वैश्विक अव्यवस्था और भारत, Global Disorder and India

May 25, 2023 Chander Mohan 0

 क्या पाखंड है। जापान के शहर हिरोशिमा जहां 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने परमाणु बम गिराया था जिससे लाखों लोग मारे गए और बराबर संख्या गम्भीर रूप से बीमार हो गई थी, में इकट्ठे हुए दुनिया के जी-7 शक्तिशाली देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, जापान, कैनेडा, जर्मनी और इटली के राष्ट्राध्यक्षों ने ‘परमाणु हथियारों के बिना दुनिया’ का आह्वान किया है और रूस, चीन, ईरान और उत्तर कोरिया को परमाणु प्रसार बंद करने और परमाणु अप्रसार अपनाने को कहा है। यह सात वह देश हैं जिनके पास विश्व की जीडीपी का 45 फ़ीसदी है,  सैनिक तौर पर शक्तिशाली है और जापान को छोड़ कर बाक़ी सभी परमाणु शक्तियाँ हैं। इनके पास इतने परमाणु हथियार हैं कि वह दुनिया को कई […]

परमाणु विनाश के कगार पर दुनिया?, Near Nuclear Armageddon ?

October 13, 2022 Chander Mohan 0

“अपनी आक्रामक रूस विरोधी  नीति में पश्चिम के देश सभी सीमाएँ लांघ गए हैं। जो मैं कह रहा हूँ वह कोरी धमकी नहीं है। जो परमाणु हथियारों के साथ हमें ब्लैकमेल करना चाहते हैं उन्हें समझ लेना चाहिए कि हवा का रूख बदल सकता है और उनकी तरफ़ मुड़ सकता है”। यह सख़्त शब्द कह कर रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर परमाणु विनाश की सम्भावना  दुनिया के सामने पेश कर दी। यह धमकी वह पहले भी दे चुकें हैं पर इस बार उनके द्वारा ‘परमाणु’ शब्द के इस्तेमाल से दुनिया दहल उठी। कारण यह कि पुतिन के लिए यूक्रेन में युद्ध सही नहीं चल रहा। एक के बाद एक धक्का लग रहा है। ऐसी स्थिति में हताश […]

कूटनीति का महा पाठ, Masterclass In Diplomacy

April 28, 2022 Chander Mohan 0

जब से रूस ने यूक्रेन पर हमला किया है पश्चिम के देशों, विशेष तौर पर अमेरिका, का हम पर बहुत दबाव है कि हम खुल कर उनका साथ दें और रूस की खुली निन्दा करें। पिछले दो महीनों में लगभग डेढ़ दर्जन विशिष्ट विदेशी महमान नई दिल्ली की यात्रा कर लौटें हैं।  सब यूक्रेन पर वार्ता करना चाहते था। और यह सिलसिला जारी है।  कूटनीतिज्ञों के लिए भारत  टूरिस्ट डैसटीनेशन बना हुआ है।  सबसे असभ्य अमेरिका के भारतीय मूल के डिप्टी रक्षा सलाहकार दिलीप सिंह रहे है जिन्होने भारत द्वारा रूसी तेल न ख़रीदने से इंकार करने पर यहां आकर खुलेआम हमें ‘भयानक परिणाम’ की चेतावनी दी थी।दिलीप सिंह का कहना था कि भारत को इस ग़लतफ़हमी में नही रहना […]

उच्च शिक्षा पर सार्थक और निष्पक्ष बहस की ज़रूरत, Higher Education Needs Meaningful Debate

March 9, 2022 Chander Mohan 0

रूस द्वारा छोटे पड़ोसी देश पर बिना उकसावे के किए गए हमले का वैश्विक स्थायित्व पर बुरे प्रभाव पड़ेंगा।   दूसरे विश्व युद्ध के बाद जो विश्व व्यवस्था कायम की गई थी और जिसने 77  वर्ष शान्ति दी, उसे पुतिन ने तहस नहस कर दिया है। इसके ख़ुद रूस के लिए दुष्परिणाम निकलेंगे। हिटलर ने एक बार कहा था, ‘ हर युद्ध की शुरूआत एक अंधेरे कमरे का दरवाज़ा खोलने जैसा होता है। किसी को मालूम नही कि अंधेरे में क्या छिपा है’। हिटलर यह हक़ीक़त अच्छी तरह जान गया था, आख़िर जो ख़ुद को विश्व विजेता समझता था का अंत बर्लिन के एक बंकर में ख़ुद को गोली मारने से हुआ था। इस जगह के उपर  कार पार्क बना दिया […]

निहायत ही बेवक़ूफ़ आदमी है, Incredibly Stupid Man

March 3, 2022 Chander Mohan 0

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अपने सैनिक कमांडरों को परमाणु सिस्टम को तैयार रखने को कहा है। यूक्रेन में युद्ध अभी तक रूस के मुताबिक़ नही चल रहा। रूसी सेना किसी भी बड़े शहर पर क़ब्ज़ा नही कर सकी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, जिन्होंने जान बचाने के लिए देश छोड़ने से इंकार कर दिया है, के नेतृत्व में यूक्रेन की सेना और लोग बराबर मुक़ाबला कर रहे हैं। दूसरी तरफ पश्चिम के देश लगातार प्रतिबंध बढ़ाते जा रहे हैं। रूस की अर्थव्यवस्था को भारी धक्का पहुँचा है। भारत सरकार की तटस्थ नीति सही है। हमें किसी का पक्ष नही लेना चाहिए और अपने लोगो, विशेष तौर पर स्टूडेंट्स को वहां से निकालने को प्राथमिकता देनी चाहिए। यूक्रेन मे भारतीय […]

हमारी समस्या यूक्रेन नही,चीन है Our Concern is China not Ukraine

February 24, 2022 Chander Mohan 0

यूक्रेन के संकट को लेकर दुनिया परेशान है। रूस कह तो रहा है कि उसका हमले का कोई इरादा नही पर यूक्रेन की सीमा पर उसके लगभग दो लाख सैनिक तैनात हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन लगातार कह रहे हैं कि रूस किसी भी समय हमला कर सकता है। यह टकराव दोनो बड़े नेता बाइडेन और पुतिन की प्रतिष्ठा का भी सवाल बन गया है। पुतिन बिना कुछ हासिल किए वापिस नही जा सकते और जो बाइडेन यह निश्चित करना चाहतें हैं कि रूस यहाँ से कुछ हासिल न कर सके। तीसरे बड़े नेता शी जिनपिंग की भी नजर इस टकराव पर है कि वह इस में से क्या फायदा उठा सकतें हैं? यहाँ पुतिन फँस गए लगतें है। […]