Shame Mufti Muhammed Shame!

April 14, 2015 Chander Mohan 0

शेम! मुफ्ती मुहम्मद, शेम! कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद पलट गए हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ अपनी वार्ता में उन्होंने आश्वासन दिया था कि कश्मीरी पंडितों की अलग कालोनी के लिए जमीन अधिगृहित की जा रही है पर विधानसभा में उनका कहना था कि अलग टाउनशिप नहीं बनाई जाएगी। उनका कहना था, ‘कश्मीरी पंडित अलग अलग हो कर नहीं रहना चाहते। हम भी इजरायल की तरह यहां अलग बस्ती बसाना नहीं चाहते। राज्य में माहौल खराब करने के लिए यह अफवाह फैलाई जा रही है।’ यह कह कर कि वह अलग नहीं रहना चाहते जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने साबित कर दिया कि उनका कश्मीरी पंडितों से कोई सम्पर्क नहीं। कश्मीरी […]

Maut ke saudagar

April 11, 2015 Chander Mohan 0

मौत के सौदागर प्रधानमंत्री मोदी ने सिगरेट के पैकेट के 60 प्रतिशत हिस्से पर चेतावनी छापने का निर्देश दिया है। इस वक्त 40 प्रतिशत हिस्से पर यह चेतावनी है। पहले भारत सरकार इसे 85 प्रतिशत हिस्से तक करना चाहती थी जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी प्रशंसा भी हुई लेकिन तम्बाकू लॉबी के दबाव में 60 प्रतिशत हिस्से पर ही चेतावनी छापने पर समझौता कर लिया गया लगता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माना जाता है कि सिगरेट तथा तम्बाकू कैंसर पैदा करते हैं लेकिन तीन भाजपा सांसदों का कहना था कि भारत में सिगरेट तथा कैंसर के सीधे सम्बन्ध का कोई सर्वेक्षण नहीं हुआ। अफसोस की बात है कि भाजपा में ऐसे सांसद भरे हुए हैं जो ऊटपटांग बयान देने […]

Rao ka punarvas

April 7, 2015 Chander Mohan 0

राव का पुनर्वास नेताओं की याद में दिल्ली में यमुना का एक किनारा तो मरणघाट में परिवर्तित हो चुका है। क्या नेताओं को याद करने का और बेहतर तरीका नहीं हो सकता? उनके नाम पर विश्वविद्यालय, कालेज, स्कूल या अस्पताल बनाए जा सकते हैं लेकिन उनके परिवारजनों को या तो यमुना किनारे स्मारक चाहिए या वह चाहते हैं कि लयूटन की नई दिल्ली में किसी सरकारी बंगले को स्मारक बना दिया जाए। अर्थात् सब कुछ करदाता बर्दाश्त करे। महात्मा गांधी या प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की याद में स्मारक बनाना तो समझ आता है पर यहां तो हम अजीत सिंह तथा उनके समर्थकों का असफल और अशोभनीय संघर्ष देखकर हटे हैं जो उस सरकारी बंगले को स्मारक बनाना चाहते […]

Rajniti ke rang -by Chander Mohan

April 4, 2015 Chander Mohan 0

राजनीति के रंग राजनीति में एक दूसरे पर टिप्पणी करने की इज़ाजत है। चर्चिल विशेष तौर पर अपने विरोधियों को अपमानित करने में माहिर थे। एक बार उन्होंने एक महिला सहयोगी से कहा था, I may be drunk, Miss, but in the morning I will be sober and you will still be ugly अर्थात् इस समय चाहे मैं शराबी हालत में हूं पर सुबह यह उतर जाएगी पर तुम फिर भी बदसूरत ही रहोगी! ऐसी उनकी संस्कृति है। हमारे यहां भी इंदिरा गांधी को ‘गूंगी गुडिय़ा’ कहा गया था जिसका उन्होंने भी खूब राजनीतिक जवाब दिया। सोनिया गांधी नरेन्द्र मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कह चुकी हैं जिसका उपयुक्त जवाब उन्हें भी मिल चुका है। अभद्र या अपमानजनक टिप्पणी की भी […]

Aks butt jayega tera bhi! -by Chander Mohan

March 31, 2015 Chander Mohan 0

अक्स बंट जाएगा तेरा भी! अरविंद केजरीवाल बेंगलुरू के जिंदल नेचर क्योर क्लिनिक से तंदरुस्त तथा तरोताज़ा होकर लौटे हैं पर यही हाल उनकी पार्टी का नहीं है। पार्टी में तो गंभीर फ्रैक्चर हो गया है। अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण तथा योगेन्द्र यादव वह त्रिमूर्ति है जिसने आप को बनाया था, इसे वैचारिक दिशा दी थी। अब भूषण तथा यादव को बाहर निकाला जा रहा है। जिन आदर्शों को लेकर पार्टी खड़ी की गई थी वह खत्म हो गए लगते हैं। लोकतंत्र, सुशासन, स्वराज, पारदर्शिता सब एक तरफ छोड़ कर अरविंद केजरीवाल एक मिनी तानाशाह बनते जा रहे हैं। सब कुछ ‘मैं’ है। प्रशांत भूषण तथा योगेन्द्र यादव का कसूर भी क्या है इसके सिवाय कि उन्होंने केजरीवाल के काम […]

Takht ya Takhta! -by Chander Mohan

March 27, 2015 Chander Mohan 0

तख्त या तख्ता! भारत क्रिकेट के विश्व कप से बाहर हो गया और सारा देश शोक में डूब गया। केवल देश ही नहीं प्रवासी भारतीयों ने भी सर पकड़ लिया। जिन्होंने अपने अंदर जीत का उन्माद पैदा कर लिया था उन्होंने यह नहीं सोचा कि भारत हार भी सकता है। जीत का तर्क ही नहीं बनता था। हम पिछले साल दिसम्बर में आस्ट्रेलिया पहुंचे थे तब से लेकर आज तक हम एक भी मैच में उन्हें पराजित नहीं कर सके। देश प्रेम की भावना में बह कर हम भूल गए कि आस्ट्रेलिया में आस्ट्रेलिया को हराना सदा ही मुश्किल रहा है। हां, क्रिकेट में चमत्कार होते हैं पर 329 रन बनाना कभी भी आसान न रहता। यह नहीं कि इस […]