मत बहको इतना पीके

January 6, 2015 Chander Mohan 2

मत बहको इतना पीके मैंने पीके देखी है। अच्छी तरह से निर्मित फिल्म है। अदाकारी अच्छी है। फिल्मांकन, संगीत सब अच्छे हैं पर निश्चित तौर पर फिल्म हिन्दू धर्म का उपहास उड़ाती है और बाकी धर्मों को एक प्रकार से बख्श देती है। ठीक है बाबाओं तथा लोगों को ठगने के उनके तरीकों को नंगा किया गया है। आडम्बर के खिलाफ संदेश है। इसकी तो सदा ही जरूरत रहेगी लेकिन इसके साथ हिन्दू देवी-देवताओं का भी मज़ाक उड़ाया गया। हिन्दुओं के असम्मान के आरोपों को खारिज करते हुए निर्देशक राजकुमार हिरानी का कहना है कि फिल्म में मानवता का पाठ पढ़ाया गया है और यह महात्मा गांधी तथा संत कबीर के आदर्शों पर आधारित है। यह सही नहीं है। महात्माजी […]

अजीब दास्ताँ है यह !

December 30, 2014 Chander Mohan 0

अजीब दास्तां है यह! जम्मू कश्मीर तथा झारखंड के चुनाव परिणाम बताते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की बढ़त लगातार जारी है। यह सही है कि प्रधानमंत्री के भरसक प्रयास के बावजूद पीर पंजाल के पार कश्मीर वादी में भाजपा को भारी निराशा लगी है। केवल 2 प्रतिशत वोट मिले हैं और वादी में पार्टी का खाता नहीं खुला। कश्मीरी मुसलमानों को अपनी तरफ खींचने के लिए पार्टी ने धारा 370 पर अपना स्टैंड भी अस्पष्ट कर दिया लेकिन लोगों ने वादी में भाजपा को पसंद नहीं किया। लद्दाख से भी यही संदेश है। भाजपा केवल जम्मू का प्रतिनिधित्व कर रही है लेकिन इसके बावजूद इन चुनावों का अगर कुछ संदेश है तो यह कि अखिल भारतीय स्तर पर […]

भारत का रत्न

December 25, 2014 Chander Mohan 0

भारत का रत्न जो लोग अटलजी को नजदीक से जानते हैं वह उनकी विनम्रता, सरलता तथा सहजता से मुग्ध हुए बिना नहीं रहे। मैं बहुत नजदीकी से उन्हें जानने का दावा तो नहीं करता पर आधा दर्जन बार उन्हें निकटता से मिला हूं और हर बार मन में यह प्रभाव रहा कि ‘इतना बड़ा आदमी है पर कितना सरल है?’ यह प्रभाव देने का प्रयास नहीं कि वह हैं अटल बिहारी वाजपेयी। जब वह विपक्ष के नेता थे और उन्हें भावी प्रधानमंत्री देखा जाता था तो मेरे निमंत्रण पर एक बार जालन्धर आए थे। किसी को कोई कष्ट नहीं दिया। हरेक से घुलमिल कर बातें कीं। भाषण देने की उनकी क्षमता का कोई मुकाबला नहीं है। किसी को भी रक्षात्मक […]

यह कैसा पाकिस्तान है ?

December 23, 2014 Chander Mohan 0

यह कैसा पाकिस्तान है? पेशावर में तालिबान के हमले में मारे गए बेटे के बाप ने विलाप करते हुए सवाल किया है, ‘इतने छोटे बच्चों को कौन मारता है? खुदा के वास्ते यार! कोई सुनने वाला भी है पाकिस्तान में?’ यही आवाजें सारे पाकिस्तान से गूंज रही हैं कि यह कैसा इस्लाम है? क्या इसलिए पाकिस्तान बनाया गया था? लंदन के ‘इकॉनोमिस्ट’ अखबार ने सेना के एक अधिकारी को कहते बताया है कि ‘मुझे मालूम नहीं कि पाकिस्तान मजहब के नाम पर बनाया गया था या नहीं, पर निश्चित तौर पर यह मजहब के नाम पर तबाह किया जा रहा है।’ वरिष्ठ पत्रकार महर तरार लिखती हैं, ‘मेरा मुलक दर्द से चीख रहा है।’ इससे पहले 2004 में रूस के […]

खेलों में सही बदलाव

December 20, 2014 Chander Mohan 0

खेलों में सही बदलाव हमारी खेलों में बदलाव शुरू हो रहा है। क्रिकेट जिसने दशकों से बाकी खेलों को दबाए रखा, धीरे-धीरे अपनी लोकप्रियता खो रहा है। लोगों की दिलचस्पी धीरे-धीरे पर निश्चित तौर पर दूसरे खेलों, हाकी, टेनिस, बैडमिंटन, फुटबाल और कबड्डी में हो रही है। हैरानी है कि कबड्डी जिसे कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया और गांववालों का खेल समझा गया, को अब फिल्म स्टार एंडोर्स कर रहे हैं। उसके मैच भी उसी तरह दिलचस्प हैं जैसे क्रिकेट के टी-20 मैच हैं। फुटबाल के विश्व कप को लाखों लोगों ने अपने टीवी पर देखा। पहली बार बड़ी कम्पनियां क्रिकेट के अतिरिक्त दूसरे खेलों पर पैसे लगाने के लिए तैयार हैं क्योंकि फुटबाल, हाकी, कबड्डी तथा बैडमिंटन […]

धर्मांतरण और घर वापिसी

December 16, 2014 Chander Mohan 2

धर्मांतरण और घर वापिसी आगरा में 57 बंगाली मुस्लिम परिवारों की हिन्दू धर्म में वापिसी को लेकर बवाल रुक नहीं रहा। विपक्ष उत्तेजित है कि ‘हिन्दू एजेंडा’ थोपा जा रहा है तो दूसरी तरफ संघ परिवार से सम्बन्धित संगठन ‘घर वापिसी’ के इस अभियान को जोर शोर से जारी रखने की बात कह रहे हैं। कईयों की सैक्युलर आत्मा तड़प रही है इसमें अंग्रेजी के न्यूज़ चैनल भी शामिल हैं। यह लोग खुद को यहां अंग्रेजी सभ्यता के रक्षक समझते हैं इसीलिए यह स्वीकार नहीं कर रहे कि सदियों से इस देश में धर्मांतरण होता रहा है लेकिन क्योंकि यह हिन्दू धर्म से बाहर वन-वे-स्ट्रीट थी इसलिए किसी को गंभीर आपत्ति नहीं हुई। जब तक हिन्दू धर्म से लोग निकलते […]