एक गैर जरूरी बहस

November 5, 2013 Chander Mohan 2

एक गैर जरूरी बहस आजकल जो बहस चल रही है कि क्या जवाहरलाल नेहरू बड़े नेता थे या सरदार पटेल को मैं बिलकुल गैर जरूरी समझता हूं। नरेन्द्र मोदी का कहना है कि अगर पटेल पहले प्रधानमंत्री होते तो देश की तस्वीर ही अलग होती। यह बात तो सही है कि नेहरू तथा पटेल की विचारधारा अलग-अलग थी लेकिन क्या होता, क्या न होता, इसके बारे क्या कहा जा सकता है? पटेल का देहांत दिसम्बर 1950 में हो गया था। अर्थात् आजादी मिलने के कुछ ही वर्ष बाद 63 साल पहले वे चल बसे। लेकिन आजादी के लिए संघर्ष तथा उसके बाद देश को संभालने के लिए उनका योगदान इतना था कि लोग आज भी उन्हें याद रखते हैं। जवाहरलालजी […]

राजनीति की आतिशबाजी

November 3, 2013 Chander Mohan 0

राजनीति की आतिशबाजी दीवाली के इन दिनों हमारी राजनीति में केवल पटाखे ही नहीं बम भी फट रहे हैं। खूब आतिशबाजी हो रही है और दुर्भाग्यवश राजनीतिक प्रदूषण भी पैदा हो रहा है। लोग सभी पक्षों की बात सुनना चाहते हैं। यह उनका अधिकार भी बनता है कि उनके सामने सब अपनी अपनी बात रखें और जनता इन को सुनने के बाद अपना फैसला दे। इब्राहिम लिंकन ने कहा था, ‘मुझे लोगों में पूरा विश्वास है। अगर उनके सामने सच्चाई रखी जाए तो वे किसी भी संकट का सामना कर सकते हैं। असली बात है कि उनके सामने तथ्य रखे जाएं।’ असली बात यही है कि उनके सामने तथ्य रखे जाएं पर यही इस देश में नहीं हो रहा। किसी […]

दहशत में राजनीति

October 29, 2013 Chander Mohan 0

 दहशत में राजनीति यह सौभाग्य ही कहा जाएगा कि पटना में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली में हुए बम विस्फोट के बाद भगदड़ नहीं मची और लोगों ने संयम के साथ नरेंद्र मोदी का भाषण सुना लेकिन यह साफ है कि 2014 के राजनीतिक अभियान ने हिंसक तथा दहशत भरा मोड़ ले लिया है। केंद्र तथा प्रादेशिक सरकार को एकदम सतर्क तथा सावधान हो जाना चाहिए। विशेष तौर पर नरेंद्र मोदी की वही एसपीजी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए जो सोनिया गांधी या राहुल गांधी की है। सब जानते हैं कि वह आतंकवादियों के निशाने पर हैं इसलिए किसी भी चूक की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। केंद्रीय सरकार को राजनीति से ऊपर उठ कर इस मामले में सही निर्णय […]

उमर को चानन हो रहा है!

October 27, 2013 Chander Mohan 0

उमर को चानन हो रहा है! ‘हम नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नज़दीक रह रहे नागरिकों के व्यापक हित को देखते हुए बुलेट से बदला नहीं लेना चाहते पर इसका यह अर्थ नहीं कि बुलेट का जवाब बुलेट नहीं हैं।’ यह शब्द जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हैं। यह वही उमर अब्दुल्ला है जो पाकिस्तान के साथ वार्ता के बहुत समर्थक रहे हैं और जिनका मानना था कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को विशेष अधिकार देने वाले कानून (एएफएसपीए) की अब जरूरत नहीं। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से न केवल नियंत्रण रेखा बल्कि अब अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भी गोलाबारी जिसके कारण जम्मू-कश्मीर में सीमा से लगते क्षेत्रों से लोगों को पलायन करना पड़ रहा है, से परेशान उमर […]

‘गांधी-थकावट’ से पीड़ित है यह देश

October 23, 2013 Chander Mohan 2

 ‘गांधी-थकावट’ से पीड़ित है यह देश कांग्रेस पार्टी अधिकृत तौर पर इस बात का सख्ती से प्रतिवाद कर चुकी है लेकिन कांग्रेस के अंदर से यह आवाज़ उठनी बंद नहीं हो रही कि प्रियंका गांधी वाड्रा को राजनीति के मैदान में उतारा जाए।  इस मांग से दो तीन बीतें निकल रही हैं। एक कि ज़मीनी स्तर पर कांग्रेस के नेता तथा कार्यकर्ता पार्टी की हालत के बारे चिंतित हैं। उन्हें सत्ता की आदत पड़ गई है अब घबराहट है कि यह हाथ से निकल न जाए। दूसरा, वह ‘भईया’ के नेतृत्व से असंतुष्ट हैं। समझ गए हैं कि वे ‘भार’ उठाने में सफल नहीं रहे। राहुल मेहनत बहुत कर रहे हैं देश भर के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कहीं […]

सपनों का सोना?

October 19, 2013 Chander Mohan 0

सपनों का सोना? यह हैरान करने वाली बात है कि आज के युग में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में 19वीं शताब्दी के एक किले में देश का पुरातत्व विभाग सोने की खोज में इसलिए खुदाई कर रहा है क्योंकि एक साधु ने सपना देखा है कि वहां 1000 टन सोना दबा हुआ है। यह भी मालूम नहीं कि संत शोभन ने 1000 टन का सपना कैसे देख लिया? यह एक टन भी तो हो सकता है? बस एक सपना और वहां मेला लग गया है। पुरातत्व विभाग जब खुदाई करता है तो पहले जांच करता है। ऐसे यंत्र हैं जो बता सकते हैं कि क्या वास्तव में नीचे धातु है या नहीं? लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं किया गया। […]