पहाड़ अब और बोझ नहीं उठा सकते, Hills Can’t Hold The Burden

August 31, 2023 Chander Mohan 0

शिमला में अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट जिसका काम शहर का योजनाबद्ध विकास करना है, की अपनी बहुमंज़िला इमारत को ख़ाली करवा लिया गया है क्योंकि इमारत असुरक्षित है। यह इमारत एक नाले के उपर बनाई गई है और जंगल के बीच है। अर्थात् जिनका काम शहर का सही विकास करवाना है खुद ही नियमों का उल्लंघन कर रहें हैं। शिमला की जो तबाही हुई है उसमें बड़ा हाथ विभिन्न सरकारों का है। मॉल रोड के ठीक बीच सीमेंट की भारी भरकम इमारत  इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी नाले पर  बनाई गई है। इसी तरह हाईकोर्ट, सचिवालय और इंदिरा गांधी मैडिकल कालेज और अस्पताल की ऊँची इमारतें हैं जो किसी बड़े धक्के के समय ताश के घर की तरह ढह जाएँगी। दूसरी […]

कांग्रेस का बेवजह एतराज़, Congress Complains Unnecessarily

August 24, 2023 Chander Mohan 0

जवाहर लाल नेहरू देश के महानतम प्रधानमंत्री थे। यह बात पहले भी मैं कई बार लिख चुका हूँ आज फिर दोहरा रहा हूँ कि अगर नेहरू विभाजन से त्रस्त लडखडाते लगभग कंगाल भारत को न सम्भालते तो शायद हमारा हश्र पाकिस्तान जैसा होता। गांधीजी की हत्या 30 जनवरी 1948 को हो गई और सरदार पटेल का देहांत 15 दिसम्बर 1950 को हो गया। अर्थात् जिस त्रिमूर्ति ने हमारी आज़ादी की लडांई का नेतृत्व किया उसमें से 1951 में केवल नेहरू बचे थे। योजना आयोग से लेकर भाखड़ा डैम, आईआईटी, आईआईएम, एम्स, भाभा परमाणु संस्थान, इसरो बहुत कुछ की नींव  नेहरू के समय  डाली गई।  यह सब उस वकत हुआ जब हम बहुत पिछड़े हुए थे। संसदीय लोकतंत्र की स्वस्थ परम्परा […]

2024: रेस शुरू हो रही है, 2024: The Race Begins

August 17, 2023 Chander Mohan 0

जैसी सम्भावना थी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव गिर गया। विपक्ष का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बुलाना चाहते थे और मणिपुर के बारे विचार रखने के लिए मजबूर करना  चाहते थे। इनका यह सीमित लक्ष्य तो पूरा हो गया पर लोकसभा में लम्बी और कई बार उबाऊ बहस सुनने के बाद कह सकता हूँ कि दोनों विपक्ष और सत्तापक्ष ने ही देश के साथ न्याय नहीं किया। बहस के बाद यह अहसास है कि जैसे हम ख़ाली हाथ रह गए, कुछ भी प्राप्त नहीं किया।  राहुल गांधी ने उस समय भाषण दिया जब भारत जोड़ों यात्रा के कारण और जिस तरह हड़बड़ी में उनकी सदस्यता छीन ली गई थी और यहाँ तक […]

क्या कश्मीर में ‘कश्मीरियत’ बहाल होगी ?

August 10, 2023 Chander Mohan 0

पिछले लेख में मैंने अमरनाथ यात्रा का ज़िक्र किया था। अब तक लगभग 4 लाख यात्री दर्शन कर चुकें हैं। हर साल यात्रा का सफल आयोजन देश का संकल्प भी व्यक्त करता है। इस बार भी चप्पे चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात थे। यात्रा के कारण यातायात में भारी रूकावट भी आती है। श्रीनगर से पहलगाम के रास्ते में हमें एक घंटा अधिक लग गया क्योंकि जब यात्रा का क़ाफ़िला गुजर रहा होता है तो दूसरी तरफ़ से ट्रैफ़िक रोक दिया जाता है। यह रास्ता भी पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग के क्षेत्रों से गुजरता है जो आतंकवाद के लिए कुख्यात हैं इसलिए अत्यंत सावधानी बरती जाती है। पुलवामा विशेष तौर पर सुर्ख़ियों में रहा क्योंकि वहाँ फ़रवरी 2019 में हमारे […]

कश्मीर, एक बार फिर , Kashmir, Once Again

August 3, 2023 Chander Mohan 0

कश्मीर मैं पहली बार तब गया था जब बक्शी गुलाम मुहम्मद वहाँ ‘प्रधानमंत्री’ थे। शायद 1954-55 की बात है। बक्शी गुलाम मुहम्मद जो शेख़ अब्दुल्ला के उपप्रधानमन्त्री थे ने सदर-ए-रियासत डा. कर्ण सिंह की मदद से  शेख़ साहिब का तख्ता पलट दिया था और  उनकी जगह ले ली थी। शेख़ अब्दुल्ला 11 साल घर में नज़रबंद रहें क्योंकि वह कश्मीर की आज़ादी के सपने देखने लग पड़े थे। मैं दूसरी बार कालेज के दिनों में गया था  और श्रीनगर में फ़िल्म आरज़ू (राजेंद्र कुमार, साधना, फ़िरोज़ खान) की शूटिंग देखी थी। फिर 1978 में परिवार और दोस्तों के साथ श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम की यात्रा की थी। पहलगाम में हम  लिद्दर नदी के किनारे टैंट में रहे थे। उसके बाद […]

मणिपुर की चीत्कार: क्या कोई सुन रहा है? The Pain Of Manipur: Is Anyone Listening?

July 27, 2023 Chander Mohan 0

इस देश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार होते रहते हैं। यह केवल एक प्रदेश या एक क्षेत्र तक सीमित भी नहीं हैं पर  मणिपुर में दो महिलाओं के साथ जो हुआ वह तो पाशविकता और क्रूरता की हर हद  पार कर गया हैं। हम चरित्रहीनता के  सभी रिकॉर्ड पार कर गए हैं। 16 दिसम्बर 2012 का निर्भया कांड याद आता है अंतर यह है कि 4 मई को मणिपुर में जो घटा वह सारे देश ने देख लिया, और सारी दुनिया ने देख लिया। दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सरेआम घुमाया गया।  फिर एक के साथ खुलेआम गैंगरेप किया गया। एक पीड़िता ने बताया है कि पुलिस भीड़ के साथ थी और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। एक […]