कोरोना वैक्सीन : आशा और आशंका Vaccine : Hope and Doubts

November 27, 2020 Chander Mohan 0

चीन में उत्पन्न कोरोना वायरस से बुरी तरह से आहत दुनिया को इन ख़बरों सेराहत मिली है कि इस महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीन तेज़ी से तैयार की जा रही है। लगभग 150 कम्पनियाँ वैक्सीन बनाने में धड़ाधड़ लगी है और कुछ अंतिम चरण तक पहुँच चुकीं हैं। आशा है कि एक बार वैक्सीन लगनी शुरू होजाएगी और लोगों में इस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाएगी तो वायरस का प्रसार कम होना शुरू हो जाएगा। अमेरिका के ब्राउन विश्वविद्यालय के पब्लिक हैल्थ स्कूल के डीन डा. आशीष के झा का कहना है कि आजकल हम कोरोना की ‘अंतिम बड़ी लहर देख रहें हैं’ और अगले साल से यह लहर सिमटनी शुरू हो जाएगी। दिल्ली के एम्स […]

यह गतिरोध टूटना चाहिए This Deadlock Must End

November 19, 2020 Chander Mohan 0

केन्द्र सरकार और पंजाब के किसान संगठनों के बीच मैराथॉन वार्ता बेनतीजा रही। यह बताया गया कि वार्ता अच्छे माहौल में हुई और शायद फिर होगी,पर गतिरोध नही टूटा। सरकार का कहना है कि नए तीन क़ानूनों से कृषि के क्षेत्र में बहुत समय से लटका सुधार होगा जबकि किसान महसूस करते हैं कि भारी नुक़सान होगा और उन्हें कारपोरेट के आगे बेच दिया जाएगा। इस गतिरोध का परिणाम है कि 24 सितम्बर से पंजाब में रेल सेवाएँ बंद हैं। किसान संगठन कह रहे हैं कि वह केवल माल गाडियीं ही चलने देंगे जबकि सरकार अड़ी हुई है कि चलेंगी तो दोनों माल और यात्री गाड़ियाँ,नहीं तो कोई गाड़ी नही चलेगी। इसके लिए किसान संगठन तैयार नही। किसानों ने पटरी […]

देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ Bihar : Credit To Modi

November 12, 2020 Chander Mohan 0

बिहार के चुनाव की कहानी पाँच मल्लाहों की कहानी है। एक ने नाव को पार लगा दिया,नरेन्द्र मोदी। एक जिसने अपनी नाव डुबो दी,नीतीश कुमार। एक जिसने बराबर नाव खड़ी कर दी और किनारे से तनिक दूर रह गया, तेजस्वी यादव। एक, जो नाव को बीच समुंदर छोड़ भाग गया, राहुल गांधी। और एक जिसने दूसरों की ख़ातिर अपनी नाव बनाने से ही इंकार कर दिया और बेगानी शादी में अब्दुल्ला बन कर रह गया, चिराग़ पासवान ! सारे एग्जिट पोल और दिल्ली से गए पत्रकारों के अनुमानों को धत्ता बताते हुए बिहार के लोगों ने फिर एनडीए में विश्वास प्रकट कर दिया। यह परिणाम चौंका देने वाला है क्योंकि चुनाव, कोरोना संकट जिस दौरान करोड़ों ज़िन्दगियाँ अस्तवयस्त हुईं है, […]

भारत-अमेरिका, 2+2 का गणित Arithmetic of 2+2

November 5, 2020 Chander Mohan 0

अपनी किताब ‘चॉयसेज़’ में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे शिवशंकर मेनन मार्च 2006 में भारत और अमेरिका के बीच हुए नागरिक परमाणु समझौते के औचित्य के बारे लिखतें हैं, “यह पहल इस धारणा पर आधारित थी कि भारत और अमेरिका के बीच सामरिक सांझेधारी बदली हुई परिस्थिति में हमारे हित में होगी। चाहे दोनों देश इसे खुलेआम स्वीकार नही करते कि उनकी यह सांझेधारी चीन का संतुलन क़ायम करने के लिए है, यह स्पष्ट है कि चीन का उत्थान इसकी प्रमुख प्रेरणा है”। शिवशंकर ने यह भी लिखा है कि भारत के विकास के लिए हमें अमरीकी टेक्नोलॉजी और बाज़ार की ज़रूरत है पर उनका ज़ोर उस बात पर अधिक है कि चीन का उत्थान यह जरूरी […]

पाकिस्तान: ‘गेम’ फिर शुरू Pakistan : The ‘Game’ Starts Again

October 29, 2020 Chander Mohan 0

पाकिस्तान के लिए भी यह असाधारण और विचित्र घटनाक्रम था। रावलपिंडी के सैनिक मुख्यालय के आदेश पर पाक रेंजरों ने सिंध के आईजी मुश्ताक़ महार का अपहरण कर लिया। उन्हें ज़बरदस्ती बखतरबंद वाहन में डाल कर ब्रिगेड मुख्यालय ले जाया गया और वहाँ नवाज़ शरीफ़ के दामाद मुहमद सफ़दर के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने के लिए मजबूर किया गया। उसके बाद कराची के होटल के कमरे में जहाँ नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ अपने पति के साथ ठहरी हुई थी, आधी रात को दरवाज़ा तोड़ कर पुलिस सफ़दर को ले गई। इस पर पत्रकार मरियामा बाबर लिखती हैं, “सोती हुई महिला के कमरे का दरवाज़ा तोड़ कर घुसने की बात कभी सुनी नही गई थी…सारा देश इस से स्तब्ध […]

कौनसा चैनल देखा जाए ? Which Channel To Watch?

October 22, 2020 Chander Mohan 0

“ कौन सा चैनल देखें”, एक मित्र ने पूछा, “जो बिलकुल इंडिपैंडंट हो”? यह सवाल मुझे निरुत्तर छोड़ गया। सचमुच कौनसा चैनल है जिसकी सिफ़ारिश की जा सके जो बिलकुल आज़ाद और निष्पक्ष हो? सभी तो भाजपा-मोदी के पक्ष और विपक्ष में बँटे हुए हैं। इस दौड़ में उन्होंने समाज को ही बाँट दिया है। हमारे समाज में कभी भी इतनी नफ़रत, द्वेष और तनाव नही था जितना आज है।  बहुत अविश्वास है। ‘तनिष्क’ के एक विझापन को लेकर इतना हंगामा खड़ा किया गया कि आख़िर में टाटा को विज्ञापन वापिस लेना पड़ा। देश विदेश में असुखद चर्चा के बाद गृहमंत्री अमित शाह को दखल देना पड़ा कि ‘ किसी क़िस्म की ज़रूरत से अधिक सक्रियता नही होनी चाहिए’। आशा […]