कोरोना: जा रहा है, या आ रहा है ? Corona: Is it Going or Coming?

December 24, 2020 Chander Mohan 0

हम करोड़पति हो गए ! कोरोना के हमारे केस एक करोड़ को पार कर गए। हमारा नम्बर अमेरिका के बाद दूसरा है। लगभग डेढ़ लाख लोगों की मौत हो चुकी है, औसतन 400 मौतें रोज़ाना। लगभग 135 करोड़ की जनसंख्या (अमेरिका की 33 करोड़ ) को देखा जाए तो हमारा प्रदर्शन बुरा नही है। यहाँ  मौत की 1.45 प्रतिशत की दर दुनिया में कम दरों में गिनी जाएगी।अगर हम अमेरिका तथा योरूप से तुलना करें तो बड़े देशों में हमारी कोरोना यात्रा सब से अच्छी रही है। अनिश्चितता, कमज़ोर नेतृत्व, और  निजी आज़ादी पर ज़रूरत से अधिक ज़ोर देने  के कारण पश्चिम के देश जो मानव जाति का पाँचवा हिस्सा है, ने लगभग आधे केस पैदा किए हैं। अब तो […]

विनाश काले विपरीत बुद्धि Madness in Bengal

December 17, 2020 Chander Mohan 0

यूनानी नाटककार युरीपाइडिस जो ट्रैजिडी लिखते थे ने लिखा है, ‘जिन्हें देवता नष्ट करना चाहें उन्हें वह पहले पागल बना देते हैं’। अपनी देसी भाषा में हम इसे ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ भी कह सकतें हैं। जिस तरह उनके पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के क़ाफ़िले पर हमला किया गया,उसे करवाने वालों की मति भ्रष्ट होने के सिवाय और क्या कहा जाएगा? पत्थरों और ईंटों से उनके क़ाफ़िले पर हमला किया गया और पुलिस मूक दर्शक बनी रही। मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी की प्रतिक्रिया कि यह सब नौटंकी है, बताती है कि राजनीतिक हिंसा को वह कितना हल्का लेती हैं। यह बहुत कड़वा और दुर्भाग्य पूर्ण सत्य है कि राजनीतिक हिंसा बंगाल की राजनीति का हिस्सा […]

किसान का दर्द समझो Understand Pain of The Farmer

December 10, 2020 Chander Mohan 0

कोई जालन्धर से देसी घी की  पिन्नियां भेज रहा है तो कोई होशियारपुर से मट्ठियाँ। जींद के जुलाना ब्लाक के गाँवों से कविंटलों में लड्डू जा रहें है। मुक्तसर के कुछ युवा टिकरी सीमा पर डटे हुए किसानों के लिए वॉटर प्रूफ़ टैंट ले कर गए हैं। दिसम्बर की ठिठुरती सर्दी में अनगिनत किसान खुले आकाश के नीचे सोने के लिए मजबूर हैं इसलिए फतेहगढ़ साहिब से 3000 कम्बल भेजे गए हैं। कोई मुफ़्त में लंगर लगा रहा है तो मानसा के सिविल अस्पताल के डाक्टर मुफ़्त मैडिकल कैम्प लगाए हुए है। मौड़ मंडी के एक पेट्रोल पम्प का मालिक आन्दोलन के लिए जा रहे किसानों के ट्रेक्टरों में मुफ़्त डीज़ल डाल रहा है। पंजाब में विशेष तौर पर कलेक्शन […]

शी ज़िनपिंग की ‘इंडिया प्रॉब्लम’ Xi Jinping’s India Problem

December 3, 2020 Chander Mohan 0

अपनी किताब ‘द इंडिया वे ‘ में विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन के बारे लिखतें हैं, “एक समाज जिसने छल को शासन कला के उच्चतर स्तर पर पहुँचा दिया वह है चीन”। इसका उदाहरण वह  चीन की प्रसिद्ध किताब ‘बुक ऑफ़ क्वि’ में दी गई कहावतों से देतें हैं, ‘समुद्र पार करने के लिए आसमान को धोखे में रखना’, ‘पूर्व में आवाज़ कर फिर पश्चिम पर हमला करना’,‘पेड़ों को नक़ली फूलों से सजाना’ इत्यादि। जयशंकर बतातें हैं कि भारत से भिन्न चीन में इस छलकपट के बारे न कोई अपराध बोध है न कोई शंका, उलटा इसका कला के तौर पर गुणगान किया जाता है। भारत को चीन की कपट की नीति अच्छी तरह समझ आ रही है। जब वुहान […]

कोरोना वैक्सीन : आशा और आशंका Vaccine : Hope and Doubts

November 27, 2020 Chander Mohan 0

चीन में उत्पन्न कोरोना वायरस से बुरी तरह से आहत दुनिया को इन ख़बरों सेराहत मिली है कि इस महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीन तेज़ी से तैयार की जा रही है। लगभग 150 कम्पनियाँ वैक्सीन बनाने में धड़ाधड़ लगी है और कुछ अंतिम चरण तक पहुँच चुकीं हैं। आशा है कि एक बार वैक्सीन लगनी शुरू होजाएगी और लोगों में इस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाएगी तो वायरस का प्रसार कम होना शुरू हो जाएगा। अमेरिका के ब्राउन विश्वविद्यालय के पब्लिक हैल्थ स्कूल के डीन डा. आशीष के झा का कहना है कि आजकल हम कोरोना की ‘अंतिम बड़ी लहर देख रहें हैं’ और अगले साल से यह लहर सिमटनी शुरू हो जाएगी। दिल्ली के एम्स […]

यह गतिरोध टूटना चाहिए This Deadlock Must End

November 19, 2020 Chander Mohan 0

केन्द्र सरकार और पंजाब के किसान संगठनों के बीच मैराथॉन वार्ता बेनतीजा रही। यह बताया गया कि वार्ता अच्छे माहौल में हुई और शायद फिर होगी,पर गतिरोध नही टूटा। सरकार का कहना है कि नए तीन क़ानूनों से कृषि के क्षेत्र में बहुत समय से लटका सुधार होगा जबकि किसान महसूस करते हैं कि भारी नुक़सान होगा और उन्हें कारपोरेट के आगे बेच दिया जाएगा। इस गतिरोध का परिणाम है कि 24 सितम्बर से पंजाब में रेल सेवाएँ बंद हैं। किसान संगठन कह रहे हैं कि वह केवल माल गाडियीं ही चलने देंगे जबकि सरकार अड़ी हुई है कि चलेंगी तो दोनों माल और यात्री गाड़ियाँ,नहीं तो कोई गाड़ी नही चलेगी। इसके लिए किसान संगठन तैयार नही। किसानों ने पटरी […]