दर्द-ए-कांग्रेस (Dard-e-Congress)

August 9, 2016 Chander Mohan 0

यह संतोष की बात है कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की हालत अब स्थिर है। वाराणसी में उनके रोड शो में लोगों में जोश था लेकिन ऐसा रोड शो करने के लिए सेहत भी चाहिए, जो नहीं है। इस महिला की हिम्मत की दाद देनी चाहिए कि इसके बावजूद पार्टी को उत्तर प्रदेश में खड़ा करने के लिए वह खुद मैदान में कूद गई थीं। शुरुआत धर्म की नगरी वाराणसी से की जो प्रधानमंत्री का चुनाव क्षेत्र भी है। सावन में वाराणसी में धार्मिक माहौल रहता है इसीलिए सोनिया गांधी के कार्यक्रम में काशी विश्वनाश मंदिर में पूजा तथा गंगा पूजा को शामिल किया गया था। यह हो न सका। लेकिन वहां उन्हें मिला जनसमर्थन भाजपा के लिए चिंता का […]

मिस्टर वाड्रा के लिए मकान (A House for Mr. Vadra)

June 7, 2016 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि उन्होंने लोगों की ‘मिठाई खाना’ बंद कर दिया है। यह मानना पड़ेगा कि केन्द्रीय सरकार पर इन दो वर्षों में एक भी आरोप नहीं लगा। लेकिन सवाल दूसरा है। क्या सरकार भ्रष्टाचार के जो दूसरे बड़े मामले हैं उन्हें तार्किक अंत तक पहुंचाने के प्रति गंभीर है या दिलचस्पी केवल उनका राजनीतिक लाभ उठाने में ही है? मामला राबर्ट वाड्रा से भी जुड़ा है। चुनाव अभियान के दौरान भाजपा ने राबर्ट वाड्रा के जमीन घोटालों को बड़ा मुद्दा बनाया था। अब दो वर्ष हो गए। हमें बताया जा रहा है कि मामले की जांच हो रही है। कितनी जांच होनी है? जमीन हरियाणा तथा राजस्थान में खरीदी गई। अगर घपला हुआ है तो यहां […]

शेरनीजी, महात्मा मनमोहन और सेंट एंटनी (Sherniji, Mahatma Manmohan and Saint Antony)

May 10, 2016 Chander Mohan 0

कांग्रेस के कथित ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस कथन कि ‘कांग्रेस गंगा के समान है’, पर रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर ने लोकसभा में अपने जवाब में कहा कि ‘हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह गंगा जाती कहां है?’ मनोहर पार्रिकर का भाषण तर्क से भरा हुआ बढ़िया भाषण था पर मुझे उन्हें कहना है कि केवल यह ही नहीं देखना कि बहती गंगा गई किधर, उन्हें यह भी ढूंढना है कि गंगोत्री कौन है? रिश्वत जरूर उन्हें दी गई होगी जो निर्णय को प्रभावित कर सकते थे। उन्होंने अपने भाषण में बताया कि किस तरह जब अगस्ता को हेलीकाप्टर नहीं मिल रहा था तो सौदे की शर्तें व धाराएं बदली […]

द इटैलियन कनैक्शन (The Italian Connection)

May 3, 2016 Chander Mohan 0

इटली की मिलान अदालत द्वारा भारत के साथ 3700 करोड़ रुपए के अगस्ता वैस्टलैंड हैलिकाप्टर के सौदे में ‘करप्शन’ की पुष्टि तथा दोषियों को सजा के बाद अब इसका विस्फोट भारत में हो रहा है। अदालत का निष्कर्ष है कि 385 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई। सोनिया गांधी ने सवाल किया कि अगर कुछ गलत हुआ है तो सरकार दो सालों में इसका पता क्यों नहीं लगा सकी? बिल्कुल जायज़ सवाल है। कांग्रेस के नेतृत्व को जनता की अदालत के कटघरे में लटकता छोडऩे में सरकार की अधिक दिलचस्पी लगती है। राबर्ट वाड्रा के मामले में भी कहा गया कि हम कुछ ही महीने में ‘‘दामादश्री’’ के घोटाले की पोल खोल देंगे। अभी तक कुछ नहीं हुआ। लेकिन क्योंकि […]

Unki, Unke Dwara, Unke Liye

September 15, 2015 Chander Mohan 0

उनकी, उनके द्वारा, उनके लिए कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने पर किसी ने खूब ट्वीट किया है, ‘सोनिया ने सोनिया के सामने सोनिया को एक साल और अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे सोनिया ने मंजूर कर दिया!’ यह हास्यस्पद स्थिति देश की सबसे पुरानी पार्टी की है जो एक परिवार की जेबी पार्टी बन कर रह गई है। जैसे इब्राहिम लिंकन ने लोकतंत्र की परिभाषा दी थी उसी तरह कांग्रेस को भी परिभाषित किया जा सकता है, ‘गांधी परिवार की, गांधी परिवार के द्वारा, गांधी परिवार के लिए!’ जो पार्टी अपने इतिहास के सबसे कम आंकड़े, 44 सीटों, पर आकर गिर चुकी है उसकी यह दयनीय स्थिति बन गई है कि वह […]

ik katra-a-khoon na niklaa

August 6, 2014 Chander Mohan 0

इक कतरा-ए-खून न निकला! सोनिया गांधी गुस्से में हैं। नटवर सिंह की किताब के जवाब में वह अपनी किताब लिखने की धमकी दे रहीं हैं। अच्छी बात है। जो बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व हैं उन्हें बताना चाहिए कि उनके जमाने में क्या घटा और क्यों घटा? आशा है वह इस किताब में यह भी जरूर बताएंगी कि क्या कारण था कि कई वर्ष नफरत करने के बाद उन्होंने राजनीति को उस तरह अपना लिया जैसे एक मछली पानी को अपनाती है? आखिर उन्होंने अपने पति राजीव गांधी को उनकी माता इंदिरा गांधी की हत्या के बाद, उनके अपने शब्दों में, ‘टाइग्रेस की तरह’ प्रधानमंत्री बनने से रोका था। लेकिन राजीव की हत्या के छ: सालों के बाद खुद सोनिया कांग्रेस अध्यक्ष […]