्थात ममता बैनर्जी, मायावती, शरद पवार या चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं को बड़ी कुर्सी पर बैठाने की महत्वकांक्षा नहीं पालनी चाहिए। अगर नरेन्द्र मोदी हटेंगे तो राहुल गांधी ही वहां बैठने के लिए उपयुक्त नेता हैं, ऐसा कांग्रेस का संदेश है। कांग्रेस देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। लगभग पूरे देश में वह फैली […]

United States of India

April 5, 2018 Chander Mohan 0

 विपक्ष का सर्कस शुरू हो गया है। नेता जगह-जगह इकट्ठे हो रहे हैं। ममता बैनर्जी विशेष तौर पर रिंग मास्टर बनना चाहतीं है। कई नेताओं जिनमें सोनिया गांधी भी शामिल है, से वह मिल चुकी हैं। सर्कस की तरह ट्रपीज़ पर चंद्र बाबू नायडू जैसे इधर से उधर झूल रहे हैं। कई और झूलने की तैयारी में है। जब से भाजपा गोरखपुर तथा फूलपुर में बुरी तरह से पिटी है तब से यह प्रभाव फैल गया कि इसे हराया जा सकता है। वह अजेय नहीं रही। तर्क गलत भी नहीं। पिछले चुनाव में भाजपा को मात्र 31 प्रतिशत वोट पर ही बहुमत मिल गया था क्योंकि बाकी 69 प्रतिशत बिखरा हुआ था। 2014 में भारी कांग्रेस विरोधी तथा मोदी पक्षीय […]

निराले देश में बेतुकी बहस (Irrelevant Discussion in Wonderful Country)

December 7, 2017 Chander Mohan 0

अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था कि  ‘यह अद्भूत निराला देश है। आप यहां एक पत्थर को भी तिलक लगा कर उसे पूज सकते हैं।‘ यह हमारी ताकत है। यहां एक निर्धारित धार्मिक व्यवहार नहीं है हमारा धर्म यह आजादी देता है। पर सार्वजनिक क्षेत्र से धर्म को अलग रखा गया है। सरकारी कामकाज और चुनावों में धर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। लेकिन ऐसा ही आजकल हो रहा है। मामला गुजरात के चुनाव से संबंधित है और मुद्दा राहुल गांधी का धर्म है। जबसे सोमनाथ मंदिर में किसी ने राहुल गांधी का नाम गैर-हिन्दुओं के लिए रखे गए एंट्री रजिस्टर में दर्ज करवा दिया तब से उनके धर्म तथा आस्था को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। […]

पप्पू ‘पप्पू’ न रहा (Pappu No Longer Pappu)

November 23, 2017 Chander Mohan 0

चुनाव आयोग ने गुजरात में भाजपा के राहुल गांधी को मज़ाक में ‘पप्पू’ कहने वाले टीवी विज्ञापन को मंजूरी नहीं दी। यह चुनाव आयोग की सोच है पर मेरा मानना है कि ‘पप्पू’ शब्द के इस्तेमाल पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अफसोस है कि हमारी राजनीति हास्य रहित नीरस बनती जा रही है। एक टीवी चैनल ने श्याम रंगीला का कॉमिक एक्ट हटा दिया था क्योंकि उसमें नरेन्द्र मोदी तथा राहुल गांधी की नकल उतारी गई थी। चाहिए तो यह था कि यह दोनों उस लड़के को उसकी प्रतिभा के लिए शाबाशी देते पर उलटा हो गया। गांधी जी को किसी ने उनका चित्र बना कर दिखाया तो हंसने लगे कि “मुझे नहीं मालूम था कि मैं इतना बदसूरत […]

द आइडिया ऑफ कांग्रेस (The Idea of Congress)

June 29, 2017 Chander Mohan 0

ऐसा आभास मिलता है कि कांग्रेस का संदूक खाली है। जो कुछ है वह पुराना और बेकार है। कोई नई विचारधारा नहीं, नई सोच नहीं, नई प्रतिभा नहीं और नए लोग नहीं। वही चले हुए कारतूसों के बल पर राजनीति की जा रही है। अगर कोई नई सोच होती तो राष्ट्रपति के पद के लिए मीरा कुमार को आगे न किया जाता। मीरा कुमार उस व्यवस्था की उपज है जिसने अपने विशेषाधिकारों के बल पर देश का खूब दोहन किया है। बाबू जगजीवन राम की बेटी कोई ‘दलित’ नहीं चाहे अब वह दलितों के संघर्ष की बात कह रहीं हैं। वह पीढ़ियों से वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं करती, उलटा उस वशिष्ठ वर्ग से संबंधित है जिसने अपनी स्थिति का फायदा […]