यह गंभीर सामाजिक समस्या है

December 13, 2014 Chander Mohan 0

यह गंभीर सामाजिक समस्या है दिल्ली में उबर टैक्सी में सफर कर रही एक महिला का टैक्सी ड्राइवर द्वारा रेप की घटना से एक बार फिर देश में हो रहे बलात्कार सुर्खियों में हैं। दिल्ली में हुए इस बलात्कार को लेकर नेशनल न्यूज चैनल बहुत उत्तेजित हैं लेकिन लुधियाना का मामला तो और भी अधिक गंभीर है। दिल्ली में आधी रात को एक लड़की मल्टीनेशनल कम्पनी उबर की टैक्सी में घर जा रही थी। रास्ते में उसकी आंख लग गई और टैक्सी चालक गाड़ी को एक विरान जगह ले गया और उस लड़की से बलात्कार किया। लड़की को अपनी असावधानी की भारी कीमत चुकानी पड़ी लेकिन उसकी असावधानी बलात्कार का कारण नहीं बननी चाहिए। हमें तो ऐसा माहौल चाहिए कि […]

वह बेबस नहीं आप बेबस न हों

December 10, 2014 Chander Mohan 0

वह बेबस नहीं, आप बेबस न हों कश्मीर में चार जगह आतंकी हमलों, जिनमें सेना के एक कैम्प पर फिदायीन हमला भी था, के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जो बयान दिया है वह समझ नहीं आया। उनका जरूर कहना था कि हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा पर साथ में यह भी कहा है कि ‘अगर पाकिस्तान आतंकियों को रोकने में बेबस है तो हमें बताए, हम उनकी मदद करेंगे।’ पाकिस्तान ‘बेबस’ है? क्या गृहमंत्री वास्तव में समझते हैं कि भारत पर पाकिस्तान की जमीन से जितने भी हमले हुए हैं उनके बारे पाकिस्तान बेबस है, वह उन्हें रोकना चाहता था लेकिन रोक नहीं सका? हैरानी है कि भोले बादशाह भारत के गृहमंत्री एक प्रकार से पाकिस्तान को दोषमुक्त […]

कार्य संस्कृति कैसे बेहतर हो ?

December 5, 2014 Chander Mohan 0

कार्य संस्कृति कैसे बेहतर हो? चंडीगढ़ के पुलिस मुख्यालय पर छापे के दौरान उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने पाया कि तीन दर्जन अफसर वहां गैर मौजूद थे जिनमें 14 वरिष्ठ अधिकारी हैं। उपमुख्यमंत्री ने गैर हाजिर रहे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जरूर दिए लेकिन इस आदेश का बनेगा कुछ नहीं क्योंकि अतीत में भी ऐसे छापे मारे गए लेकिन गैर हाजिर अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। समय पर कार्यालय आना अनुशासन का पहला पाठ है। अगर इसके बारे ही लापरवाही की जाए तो पता चलता है कि हमारे सरकारी कार्यालयों का क्या हाल है? और यह केवल पंजाब में ही नहीं है। सारे देश में यह स्थिति है यहां तक कि केन्द्रीय सरकार में भी […]

इंडिया इज़ बैक !

December 2, 2014 Chander Mohan 0

इंडिया इज़ बैक! इतिहासकार रामचंद्र गुहा को नरेन्द्र मोदी में जवाहरलाल नेहरू की झलक नज़र आती है। वह लिखते हैं, ‘‘वह नेहरू जैकेट पहनते हैं, अपने कार्यालय में नेहरू की तस्वीर लगाते हैं और विदेश नीति पर नेहरू की तरह ही प्रत्यक्ष नियंत्रण रखते हैं।’’ यह तीनों बातें सही हैं। जवाहरलाल नेहरू की ही तरह नरेन्द्र मोदी अपने विदेश मंत्री भी हैं। लेकिन मोदी नेहरू नहीं हैं। नेहरू सिद्धांतों से जुड़े थे, मोदी व्यवहारिक हैं। मोदी नेहरू हो ही नहीं सकते क्योंकि दोनों की परिस्थिति भी अलग है। जवाहरलाल नेहरू के समय दुनिया दो हिस्सों में बंटी हुई थी इसलिए इस पचड़े में पडऩे की जगह नेहरू ने गुटनिरपेक्षता को अपना सिद्धांत बना लिया था। 1962 में चीन के आक्रमण […]

देश का सबसे लाभदायक व्यवसाय

November 25, 2014 Chander Mohan 0

देश का सबसे लाभदायक व्यवसाय नहीं, यह राजनीति नहीं है। पहले राजनीति जरूर देश का सबसे लाभदायक व्यवसाय माना जाता था लेकिन अब गॉडमैन-व्यवसाय उससे भी आगे निकल गया है। एक बार आप गॉडमैन बन गए तो आप कानून के दायरे से बाहर हो जाते हैं। कोई जवाबदेही नहीं रहती। कितने एकड़ का आश्रम है, कितनी लाखों रुपए की दैनिक आय है, कितनी दर्जनों लग्जरी कारें हैं, कितना आलीशान बंगला है, सब कानून के दायरे से बाहर हैं। आयकर विभाग भी नहीं पहुंचता। रामपाल की तो अपनी आर्मी भी थी। आम आदमी की भटकन का यह लोग खूब इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि इस देश में नादानों और बेवकूफों की कमी नहीं है इसलिए इनकी मान्यता लाखों में फैल जाती है। […]

अगर नेहरू न होते

November 19, 2014 Chander Mohan 0

अगर नेहरू न होते? हम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती मना कर हटे हैं पर अफसोस है कि जैसा अकसर इस देश में होता है, मामला विवादों में फंस गया है। कांग्रेस पार्टी दो दिन का जो आयोजन कर रही है उसमें कुछ नेताओं को बुलाया गया है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निमंत्रण नहीं दिया गया। ऐसा कर कांग्रेस का नेतृत्व (सोनिया परिवार) अनावश्यक चिड़चिड़ापन तथा अहंकार प्रकट कर रहा है। जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे केवल कांग्रेस पार्टी के नहीं इसी तरह नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं केवल भाजपा के नहीं। कांग्रेस पार्टी तुच्छ राजनीति कर रही है। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू तथा सरदार वल्लभ भाई पटेल वह तीन नेता थे जिन्होंने मिल कर आजादी […]